कक्षा ५ हिंदी अध्याय 8 बातचीत के लिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए। इसमें कौन-से पशु-पक्षी दिखाए गए हैं?

पहली पंक्ति — (1) हरे पानी में खड़ा एक सफ़ेद और काले पंखों वाला जल-पक्षी, जिसकी लंबी गुलाबी चोंच के नीचे थैली जैसी बनावट है। (2) जंगल के रास्ते पर चलता हुआ एक बहुत बड़ा स्लेटी जानवर, जिसके कान बड़े-बड़े हैं और एक लंबी सूँड है। (3) घास पर खड़ा एक भारी-भरकम जानवर, जिसकी खाल मोटी और परतदार दिखती है और नाक के ऊपर एक सींग है।

दूसरी पंक्ति — (4) रेतीले रास्ते पर चलता हुआ एक बड़ा सुनहरा-पीला जानवर, जिसके पूरे शरीर पर काले गोल धब्बे हैं। (5) पेड़ के तने से चिपका हुआ एक पक्षी, जिसके सिर पर नारंगी पंखों की खुली हुई कलगी है और पंखों तथा पूँछ पर काली-सफ़ेद धारियाँ हैं। (6) काई लगी चट्टान पर बैठा हुआ एक स्लेटी रोयेंदार जानवर, जिसके कान नुकीले और थूथन लंबी है।

तीसरी पंक्ति — (7) जंगल के रास्ते पर चलता हुआ एक पतला भूरा जानवर, जिसके शरीर पर सफ़ेद चित्तियाँ हैं और सिर पर शाखाओं जैसे सींग हैं। (8) हरी काई पर बैठा हुआ एक बड़ा नारंगी जानवर, जिसके पूरे शरीर पर काली धारियाँ हैं।

पृष्ठ 88 पर दिए गए आठ छायाचित्र — यहाँ केवल उनका वर्णन दिया गया है; छायाचित्र अपनी पाठ्यपुस्तक में देखिए।
उत्तर

पृष्ठ 88 पर आठ चित्र छपे हैं — इनमें छह पशु हैं और दो पक्षी। नाम इस तरह हैं —

क्रमचित्र में कौन हैपहचान कैसे हुईपशु या पक्षी
1पेलिकन (एक जल पक्षी)सफ़ेद-काला बड़ा पक्षी, पानी में तैरता हुआ। इसकी लंबी चोंच के नीचे थैली-सी बनी होती है, जिसमें यह मछली भर लेता है।पक्षी
2हाथीभारी शरीर, लंबी सूँड और बड़े पंखे जैसे कान।पशु
3एक सींग वाला गैंडा (इंडियन राइनो)नाक पर एक ही सींग और शरीर पर मोटी तह, जैसे कवच पहन रखा हो। यही काजीरंगा की पहचान है।पशु
4तेंदुआपीली खाल पर काले गोल धब्बे और भारी-मज़बूत शरीर।पशु
5हुदहुदसिर पर पंखों का नारंगी मुकुट, जिसके सिरे काले हैं; पंखों पर काली-सफ़ेद धारियाँ और पतली लंबी चोंच।पक्षी
6भेड़ियाकुत्ते जैसा पर उससे बड़ा, भूरे-सलेटी बाल, नुकीले खड़े कान।पशु
7चीतल (चित्तीदार हिरण)भूरे शरीर पर सफ़ेद चित्तियाँ और सिर पर शाखा जैसे सींग।पशु
8बाघ (रॉयल बंगाल टाइगर)नारंगी शरीर पर काली धारियाँ। पाठ में इसी का नाम आया है।पशु
इन चित्रों का पाठ से क्या नाता है: इनमें से चार जीव पत्र में भी आए हैं — हाथी, एक सींग वाला गैंडा, हिरण और रॉयल बंगाल टाइगर। पत्र में पेलिकन का नाम भी है — “पेलिकन (एक जल पक्षी), सारस, बगुला और कलहोन इत्यादि।” तेंदुआ, हुदहुद और भेड़िया का नाम पत्र में नहीं आया; ये चित्र यह दिखाने के लिए हैं कि हमारे जंगलों में और भी कितने प्रकार के जीव रहते हैं।
देखने का तरीका: किसी जीव को पहचानना हो तो तीन चीज़ें देखिए — (1) सींग है या नहीं, (2) खाल पर धब्बे हैं, धारियाँ हैं या सादी है, (3) पैर-चोंच-कान का आकार। इन्हीं तीन बातों से चीतल और साँभर, तेंदुआ और बाघ अलग-अलग पहचान में आ जाते हैं।
प्र2.
आपने इन पशु-पक्षियों को कहाँ-कहाँ देखा है?
उत्तर

