‘घूमो-देखो’ में दो स्थानों का परिचय है —
| क्रम | स्थान | राज्य | पुस्तक में छपा शीर्षक | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|
| 1 | लोकतक झील | मणिपुर | “लोकतक झील — मणिपुर” | 97 |
| 2 | कूर्ग (कोडागु) | कर्नाटक | “हरे-भरे पहाड़ों की नगरी — कूर्ग (कर्नाटक)” | 98 |
अद्यतन2026-09-19
‘घूमो-देखो’ में दो स्थानों का परिचय है —
| क्रम | स्थान | राज्य | पुस्तक में छपा शीर्षक | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|
| 1 | लोकतक झील | मणिपुर | “लोकतक झील — मणिपुर” | 97 |
| 2 | कूर्ग (कोडागु) | कर्नाटक | “हरे-भरे पहाड़ों की नगरी — कूर्ग (कर्नाटक)” | 98 |
लोकतक झील में घनी जलीय घास के बड़े-बड़े हिस्से पानी पर तैरते रहते हैं। दूर से देखने पर लगता है कि झील का एक हिस्सा तैर रहा है — इसीलिए इसे भारत की ऐसी एकमात्र ताजा पानी की झील कहा गया है जो तैरती हुई दिखाई देती है।
इन्हीं तैरते हुए घास के हिस्सों को ‘फुमदी’ कहते हैं।
फुमदी के बारे में रचना जो-जो बताती है —
| बात | रचना में क्या लिखा है |
|---|---|
| फुमदी क्या है | घनी जलीय घास के बड़े-बड़े हिस्से, जो झील पर तैरते रहते हैं |
| उस पर कौन रहता है | मछुआरे उन पर अपनी झोंपड़ी बनाकर रहते हैं |
| सबसे बड़ा फुमदी | 40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल का द्वीप |
| उस पर क्या है | भारत तथा विश्व का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क — जिसे ‘केईबुल लामजाओ’ कहते हैं |
| फुमदी में क्या पाया जाता है | भारतीय वैज्ञानिकों के अनुसार बहु-एंजाइम उत्पादक जीवाणु, और पौधों की वृद्धि के लिए उपयोगी रसायन |
| वहाँ कौन-सा पशु दिखता है | मणिपुर का राज्य पशु — ‘संगई हिरण’ |
कूर्ग — जिसे कोडागु भी कहते हैं — कर्नाटक का एक प्रशासनिक ज़िला है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।
| कूर्ग किसके लिए प्रसिद्ध है | रचना में क्या लिखा है |
|---|---|
| प्राकृतिक सुंदरता | “एक बहुत सुंदर पर्यटन स्थल है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।” |
| हरे-भरे पहाड़ और जंगल | “यहाँ के हरे-भरे पहाड़, घने जंगलों, मसालों और चाय-कॉफी के बागानों से भरे पड़े हैं।” |
| शांत वातावरण | “कूर्ग अपने शांत वातावरण तथा सुंदरता के लिए पर्यटकों के मनपसंद स्थलों में से एक है।” |
| सुहावना मौसम | “यहाँ का मौसम अधिकतर सौम्य ही रहता है। गरमी के मौसम में भी यहाँ का तापमान अधिक नहीं रहता।” |
| मंडलपट्टी पहाड़ी | “मंडलपट्टी पहाड़ी की ऊँचाई से आप आकाश में घूमते बादलों को समीप से देखने का आनंद उठा सकते हैं।” |
| कावेरी नदी का उद्गम | “कूर्ग कावेरी नदी का उद्गम स्थान भी है।” |
| अभयारण्य और वन्य जीव | “ब्रह्मगिरि तथा पुष्पगिरि अभयारण्य अनेक दुर्लभ पशु-पक्षियों के घर हैं।” |
कूर्ग की तीन तालुक (क्षेत्र) — मदिकेरी, सोमवारपेट और विराजपेट।
