मल्हार अध्याय 1 आज की पहेली

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आज हम आपके लिए एक अनोखी पहेली लाए हैं। नीचे कुछ अक्षर दिए गए हैं। आप इन्हें मिलाकर कोई सार्थक शब्द बनाइए। अक्षरों को आगे-पीछे किया जा सकता है यानी उनका क्रम बदला जा सकता है। आप अपने मन से किसी भी अक्षर के साथ कोई मात्रा भी लगा सकते हैं। पहला शब्द हमने आपके लिए पहले ही बना दिया है। 1. स म ह ग र = महासागर, 2. ह म य ल, 3. ग ग, 4. भ त र, 5. ल क य, 6. व न प
उत्तर
क्रम संख्याअक्षरशब्दकैसे बना
1स म ह ग रमहासागरम + हा + सा + ग + र (‘म’ और ‘स’ को आगे-पीछे किया, ‘हा’ और ‘सा’ में आ की मात्रा लगाई)
2ह म य लहिमालयहि + मा + ल + य (‘ह’ में इ की मात्रा, ‘म’ में आ की मात्रा; ‘य’ और ‘ल’ का क्रम बदला)
3ग गगंगागं + गा (पहले ‘ग’ पर अनुस्वार, दूसरे पर आ की मात्रा)
4भ त रभारतभा + र + त (‘भ’ में आ की मात्रा; ‘त’ और ‘र’ का क्रम बदला)
5ल क यकोयलको + य + ल (क्रम बदलकर ‘क’ पहले, फिर ‘य’, फिर ‘ल’; ‘क’ में ओ की मात्रा)
6व न पपवनप + व + न (‘प’ को सबसे आगे लाया)
मज़े की बात: छहों शब्द — महासागर, हिमालय, गंगा, भारत, कोयल और पवन — इसी कविता में आए हैं या उससे जुड़े हैं। ‘महासागर’ के लिए कवि ने ‘सिंधु’ शब्द रखा है, और ‘पवन’ के लिए ‘मलय पवन’।
पहेली सुलझाने की तरकीब: पहले गिनिए कि कितने अक्षर हैं। फिर सोचिए कि पाठ का कौन-सा शब्द उतने ही अक्षरों का है। जैसे ‘ग ग’ में दो अक्षर हैं और कविता में दो अक्षरों वाली नदी है — गंगा।
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