यह आपके अपने अनुभव का प्रश्न है, इसलिए उत्तर हर बच्चे का अलग होगा। जो जीव आपने सचमुच देखा हो, उसी के आगे जगह लिखिए। जो न देखा हो, उसके आगे साफ़ लिखिए — “यह मैंने नहीं देखा।” तभी उत्तर सच्चा होगा।

नमूना उत्तर:

पशु-पक्षीमैंने इसे कहाँ देखा
पेलिकनमैंने असली पेलिकन नहीं देखा। चिड़ियाघर की एक तसवीर और पाठ्यपुस्तक के चित्र में ही देखा है।
हाथीहाँ। मंदिर के मेले में और चिड़ियाघर में देखा है। एक बार सड़क से जाते हुए हाथी को भी देखा।
एक सींग वाला गैंडासामने से नहीं देखा। इसे मैंने चिड़ियाघर के चित्र-पट्ट पर और इसी पाठ के चित्र में देखा है।
तेंदुआचिड़ियाघर में देखा है। जंगल में नहीं देखा।
हुदहुदहाँ। खेत के पास और स्कूल के मैदान में। यह ज़मीन पर चोंच गाड़कर कीड़े ढूँढ़ता रहता है।
भेड़ियानहीं देखा। इसके बारे में केवल कहानियों में पढ़ा है।
चीतल (चित्तीदार हिरण)हाँ, चिड़ियाघर के बड़े बाड़े में झुंड के साथ देखा।
बाघचिड़ियाघर में देखा है। पाठ में लिखा है कि जंगल में इसे देखना कठिन है, क्योंकि यह रात में ही निकलता है।
ऐसे लिखिए: दो कॉलम बनाइए — बाईं ओर जीव का नाम, दाईं ओर जगह का नाम। जगह ठीक-ठीक लिखिए, जैसे “नानी के गाँव के तालाब पर” या “कानपुर के चिड़ियाघर में”। इससे उत्तर सजीव लगता है।
प्र3.
इस पाठ में पशुओं के स्वभाव के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
उत्तर

स्वभाव का अर्थ है — किसी का सहज ढंग, यानी वह आमतौर पर कैसा व्यवहार करता है। पत्र में लगभग हर पशु के स्वभाव की एक बात कही गई है। सब एक जगह देख लीजिए —