वहाँ के पशु-पक्षी, जो रचना में गिनाए गए हैं —
| पशु | पक्षी |
|---|---|
| एशियाई हाथी, चित्तीदार हिरण, सांभर हिरण, गौर (भारतीय बाइसन) | ग्रे होर्नबिल, नीलगिरि फ्लाईकैचर, पन्ना कबूतर |
तीनों में एक ही बात साझा है — तीनों जगह प्रकृति और वन्य जीवों को सँभालकर रखा गया है, और तीनों की अपनी एक अनोखी पहचान है।
| बात | काजीरंगा (असम) | केईबुल लामजाओ (मणिपुर) | कूर्ग (कर्नाटक) |
|---|---|---|---|
| कहाँ है | ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर | लोकतक झील के फुमदी द्वीप पर | पश्चिमी घाट के हरे-भरे पहाड़ों में |
| अनोखी पहचान | एक सींग वाला गैंडा — इसी के कारण पूरे संसार में प्रसिद्ध | भारत तथा विश्व का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क | कावेरी नदी का उद्गम स्थान; मंडलपट्टी से बादल पास दिखते हैं |
| कौन-सा खास जीव | एक सींग वाला गैंडा, बाघ, हाथी, चार तरह के हिरण | मणिपुर का राज्य पशु — संगई हिरण | एशियाई हाथी, चित्तीदार हिरण, सांभर, गौर |
| पानी का साथ | नदी और बील (झील) | पूरी झील ही उसका घर है | नदी यहीं से जन्म लेती है |
| लोग वहाँ क्यों जाते हैं | पशु-प्रेमी गैंडा देखने आते हैं | तैरती झील और फुमदी देखने | पहाड़, बागान और शांत वातावरण के लिए |
तालिका के सभी खाने रचना की पंक्तियों से भरे गए हैं। एक भी खाना खाली नहीं छोड़ा गया।
| स्थान | राज्य | किस बात के लिए प्रसिद्ध | एक विशेष जानकारी | वहाँ का खास जीव |
|---|---|---|---|---|
| लोकतक झील | मणिपुर | भारत की एकमात्र ऐसी ताजा पानी की झील, जो तैरती हुई दिखाई देती है | इसमें ‘फुमदी’ नाम के तैरते घास-द्वीप हैं; सबसे बड़ा फुमदी 40 वर्ग किलोमीटर का है और उसी पर विश्व का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क ‘केईबुल लामजाओ’ है। फुमदी पर मछुआरे झोंपड़ी बनाकर रहते हैं। | संगई हिरण — मणिपुर का राज्य पशु |
| कूर्ग (कोडागु) | कर्नाटक | प्राकृतिक सुंदरता — हरे-भरे पहाड़, घने जंगल, मसालों तथा चाय-कॉफी के बागान और शांत वातावरण | यह कर्नाटक का एक प्रशासनिक ज़िला है और तीन तालुकों से मिलकर बना है — मदिकेरी, सोमवारपेट और विराजपेट। यह कावेरी नदी का उद्गम स्थान भी है, और मंडलपट्टी पहाड़ी से बादल पास से देखे जा सकते हैं। | एशियाई हाथी, चित्तीदार हिरण, सांभर हिरण, गौर (भारतीय बाइसन); पक्षियों में ग्रे होर्नबिल, नीलगिरि फ्लाईकैचर और पन्ना कबूतर |
| काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (पाठ से, तुलना के लिए) |
असम | एक सींग वाले गैंडे के लिए — “इसी पशु के कारण काजीरंगा पूरे संसार में प्रसिद्ध हो गया है।” | यह ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है। दुनिया के आधे से अधिक भारतीय गैंडे यहीं रहते हैं, इसलिए पूरे संसार से पशु-प्रेमी यहाँ आते हैं। | एक सींग वाला गैंडा (इंडियन राइनो), रॉयल बंगाल टाइगर, जंगली हाथी, जंगली भैंसा और चार तरह के हिरण |