प्र1.
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए— “अमराइयाँ घनी हैं / कोयल पुकारती है” — कोयल क्यों पुकार रही होगी? किसे पुकार रही होगी? कैसे पुकार रही होगी?
उत्तर
यह कल्पना का प्रश्न है, इसलिए एक से अधिक उत्तर सही हो सकते हैं। पर उत्तर कविता के दृश्य से जुड़ा होना चाहिए — घनी अमराई, वसंत का मौसम और मस्त पक्षी।
| प्रश्न | संभव उत्तर |
|---|---|
| क्यों पुकार रही होगी? | क्योंकि वसंत आ गया है और आम के पेड़ों पर बौर आ चुका है। मौसम की सुंदरता देखकर उसका मन उमंग से भर गया है और वह अपनी खुशी रोक नहीं पा रही। कुछ बच्चे यह भी कह सकते हैं कि वह अपने साथी से बिछड़ गई है और उसे ढूँढ़ रही है। |
| किसे पुकार रही होगी? | अपने साथी कोयल को; या अमराई के दूसरे पक्षियों को कि आओ, यह ऋतु मिलकर मनाएँ; या फिर वसंत को ही बुला रही है। कवि की दृष्टि से वह उन सबको पुकार रही है जो इस मातृभूमि की सुंदरता देखना चाहते हैं। |
| कैसे पुकार रही होगी? | बहुत मीठी, ऊँची और लंबी ‘कुहू-कुहू’ की तान में — बार-बार, थोड़ी-थोड़ी देर रुककर, घने पत्तों में छिपकर। उसकी आवाज़ सुनाई तो देती है पर वह दिखाई नहीं देती। |
नमूना उत्तर: मुझे लगता है कि कोयल इसलिए पुकार रही होगी क्योंकि वसंत आ गया है, आम के पेड़ों पर बौर लद गया है और उसका मन खुशी से भर उठा है। वह अपने साथी को पुकार रही होगी, जो अमराई के किसी दूसरे पेड़ पर बैठा है। वह घने पत्तों में छिपकर, मीठी और लंबी ‘कुहू-कुहू’ की तान में, थोड़ी-थोड़ी देर रुक-रुककर पुकार रही होगी — इसीलिए उसकी आवाज़ तो सब सुनते हैं, पर वह किसी को दिखाई नहीं देती।