प्र1.
क्या आप ब्रह्मगुप्त के नियमों को बेला की मजेदार इमारत या संख्या रेखा के अनुसार स्पष्ट कर सकते हो?
उत्तर
हाँ — हर नियम केवल लिफ्ट की एक यात्रा या संख्या रेखा पर चलना ही है।
जोड़ के नियम
| ब्रह्मगुप्त का नियम | मजेदार इमारत / संख्या रेखा पर |
|---|---|
| 1. दो धनात्मकों का योग धनात्मक (2 + 3 = 5) | 2 तल ऊपर जाइए, फिर 3 तल और ऊपर — आप भूतल से 5 तल ऊपर हैं। |
| 2. दो ऋणात्मकों का योग ऋणात्मक (– 2 + (– 3) = – 5) | 2 तल नीचे जाइए, फिर 3 तल और नीचे — आप भूतल से 5 तल नीचे हैं। |
| 3. धनात्मक + ऋणात्मक: बड़ी में से छोटी घटाइए और बड़ी का चिह्न लगाइए (– 5 + 3 = – 2) | 5 तल नीचे जाइए, फिर 3 तल ऊपर। 3 ऊपर वाले 3 नीचे वालों को काट देते हैं और 2 नीचे शेष रहते हैं, अत: आप तल – 2 पर हैं। |
| 4. संख्या + उसका प्रतिलोम = 0 (2 + (– 2) = 0) | + 2 दबाइए फिर – 2 — आप वापस स्वागत कक्ष, तल 0 पर हैं। |
| 5. संख्या + 0 = वही संख्या (– 2 + 0 = – 2) | बटन शून्य बार दबाइए — आप जहाँ थे वहीं रहते हैं। |
घटाने के नियम (याद रखिए: लक्षित – प्रारंभिक = आवश्यक गति)
| ब्रह्मगुप्त का नियम | मजेदार इमारत / संख्या रेखा पर |
|---|---|
| 1. बड़े धनात्मक में से छोटा धनात्मक घटाने पर धनात्मक (3 – 2 = 1) | तल 2 से तल 3 तक ऊपर जाना है: + 1 दबाइए। |
| 2. छोटे धनात्मक में से बड़ा धनात्मक घटाने पर ऋणात्मक (2 – 3 = – 1) | तल 3 से तल 2 तक नीचे आना है: – 1 दबाइए। |
| 3. ऋणात्मक घटाना = संगत धनात्मक जोड़ना (2 – (– 3) = 2 + 3) | तल – 3 से तल 2 तक जाने के लिए पहले 3 तल चढ़कर भूतल तक और फिर 2 तल और — कुल 5 तल ऊपर। |
| 4. संख्या में से वही संख्या घटाने पर 0 (– 2 – (– 2) = 0) | आप तल – 2 पर हैं और तल – 2 पर ही जाना है — कोई बटन नहीं दबाना। |
| 5. संख्या – 0 = वही संख्या; 0 – संख्या = उसका प्रतिलोम (0 – (– 2) = 2) | तल – 2 से भूतल तक जाने के लिए + 2 दबाना होगा, जो – 2 का प्रतिलोम है। |
यह क्यों महत्वपूर्ण है: ब्रह्मगुप्त ने ये नियम ब्रह्मस्फुटसिद्धांत में 628 ईस्वी में लिखे — विश्व में पहली बार धनात्मक संख्याओं, ऋणात्मक संख्याओं और शून्य को समान रूप से वास्तविक संख्या माना गया। इस अध्याय का लिफ्ट मॉडल उन्हीं नियमों का चित्र है, 1300 वर्ष से भी अधिक बाद।