प्र1.
“जगमग छटा निराली, / पग पग छहर रही हैं” — इन पंक्तियों में ‘पग’ शब्द दो बार आया है। इसका अर्थ है ‘हर पग’ या ‘हर कदम’ पर। शब्दों के ऐसे ही कुछ जोड़े नीचे दिए गए हैं। इनके अर्थ लिखिए— घर-घर, बाल-बाल, साँस-साँस, देश-देश, पर्वत-पर्वत
उत्तर
जब कोई शब्द दो बार आता है तो प्रायः उसका अर्थ ‘हर’ या ‘एक-एक’ हो जाता है। ऐसे शब्दों को पुनरुक्त शब्द कहते हैं।
| शब्द | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| घर-घर | हर घर में, एक-एक घर में | स्वतंत्रता दिवस पर घर-घर तिरंगा लहरा रहा था। |
| बाल-बाल | रोम-रोम, शरीर का एक-एक बाल — यानी पूरा शरीर। मुहावरे ‘बाल-बाल बचना’ में इसका अर्थ है बहुत थोड़े अंतर से बच जाना। | माँ का उपकार याद करके मैं बाल-बाल उनका ऋणी हूँ। / गाड़ी सामने से निकल गई और वह बाल-बाल बच गया। |
| साँस-साँस | हर साँस के साथ, प्रत्येक साँस में | साँस-साँस में मुझे अपनी मातृभूमि की याद आती है। |
| देश-देश | हर देश में, एक देश से दूसरे देश तक | गौतम बुद्ध का संदेश देश-देश तक फैल गया। |
| पर्वत-पर्वत | हर पर्वत पर, एक पर्वत से दूसरे पर्वत तक | बादल पर्वत-पर्वत घूमते हुए मैदानों तक आ पहुँचे। |
और उदाहरण: गली-गली, कण-कण, क्षण-क्षण, गाँव-गाँव, बूँद-बूँद, नगर-नगर, डाल-डाल। जैसे — “भारत के कण-कण में इतिहास बसा है।”