कक्षा ५ हिंदी अध्याय 8 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा कविता नहीं, गद्य है। और यह साधारण गद्य भी नहीं — यह एक पत्र है। पत्र यानी चिट्ठी। इसकी शुरुआत “प्रिय बच्चो,” से होती है और अंत “तुम्हारे चाचा — अरूप” से। पाठ के अंत में, पृष्ठ 87 पर रचनाकार का नाम छपा है — अरूप कुमार दत्ता । उसके नीचे लिखा है “(रत्न सागर प्रकाशन से साभार)”, यानी यह अंश उसी प्रकाशन की पुस्तक से लिया गया है। पत्र की पहली ही पंक्ति बता देती है कि यह कहाँ से लिखा गया — “यह पत्र मैं तुम्हें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लिख रहा हूँ।” काजीरंगा उद्यान असम में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है। तट यानी नदी का किनारा। वहाँ विभिन्न प्रकार के पशु और पक्षी हैं। पहले दिन की यात्रा हाथी पर चढ़कर हुई। इसके लिए बहुत सवेरे उठना पड़ा — तब सूरज भी नहीं निकला था। उद्यान में सैकड़ों पशु थे। हिरण और जंगली भैंसों के कई झुंड आराम से घास चर रहे थे। उनमें कुछ एक स
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | पाठ की पंक्ति | अपने वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय उद्यान | सरकार द्वारा पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों की रक्षा के लिए सुरक्षित रखा गया क्षेत्र | “यह पत्र मैं तुम्हें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लिख रहा हूँ।” | हम गरमी की छुट्टी में एक राष्ट्रीय उद्यान देखने गए। |
| तट | नदी या झील का किनारा | “काजीरंगा उद्यान असम में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है।” | शाम को हम नदी के तट पर बैठे रहे। |
| विभिन्न | अलग-अलग तरह के | “यहाँ विभिन्न प्रकार के पशु व पक्षी हैं।” | मेले में विभिन्न प्रकार के खिलौने सजे थे। |
| झुंड | पशुओं या पक्षियों का समूह | “हिरण और जंगली भैंसों के कई झुंड आराम से घास चर रहे थे।” | आसमान में पक्षियों का झुंड उड़ता जा रहा था। |
| चरना | पशुओं का घास खाना | “कई झुंड आराम से घास चर रहे थे।” | गाय खेत की मेड़ पर घास चर रही है। |
| संदेह | शक; यह भरोसा न होना कि सामने वाला ठीक है | “हिरणों और भैंसों ने हमें संदेह की दृष्टि से देखा।” | अनजान आदमी को देखकर कुत्ते ने संदेह की दृष्टि से देखा। |
| दृष्टि | नज़र, देखने का ढंग | “हमें संदेह की दृष्टि से देखा और अलग हट गए।” | माँ ने मुझे प्यार भरी दृष्टि से देखा। |
| जमे रहना | अपनी जगह से हिलना ही नहीं | “पर गैंडे वहीं जमे रहे।” | भीड़ हट गई, पर वह अपनी जगह जमा रहा। |
| इंडियन राइनो | भारतीय गैंडा; एक सींग वाला गैंडा | “इसको इंडियन राइनो (भारतीय गैंडा) भी कहते हैं।” | इंडियन राइनो केवल भारत और नेपाल में पाया जाता है। |
| कवच | लोहे का वह पहनावा जो युद्ध में शरीर को बचाता है | “मोटी तह होती है, जैसे वह कवच पहने हो।” | योद्धा कवच पहनकर युद्ध में गया। |
| रणक्षेत्र | युद्ध का मैदान | “हाथी के बदले गैंडे को रणक्षेत्र में भेजा जाए।” | रणक्षेत्र में बड़े-बड़े वीर आमने-सामने थे। |
| अभ्यास | बार-बार करके सीखना | “उन्होंने उसे कवच पहनाकर अभ्यास कराया।” | रोज़ अभ्यास करने से लिखावट सुधर जाती है। |
| निर्देश | बताई गई बात; आदेश | “पर गैंडा निर्देशों का पालन न कर सका।” | शिक्षक के निर्देश ध्यान से सुनिए। |
| महावत | हाथी को चलाने और सँभालने वाला | “इस पर हमारे महावत ने एक रुचिकर कथा सुनाई।” | महावत ने हाथी को नदी में नहलाया। |
| रुचिकर | जो सुनने में अच्छा लगे, मन लगे | “महावत ने एक रुचिकर कथा सुनाई।” | दादी की कहानियाँ बहुत रुचिकर होती हैं। |
