कक्षा ६ हिंदी अध्याय 1 वंशी-से के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
“श्रीकृष्ण ने सुनाई, / वंशी पुनीत गीता” — ‘वंशी’ बाँसुरी को कहते हैं। यह मुँह से फूँक कर बजाया जाने वाला एक ‘वाद्य’ यानी बाजा है। नीचे फूँक कर बजाए जाने वाले कुछ वाद्यों के चित्र दिए गए हैं। इनके नाम शब्द-जाल से खोजिए और सही चित्र के नीचे लिखिए।पुस्तक (पृष्ठ 8) में छपा शब्द-जाल — पाँच पंक्तियाँ और पाँच स्तंभ; पाँचवीं पंक्ति का दूसरा खाना पुस्तक में खाली छपा है।
चित्र
चित्र में क्या दिखाया गया है
चित्र के नीचे छपा संकेत
1.
लाल पृष्ठभूमि पर एक-दूसरे से जुड़ी लकड़ी की दो नलियाँ, दोनों के निचले सिरे कटोरे जैसे चौड़े
अ ______________
2.
लकड़ी का गोल तूँबा, जिसके एक ओर पतली फूँक-नली और दूसरी ओर छेदों वाली नली लगी है
बी ______________
3.
बाँस की सीधी नली, ऊपर की ओर छह छेद और दोनों सिरों पर लाल-हरी धारियाँ
बाँ ______________
4.
काले धागों से लिपटा हुआ मुड़ा हुआ सींग जैसा वाद्य, साथ में एक ज़ंजीर
सीं ______________
5.
गहरे रंग की लंबी शंक्वाकार लकड़ी की नली, नीचे पीतल का चौड़ा मुँह और ऊपर पतली फूँक-नली
श ______________
6.
चौड़े लकड़ी के मुँह वाली गहरे रंग की नली, जिस पर नारंगी डोरी और फुँदने बँधे हैं
ना ______________
7.
लंबी सीधी लकड़ी की तुरही — ऊपर पतली और नीचे की ओर धीरे-धीरे चौड़ी होती हुई
भं ______________
8.
सफ़ेद, चमकदार और घुमावदार समुद्री घोंघे का खोल
शं ______________
पुस्तक के पृष्ठ 9 पर आठ वाद्यों के छायाचित्र दो पंक्तियों में छपे हैं और हर चित्र के नीचे नाम का पहला अक्षर तथा भरने के लिए एक रिक्त रेखा दी गई है। छायाचित्र यहाँ नहीं दिए जा सकते, इसलिए उनका वर्णन दिया गया है — चित्र पाठ्यपुस्तक में देखिए।
उत्तर
शब्द-जाल में आठ वाद्यों के नाम छिपे हैं। पुस्तक के पृष्ठ 9 पर आठ चित्र दिए हैं और हर चित्र के नीचे नाम का पहला अक्षर पहले से छपा है। उसी अक्षर से शुरू होने वाला नाम शब्द-जाल में ढूँढ़िए।
चित्रों के नीचे लिखे जाने वाले नाम (पुस्तक में जिस क्रम से चित्र छपे हैं)—
क्रम
दिया गया अक्षर
पूरा नाम
यह क्या है
1
अ ____
अलगोजा
राजस्थान-पंजाब का युग्म वाद्य — दो बाँसुरियाँ एक साथ मुँह में लेकर बजाई जाती हैं।
2
बी ____
बीन
तूँबे वाला वाद्य, जिसे सपेरे बजाते हैं; इसे ‘पुंगी’ भी कहते हैं।
3
बाँ ____
बाँसुरी
बाँस की बनी हुई वंशी — श्रीकृष्ण का प्रिय वाद्य।
4
सीं ____
सींगी
पशु के सींग से बना मुड़ा हुआ नरसिंगा जैसा वाद्य।
5
श ____
शहनाई
मंगल अवसरों पर बजने वाला वाद्य; उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ इसके प्रसिद्ध वादक थे।
6
ना ____
नादस्वरम
दक्षिण भारत का शहनाई जैसा बड़ा वाद्य, मंदिरों और विवाहों में बजता है।
7
भं ____
भंकोरा
उत्तराखंड (गढ़वाल) का लंबा तुरही जैसा वाद्य।
8
शं ____
शंख
समुद्री जीव का खोल, जिसे फूँककर बजाया जाता है; पूजा और युद्ध दोनों में बजता था।
शब्द-जाल में ये नाम कहाँ छिपे हैं — नीचे हर खाने में अक्षर के साथ उस शब्द का क्रमांक दिया है—
स्तंभ 1
स्तंभ 2
स्तंभ 3
स्तंभ 4
स्तंभ 5
पंक्ति 1
श (5)
ह (5)
ना (5, 6)
ई (5)
बाँ (3)
पंक्ति 2
अ (1)
भं (7)
द (6)
शं (8)
सु (3)
पंक्ति 3
ल (1)
को (7)
स्व (6)
ख (8)
री (3)
पंक्ति 4
गो (1)
रा (7)
र (6)
बी (2)
न (2)
पंक्ति 5
जा (1)
— (खाली)
म (6)
सीं (4)
गी (4)
(5) शहनाई — पंक्ति 1 में बाएँ से दाएँ: श + ह + ना + ई
(6) नादस्वरम — स्तंभ 3 में ऊपर से नीचे: ना + द + स्व + र + म
(3) बाँसुरी — स्तंभ 5 में ऊपर से नीचे: बाँ + सु + री
(1) अलगोजा — स्तंभ 1 में ऊपर से नीचे: अ + ल + गो + जा
(7) भंकोरा — स्तंभ 2 में ऊपर से नीचे: भं + को + रा
(8) शंख — स्तंभ 4 में ऊपर से नीचे: शं + ख
(2) बीन — पंक्ति 4 में बाएँ से दाएँ: बी + न
(4) सींगी — पंक्ति 5 में बाएँ से दाएँ: सीं + गी
मिलान की जाँच: शब्द-जाल के 25 खानों में से एक खाना (पंक्ति 5, स्तंभ 2) खाली है और बाकी 24 अक्षर इन्हीं आठ नामों में खप जाते हैं। केवल ‘ना’ दो शब्दों में साझा है — शहनाई और नादस्वरम में।
क्या आप जानते हैं? ये सभी सुषिर वाद्य कहलाते हैं, क्योंकि इनमें हवा फूँकने से ध्वनि बनती है। तार वाले वाद्य (सितार, वीणा) तत वाद्य और थाप वाले वाद्य (ढोल, तबला) अवनद्ध वाद्य कहलाते हैं।