पृष्ठ 92 पर आठ खाने बने हैं। हर खाने में एक प्राणी का वह नाम लिखना है, जिससे आप उसे पुकारते हैं।
पहले पत्र में से प्राणियों के नाम छाँट लीजिए। पत्र में ये नाम आए हैं — हिरण, जंगली भैंसा, गैंडा (एक सींग वाला/इंडियन राइनो), हाथी, जंगली सूअर, ऊदबिलाव, रॉयल बंगाल टाइगर, पेलिकन, सारस, बगुला, कलहोन, तथा चार तरह के हिरण — भौंकने वाला हिरण, बौना सूअर हिरण, दलदली हिरण और साँभर हिरण।
नमूना उत्तर — आठों खाने भरे हुए:
| खाना | पत्र में जो नाम आया है | हम इसे जिस नाम से पुकारते हैं |
|---|---|---|
| खाना 1 | गैंडा (इंडियन राइनो) | गैंडा — हमारे यहाँ इसी नाम से पुकारा जाता है। पत्र में इसे ‘एक सींग वाला गैंडा’ भी कहा गया है। |
| खाना 2 | हाथी | हाथी — घर में बड़े इसे प्यार से ‘गजराज’ भी कह देते हैं। मादा को ‘हथिनी’ कहते हैं। |
| खाना 3 | हिरण | हिरन — बोलचाल में हम ‘हिरन’ ही बोलते हैं। किताबों में ‘मृग’ भी आता है। |
| खाना 4 | जंगली भैंसा | भैंसा — खेतों वाले भैंसे को हम ‘भैंसा’ और मादा को ‘भैंस’ कहते हैं। |
| खाना 5 | रॉयल बंगाल टाइगर | बाघ — बोलचाल में बहुत लोग इसे ‘शेर’ भी कह देते हैं, यद्यपि बाघ और शेर अलग-अलग पशु हैं। |
| खाना 6 | जंगली सूअर | सूअर — हमारे यहाँ ‘जंगली सूअर’ कहकर ही बुलाया जाता है। |
| खाना 7 | बगुला | बगुला — खेत में पानी भर जाने पर ये सफ़ेद पक्षी आ जाते हैं। कुछ लोग ‘बगला’ भी बोलते हैं। |
| खाना 8 | सारस | सारस — लंबी टाँगों और लंबी गरदन वाला बड़ा पक्षी। हमारे यहाँ इसे इसी नाम से जानते हैं। |
ये नाम भी काम आ सकते हैं —
| पत्र का शब्द | हिंदी में इसे और किस नाम से कहते हैं |
|---|---|
| पेलिकन | हवासील |
| ऊदबिलाव | ऊद, ऊदबिलाव — पानी में रहने वाला बिलाव जैसा जीव |
| साँभर हिरण | साँभर — सबसे बड़ा भारतीय हिरण |
| दलदली हिरण | बारहसिंगा — इसी का नाम मानचित्र में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के साथ भी आया है |