| शिकार | पशु-पक्षी को मारना | “लोगों ने राइनो के सींग पाने के लिए उनका शिकार किया।” | शिकार करना अब कानून से मना है। |
| औषधि | दवा | “लोग यह मानते थे कि सींग में औषधि-संबंधी गुण हैं।” | तुलसी को औषधि की तरह भी काम में लाते हैं। |
| सिद्ध करना | प्रमाण देकर बात साबित करना | “वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया कि सींग में ऐसा कुछ नहीं है।” | उसने प्रयोग करके अपनी बात सिद्ध कर दी। |
| शिशु | बच्चा | “शिशु साथ में हो तो मादा राइनो हिंसक हो जाती है।” | बंदरिया अपने शिशु को छाती से चिपकाए रहती है। |
| हिंसक | जो मारने-काटने पर उतर आए | “मादा राइनो (गैंडा) हिंसक हो जाती है।” | घायल पशु कभी-कभी हिंसक हो जाता है। |
| दलदली | कीचड़ और पानी वाली ज़मीन का | “भौंकने वाले हिरण, बौने सूअर हिरण, दलदली हिरण और साँभर हिरण।” | दलदली ज़मीन पर पैर धँस जाते हैं। |
| शीघ्र | जल्दी | “हमारी यात्रा शीघ्र समाप्त हो गई।” | वर्षा होते ही हम शीघ्र घर लौट आए। |
| वन संरक्षक | जंगल और उसके जीवों की रक्षा करने वाला अधिकारी | “साथ में वन संरक्षक भी था।” | वन संरक्षक ने हमें जंगल के नियम बताए। |
| बील | असम में झील को कहते हैं | “ड्राइवर हमें एक बील यानी झील की ओर ले गया।” | बील का पानी शांत और साफ़ था। |
| पेलिकन | एक बड़ा जल पक्षी, जिसकी चोंच के नीचे थैली-सी होती है | “पेलिकन (एक जल पक्षी), सारस, बगुला और कलहोन इत्यादि।” | पेलिकन पानी में तैरते हुए मछली पकड़ता है। |
| ऊदबिलाव | पानी के किनारे रहने वाला एक चतुर जीव, जो बहुत अच्छा तैरता है | “बील के पानी में कुछ ऊदबिलाव भी उछल-कूद कर रहे थे।” | ऊदबिलाव पानी में मछली के पीछे तैरता है। |
| भाग्य खुलना | अचानक बहुत अच्छी बात हो जाना | “लौटते समय तो हमारे भाग्य ही खुल गए।” | खोई हुई घड़ी मिल गई — मानो भाग्य ही खुल गया। |
| निगरानी | देखभाल, पहरा | “एक विशाल हाथी खड़ा निगरानी करता रहा।” | बड़े भाई की निगरानी में हम नदी तक गए। |
| मांसाहारी | माँस खाने वाला | “काजीरंगा में मांसाहारी रॉयल बंगाल टाइगर भी हैं।” | बाघ और शेर मांसाहारी पशु हैं। |
| अद्भुत | बहुत अनोखा, जैसा पहले कभी न देखा हो | “कुल मिलाकर यह एक अद्भुत अनुभव रहा।” | बर्फ़ गिरते देखना मेरे लिए अद्भुत अनुभव था। |
| प्रजाति | एक ही तरह के जीवों का वर्ग | “अलग-अलग प्रजाति के पशु शांति से संग-संग रहते हैं।” | इस जंगल में तितलियों की कई प्रजातियाँ हैं। |
| भाईचारा | आपस में भाइयों जैसा प्रेम | “शांति और भाईचारे से संग-संग रहते हैं।” | हमारे मुहल्ले में सब भाईचारे से रहते हैं। |
| वन्य | जंगल का, जंगल में रहने वाला | “हम अपने वन्य-साथियों से बहुत कुछ सीख सकते हैं।” | वन्य जीवों को परेशान नहीं करना चाहिए। |
| लुप्तप्राय | जो समाप्त होने के कगार पर हो, जिसकी गिनती बहुत घट गई हो | “दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों का घर” | गिद्ध अब लुप्तप्राय पक्षी माना जाता है। |
| अभयारण्य | वह जंगल जहाँ पशु-पक्षी बिना डर के रह सकें | “सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान (बाघ अभयारण्य)” | हम पास के पक्षी अभयारण्य में सारस देखने गए। |
| फुमदी | लोकतक झील में तैरते हुए जलीय घास के बड़े-बड़े हिस्से | “घनी जलीय घास के बड़े-बड़े हिस्से तैरते रहते हैं जिन्हें ‘फुमदी’ कहते हैं।” | फुमदी पर बैठे मछुआरे दूर से द्वीप जैसे दिखते हैं। |
| उद्गम स्थान | वह जगह जहाँ से नदी निकलती है | “कूर्ग कावेरी नदी का उद्गम स्थान भी है।” | गंगा का उद्गम स्थान गंगोत्री है। |
अभ्यास
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