मल्हार अध्याय 12 चित्रात्मक सूचना (इंफोग्राफिक्स)

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
नीचे दिए गए चित्र को देखिए। इसमें चित्रों के साथ-साथ बहुत कम शब्दों में कुछ जानकारी दी गई है। इसे ‘चित्रात्मक सूचना’ कहते हैं। (क) इस ‘चित्रात्मक सूचना’ के आधार पर मॉरिशस के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर

पहले पुस्तक के पृष्ठ 140 पर बनी चित्रात्मक सूचना को ध्यान से पढ़िए। उसमें दी गई बातें ये हैं — इन्हीं को जोड़कर अनुच्छेद बनेगा।

चित्रात्मक सूचना में क्या लिखा है
शीर्षक — “जब मॉरिशस में गूँजा जय हिंद”
सन 1834 में 2 नवंबर को एटलस नाम का जहाज़ भारतीय मज़दूरों को लेकर मॉरिशस पहुँचा था; वहाँ यह दिन अप्रवासी दिवस (इंडियन अराइवल डे) के रूप में मनाया जाता है।
मॉरिशस में भारतीय मूल के लोगों की आबादी देश में 68% से ज़्यादा है।
ब्रिटिश शासक गन्ने के खेतों में काम करने के लिए भारतीय मज़दूरों को वहाँ ले गए थे।
इनमें से ज़्यादातर बिहार के थे, लेकिन तमिल, तेलुगू और मराठियों की तादाद भी अच्छी-खासी थी।
यही वजह है कि मॉरिशस की संस्कृति में भोजपुरी गीतों और हिंदी फ़िल्मों का खास योगदान है।
मॉरिशस के पहले प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम भी भारतीय मूल के थे।

नमूना उत्तर — अनुच्छेद

मॉरिशस और भारत का नाता आज का नहीं, लगभग दो सौ साल पुराना है। सन 1834 में 2 नवंबर के दिन ‘एटलस’ नाम का जहाज़ भारतीय मज़दूरों को लेकर मॉरिशस पहुँचा था। ब्रिटिश शासक इन मज़दूरों को वहाँ गन्ने के खेतों में काम कराने के लिए ले गए थे। मॉरिशस में वह दिन आज भी ‘अप्रवासी दिवस’ यानी इंडियन अराइवल डे के रूप में मनाया जाता है। जहाज़ पर सवार लोगों में सबसे अधिक बिहार के थे, पर तमिल, तेलुगू और मराठी लोगों की संख्या भी अच्छी-खासी थी। आज मॉरिशस की कुल आबादी में भारतीय मूल के लोग 68 प्रतिशत से भी ज़्यादा हैं। यही कारण है कि वहाँ की संस्कृति में भोजपुरी गीतों और हिंदी फ़िल्मों का खास योगदान है। मॉरिशस के पहले प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम भी भारतीय मूल के ही थे। इन्हीं बातों को देखकर रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने मॉरिशस को “हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान” कहा।

अनुच्छेद कैसे बनाया गया: चित्रात्मक सूचना में बातें टुकड़ों में बिखरी रहती हैं। अनुच्छेद बनाते समय उन्हें समय के क्रम में सजाइए — पहले कब आए, फिर क्यों आए, फिर कौन आए, फिर आज क्या स्थिति है। अंत में एक वाक्य अपनी ओर से जोड़िए जो पूरी बात को समेट ले।
पाठ से जोड़िए: पाठ में लिखा है कि मॉरिशस में 67 प्रतिशत लोग भारतीय खानदान के हैं, जबकि चित्रात्मक सूचना 68 प्रतिशत से ज़्यादा बताती है। ये आँकड़े अलग-अलग वर्षों के हैं, इसलिए थोड़ा अंतर स्वाभाविक है — दोनों एक ही बात कहते हैं कि वहाँ दो-तिहाई से अधिक लोग भारतीय मूल के हैं।
प्र2.
(ख) अपनी पसंद के किसी विषय पर इसी प्रकार की ‘चित्रात्मक सूचना’ की रचना कीजिए, जैसे— आपका विद्यालय, कोई विशेष दिवस, आपके जीवन की कोई विशेष घटना आदि। (संकेत— यह कार्य आप अपने समूह में मिलकर कर सकते हैं। इसके लिए आप किसी कागज़ पर चित्र चिपका सकते हैं और सूचना को कलात्मक रूप से कम शब्दों में लिख सकते हैं। चित्र बनाए भी जा सकते हैं। आप यह कार्य कंप्यूटर या मोबाइल फोन की सहायता से भी कर सकते हैं।)
उत्तर

यह बनाने का काम है। अच्छी चित्रात्मक सूचना में ये पाँच बातें होती हैं—

  1. एक ज़ोरदार शीर्षक — बड़ा और आकर्षक, जैसे पुस्तक में है “जब मॉरिशस में गूँजा जय हिंद”।
  2. चार से छह छोटी सूचनाएँ — हर सूचना एक-दो पंक्ति की। लंबा पैराग्राफ़ मत लिखिए।
  3. कम-से-कम एक संख्या या तारीख़ — जैसे ‘68%’ या ‘1834’। अंक बड़े और रंगीन लिखिए, ताकि पहली नज़र में दिखें।
  4. चित्र या प्रतीक — हर सूचना के साथ एक छोटा चित्र। पुस्तक वाले में तिरंगा, पुरानी तस्वीर और नेता का चित्र लगाया गया है।
  5. एक रंग-योजना — दो या तीन रंग ही रखिए। ज़रूरी शब्द अलग रंग में लिखिए।

नमूना उत्तर — विषय: “हमारा विद्यालय”

शीर्षक (सबसे ऊपर, बड़े अक्षरों में) — “हमारा विद्यालय : एक नज़र में”
ऊपर बीच मेंस्थापना का वर्ष — 1972 (अंक बड़ा और गहरे रंग में) + विद्यालय के भवन का चित्र
बाईं ओर, ऊपर412 विद्यार्थी, 14 शिक्षक + बच्चों का प्रतीक-चित्र
बाईं ओर, नीचेपुस्तकालय में 2,300 पुस्तकें + खुली किताब का चित्र
दाईं ओर, ऊपरविद्यालय की क्यारी में 36 पौधे — हर विद्यार्थी एक पौधे का रखवाला + पौधे का चित्र
दाईं ओर, नीचेहर शनिवार ‘बाल सभा’ — कविता, कहानी और नाटक + माइक का चित्र
सबसे नीचेविद्यालय का ध्येय-वाक्य — “पढ़ें, खेलें, बढ़ें”
बनाने की विधि: एक चार्ट पेपर लीजिए। पहले पेंसिल से खाने बनाइए, फिर चित्र चिपकाइए या बनाइए, और अंत में स्केच पेन से लिखिए। पहले लिखकर बाद में जगह ढूँढ़ने से चार्ट बिगड़ जाता है — इसलिए पहले जगह तय कीजिए, फिर लिखिए। तैयार चार्ट कक्षा की दीवार पर लगाइए।
चित्रात्मक सूचना क्यों उपयोगी है: इसमें बात पढ़नी नहीं पड़ती, दिख जाती है। जो जानकारी पूरे पैराग्राफ़ में दी जाती, वह चित्र और चार शब्दों में सामने आ जाती है — इसीलिए आजकल समाचार-पत्र, रेलवे और अस्पताल तक इसी तरीके से सूचना देते हैं।
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