सरल अर्थ — चेतक बिना ज़रा भी डरे शत्रु-सैनिकों की ढालों के बीच घुस गया और उनकी करवालों यानी तलवारों के बीच पूरी रफ़्तार से दौड़ता रहा। जहाँ हथियार चल रहे थे, ठीक उसी भीड़ में वह निडर होकर आ-जा रहा था।
| शब्द | अर्थ | वह क्या बताता है |
|---|---|---|
| निर्भीक | जिसे भय न हो, निडर | चेतक का साहस — घायल होने के डर से वह पीछे नहीं हटा। |
| ढाल | वार रोकने वाला हथियार | शत्रु-सैनिकों की भीड़, जो अपने बचाव में ढालें ताने खड़ी थी। |
| सरपट | बिना रुके, पूरी रफ़्तार से | चेतक की गति — वह हथियारों के बीच भी धीमा नहीं पड़ा। |
| करवाल | तलवार | युद्ध का सबसे ख़तरनाक हिस्सा, जहाँ जान का जोखिम सबसे ज़्यादा था। |
कवि की कारीगरी — यहाँ कवि सैनिकों का नाम नहीं लेता, केवल उनके हथियारों का नाम लेता है — ढाल और करवाल। इससे आँखों के सामने पूरा रणक्षेत्र खड़ा हो जाता है: चमकती ढालें, लहराती तलवारें और उनके बीच से बिजली-सा निकलता एक सफ़ेद घोड़ा।