पशुपाठ की पंक्तिइससे उसका कौन-सा स्वभाव पता चलता है
हिरण और जंगली भैंसे“हिरण और जंगली भैंसों के कई झुंड आराम से घास चर रहे थे।”ये शाकाहारी हैं और झुंड में रहते हैं। साथ रहने से सबको सुरक्षा मिलती है।
हिरण और भैंसे“हिरणों और भैंसों ने हमें संदेह की दृष्टि से देखा और अलग हट गए।”ये सतर्क और डरपोक हैं। अनजान को देखते ही दूर हट जाते हैं।
गैंडा“पर गैंडे वहीं जमे रहे।”गैंडा निडर है। वह अपनी जगह से हिलता ही नहीं। उसकी मोटी खाल उसे भरोसा देती है।
गैंडा (कथा में)“पर गैंडा निर्देशों का पालन न कर सका।”वह अपनी मर्ज़ी से चलता है, किसी के कहे पर नहीं।
मादा गैंडा“शिशु साथ में हो तो मादा राइनो (गैंडा) हिंसक हो जाती है। हाथी के पास आने पर वह हमला कर सकती है।”माँ का रक्षा-भाव। बच्चे पर आँच आती देख वह लड़ने को तैयार हो जाती है।
जंगली हाथी“जब तक पूरे झुंड ने रास्ता पार नहीं कर लिया, तब तक एक विशाल हाथी खड़ा निगरानी करता रहा।”हाथी झुंड का रखवाला है। सबसे बड़ा हाथी पहरा देता है और सबसे बाद में हटता है।
ऊदबिलाव“बील के पानी में कुछ ऊदबिलाव भी उछल-कूद कर रहे थे।”ये खिलंदड़े हैं। पानी में खेलते रहना इनका स्वभाव है।
रॉयल बंगाल टाइगर“मांसाहारी रॉयल बंगाल टाइगर … उन्हें देखना कठिन है क्योंकि वे रात में ही निकलते हैं।”बाघ मांसाहारी है और रात में निकलने वाला। दिन में छिपा रहता है।
सब पशु मिलकर“काजीरंगा में अलग-अलग प्रजाति के पशु शांति और भाईचारे से संग-संग रहते हैं।”जंगल में जीव आपस में मिल-जुलकर रहते हैं। यही पत्र की सबसे बड़ी बात है।
एक बात ध्यान देने की: पाठ में मादा गैंडे को ‘हिंसक’ कहा गया है, पर उसका कारण भी साफ़ लिखा है — बच्चा साथ होना। यानी वह बिना बात हमला नहीं करती, अपने शिशु की रक्षा करती है। किसी जीव को बुरा कहने से पहले उसका कारण देखना चाहिए।
पत्र का संदेश: लेखक लिखते हैं — “क्यों नहीं मानव भी इनकी तरह ही शांतिपूर्वक मिल-जुलकर रहता! हम अपने वन्य-साथियों से बहुत कुछ सीख सकते हैं।”
प्र4.
आप कहाँ-कहाँ की यात्रा पर जाना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर

यह आपकी अपनी पसंद का प्रश्न है। अच्छे उत्तर में तीन बातें होनी चाहिए — (1) जगह का नाम, (2) वह किस राज्य में है, और (3) आप वहाँ क्यों जाना चाहते हैं।

नमूना उत्तर: मैं इन जगहों की यात्रा पर जाना चाहूँगा —

जगहराज्यमैं वहाँ क्यों जाना चाहूँगा
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यानअसमक्योंकि यहीं एक सींग वाला गैंडा देखने को मिलता है। पाठ में लिखा है कि दुनिया के आधे से अधिक भारतीय गैंडे यहीं रहते हैं।
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यानउत्तराखंडयह भारत का सबसे पुराना और प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है। यहाँ बाघ, हाथी, हिरण और पक्षी सब मिलते हैं।
लोकतक झीलमणिपुरइसी पुस्तक के ‘घूमो-देखो’ में पढ़ा कि यह तैरती हुई झील है और उसके फुमदी नाम के टुकड़ों पर मछुआरे झोंपड़ी बनाकर रहते हैं। यह मुझे बहुत अनोखा लगा।
कूर्ग (कोडागु)कर्नाटकवहाँ हरे-भरे पहाड़ और चाय-कॉफी के बागान हैं। मंडलपट्टी पहाड़ी से बादलों को पास से देखा जा सकता है।
सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यानपश्चिम बंगालयहाँ रॉयल बंगाल टाइगर रहता है, जिसका नाम इसी पाठ में आया है।
अपने ज़िले की नदी और पुराना किलाअपना राज्यदूर जाने से पहले अपने आसपास की चीज़ें देखनी चाहिए। यह यात्रा सस्ती भी है और अपनी जगह की जानकारी भी बढ़ती है।
यात्रा से पहले तीन काम: (1) उस जगह के बारे में पहले पढ़ लीजिए — क्या देखने योग्य है। (2) घर के बड़ों के साथ ही जाइए। (3) साथ में एक छोटी कॉपी रखिए और रोज़ जो देखा उसे लिख लीजिए। इसी तरह की डायरी से आगे चलकर चाचा अरूप जैसा पत्र लिखा जा सकता है।
क्या यह उपयोगी रहा?