कक्षा ५ हिंदी अध्याय 8 पाठ से के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
चाचा अरूप को यात्रा के समय किसने संदेह की दृष्टि से देखा? (क) गैंडों ने (ख) हिरणों ने (ग) भैंसों ने (घ) हाथियों ने
उत्तर

इस प्रश्न में तारे का चिह्न (✱) दो विकल्पों पर बनेगा — (ख) हिरणों ने और (ग) भैंसों ने। पृष्ठ 89 पर ऊपर ही लिखा है — “यहाँ एक से अधिक उत्तर भी सही हो सकते हैं।”

पाठ की पंक्ति —
हिरणों और भैंसों ने हमें संदेह की दृष्टि से देखा और अलग हट गए।
पर गैंडे वहीं जमे रहे।”

संदेह यानी शक। दृष्टि यानी नज़र। ‘संदेह की दृष्टि से देखना’ का अर्थ है — शक भरी नज़र से देखना, यानी यह भरोसा न होना कि सामने वाला ठीक है।

विकल्पसही / ग़लतकारण
(क) गैंडों नेग़लतयह विकल्प उलटा है। पाठ में सीधे लिखा है — “पर गैंडे वहीं जमे रहे।” जमे रहना यानी अपनी जगह से हिलना ही नहीं। गैंडे न डरे, न हटे, न शक किया।
(ख) हिरणों नेसही ✱पंक्ति में सबसे पहला नाम हिरणों का ही है। वे देखते ही अलग हट गए, क्योंकि हिरण स्वभाव से बहुत सतर्क होता है।
(ग) भैंसों नेसही ✱उसी पंक्ति में ‘भैंसों’ भी है — “हिरणों और भैंसों ने”। इसलिए यह भी पूरा-पूरा सही है। यही वह जगह है जहाँ एक से अधिक उत्तर सही हैं।
(घ) हाथियों नेग़लतहाथी तो उस समय उनकी सवारी थे — “हम हाथियों पर चढ़कर उद्यान देखने गए।” जिस पर वे बैठे थे, वही उन्हें शक से कैसे देखता? पत्र में हाथियों के संदेह की कोई बात नहीं है। बाद में जो जंगली हाथी मिले, उनका एक विशाल हाथी तो निगरानी करता रहा — यह पहरा है, शक नहीं।
हिरण-भैंसे हटे और गैंडे क्यों नहीं: हिरण और भैंसे शिकार होने वाले पशु हैं, इसलिए खतरे का ज़रा-सा शक होते ही वे दूर हट जाते हैं — यही उनकी सुरक्षा है। गैंडे की खाल मोटी तह वाली होती है, “जैसे वह कवच पहने हो”, और वह भारी-भरकम होता है। इसलिए वह जल्दी नहीं घबराता।
ऐसे प्रश्नों में सावधानी: जब निर्देश में लिखा हो कि एक से अधिक उत्तर सही हो सकते हैं, तो पहला सही विकल्प मिलते ही रुक मत जाइए। बाकी विकल्पों को भी पाठ की पंक्ति से मिलाकर देखिए।
प्र2.
काजीरंगा में रॉयल बंगाल टाइगर भी हैं पर उन्हें देखना कठिन है, क्योंकि — (क) वे कभी दिखाई नहीं देते। (ख) वे बड़े हिंसक होते हैं। (ग) वे रात में ही निकलते हैं। (घ) वे कभी बाहर नहीं निकलते।
उत्तर

तारे का चिह्न (✱) केवल एक विकल्प पर बनेगा — (ग) वे रात में ही निकलते हैं।

पाठ की पंक्तियाँ —
“काजीरंगा में मांसाहारी रॉयल बंगाल टाइगर भी हैं पर हमें दिखे नहीं।
गाइड ने बताया कि उन्हें देखना कठिन है क्योंकि वे रात में ही निकलते हैं।”

प्रश्न ने ‘क्योंकि’ पूछा है, यानी कारण। और कारण पाठ में शब्द-दर-शब्द लिखा हुआ है, इसलिए यहाँ अनुमान लगाने की ज़रूरत ही नहीं।

विकल्पसही / ग़लतकारण
(क) वे कभी दिखाई नहीं देते।ग़लतपाठ कहता है “पर हमें दिखे नहीं” — यानी उस दिन, उन लोगों को नहीं दिखे। ‘कभी नहीं दिखते’ कहना बहुत ज़्यादा हो जाएगा। ‘कठिन है’ और ‘असंभव है’ — दोनों एक बात नहीं हैं।
(ख) वे बड़े हिंसक होते हैं।ग़लतयह विकल्प धोखा दे सकता है, क्योंकि बाघ को पाठ में मांसाहारी कहा ही गया है। पर न दिखने का कारण उसका हिंसक होना नहीं है। गाइड ने कारण साफ़-साफ़ दूसरा बताया — रात में निकलना।
(ग) वे रात में ही निकलते हैं।सही ✱यही गाइड का बताया हुआ कारण है। लोग दिन में उद्यान देखने जाते हैं और बाघ रात में निकलता है — इसलिए भेंट नहीं हो पाती।
(घ) वे कभी बाहर नहीं निकलते।ग़लतयह पंक्ति का उलटा है। पाठ कहता है कि वे निकलते हैं — बस रात में निकलते हैं। ‘कभी बाहर नहीं निकलते’ लिखना पाठ के विरुद्ध होगा।
‘कारण’ वाले प्रश्न कैसे हल करें: पहले पाठ में ‘क्योंकि’, ‘इसलिए’, ‘इस कारण’ जैसा शब्द ढूँढ़िए। उसी के आगे-पीछे कारण छिपा होता है। यहाँ तो पाठ में ‘क्योंकि’ शब्द अपने आप में मौजूद है।
जानने की बात: जो जीव रात में निकलते हैं, उन्हें निशाचर कहते हैं — निशा यानी रात। उल्लू और चमगादड़ भी निशाचर हैं। (यह शब्द पाठ में नहीं है, पर याद रखने में काम आता है।)
प्र3.
एक विशाल हाथी तब तक निगरानी करता रहा जब तक — (क) लेखक और उसके मित्र निकल नहीं गए। (ख) जीप वहीं खड़ी रही। (ग) पूरे झुंड ने रास्ता पार नहीं कर लिया। (घ) वहाँ से बाघ चला नहीं गया।
उत्तर

तारे का चिह्न (✱) केवल एक विकल्प पर बनेगा — (ग) पूरे झुंड ने रास्ता पार नहीं कर लिया।

पाठ की पंक्तियाँ —
“सामने जंगली हाथियों का एक झुंड दिखा। … झुंड में पाँच-छह बच्चे थे।
जब तक पूरे झुंड ने रास्ता पार नहीं कर लिया, तब तक एक विशाल हाथी खड़ा निगरानी करता रहा।”

निगरानी यानी पहरा देना, देखभाल करना। विशाल यानी बहुत बड़ा।

विकल्पसही / ग़लतकारण
(क) लेखक और उसके मित्र निकल नहीं गए।ग़लतहाथी को लेखक की चिंता नहीं थी। उसकी नज़र अपने झुंड पर थी — खासकर उन पाँच-छह बच्चों पर। पाठ में ‘जब तक’ के आगे झुंड की बात लिखी है, लेखक की नहीं।
(ख) जीप वहीं खड़ी रही।ग़लतजीप का ज़िक्र इस वाक्य में है ही नहीं। जीप में तो वे बैठे थे — “इस बार हम जीप में गए।” पर हाथी के खड़े रहने का कारण जीप नहीं थी।
(ग) पूरे झुंड ने रास्ता पार नहीं कर लिया।सही ✱यही पाठ के शब्द हैं। पहले सारे हाथी और बच्चे रास्ता पार करें, तभी वह बड़ा हाथी हटा। यह उसकी ज़िम्मेदारी थी।
(घ) वहाँ से बाघ चला नहीं गया।ग़लतउस समय वहाँ बाघ था ही नहीं। पाठ साफ़ कहता है — “रॉयल बंगाल टाइगर भी हैं पर हमें दिखे नहीं।” जो दिखा ही नहीं, उसके जाने का इंतज़ार कैसा?
यह दृश्य क्या सिखाता है: जंगली हाथियों के झुंड में सबसे बड़ा और ताकतवर हाथी सबसे पीछे रुककर पहरा देता है। पहले छोटे और कमज़ोर पार होते हैं, बड़ा सबसे बाद में हटता है। सड़क पार करते समय जब कोई बड़ा भाई या शिक्षक छोटे बच्चों को पहले भेजकर खुद पीछे खड़ा रहता है, तो वह ठीक यही काम कर रहा होता है।
क्या यह उपयोगी रहा?