कक्षा ६ हिंदी अध्याय 12 हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

रचना का नाम ‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ है और लेखक हैं रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (1908–1974)। यह कोई कहानी या कविता नहीं, बल्कि एक यात्रा-वृत्तांत है — यानी लेखक ने जो यात्रा सचमुच की, उसी का आँखों-देखा वर्णन। पाठ के बाद दिया गया ‘लेखक से परिचय’ बताता है कि ‘दिनकर’ की रचनाओं की विशेषता है भारत और भारत की संस्कृति , तथा उनमें वीरता, उत्साह और देशप्रेम का भाव अधिक है। बच्चों के लिए उन्होंने मिर्च का मज़ा , पढ़क्कू की सूझ और सूरज का ब्याह जैसी पुस्तकें लिखीं। यात्रा का क्रम — लेखक दिल्ली से 15 जुलाई को, बंबई (मुंबई) से 16 जुलाई को और नैरोबी से 17 जुलाई को मॉरिशस के लिए रवाना हुए। बीच में नैरोबी (केन्या) में एक रात और दो दिन ठहरने का मौका मिला, तो वे नैरोबी के नेशनल पार्क घूमने निकल गए। नेशनल पार्क का दृश्य — “नैरोबी का नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं है।” वहाँ सात-आठ सिंह आराम कर रहे थे और उन

त्वरित पुनरावृत्ति
पाठ का शब्दअर्थपाठ की पंक्तिअपना एक वाक्य
अतएवइसलिए, इस कारण“अतएव, हम जिस दिन नैरोबी पहुँचे…”बस देर से आई, अतएव हमें पैदल ही जाना पड़ा।
खरपातखर-पतवार, बेकार उगी घास-फूस“हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।”खेत की मेड़ पर उगा खरपात किसान ने काटकर हटा दिया।
दृष्टिपात करनानज़र डालना, एक बार देख लेना“सिंहों ने कभी भी दृष्टिपात नहीं किया”प्रधानाचार्य ने पत्र पर दृष्टिपात किया और हस्ताक्षर कर दिए।
तुर्रासबसे बड़ी बात, ऊपर से यह कि“तुर्रा यह कि सिंहों को यह जानने की कोई इच्छा ही नहीं थी”वह देर से आया और तुर्रा यह कि उलटे हम पर ही नाराज़ हुआ।
ताड़ लेनाभाँप लेना, दूर से ही समझ जाना“हिरनों के झुंड ने ताड़ लिया…”माँ ने मेरा चेहरा देखते ही ताड़ लिया कि मैं झूठ बोल रहा हूँ।
सहज प्रवृत्तिजन्म से मिली स्वाभाविक समझ (इंस्टिंक्ट)“सहज प्रवृत्ति हिरनों को यह समझा रही थी…”चूज़ा बिना सिखाए ही दाना चुगता है — यह उसकी सहज प्रवृत्ति है।
निरापदजिसमें कोई आपदा या खतरा न हो, सुरक्षित“हिरन भागने को निरापद नहीं समझकर…”तेज़ बारिश में पेड़ के नीचे खड़ा होना निरापद नहीं होता।
रकबाक्षेत्रफल, ज़मीन का फैलाव“पूरे मॉरिशस द्वीप का रकबा 720 वर्गमील आँका जाता है।”हमारे गाँव की पंचायत का रकबा दो सौ हेक्टेयर है।
व्यापकदूर-दूर तक फैला हुआ, बहुत विस्तृत“हिंदी का मॉरिशस में व्यापक प्रचार है।”स्वच्छता अभियान का प्रचार पूरे ज़िले में व्यापक रहा।
ऊखगन्ना, ईख“मॉरिशस में ऊख की खेती और उसके व्यवसाय…”जाड़े में ऊख के रस से गुड़ बनाया जाता है।
प्राणवती / चिरायुप्राणों से भरी हुई / लंबी आयु वाली“भारतीय संस्कृति कितनी प्राणवती और चिरायु है”लोकगीत आज भी उतने ही प्राणवती हैं जितने सौ साल पहले थे।
प्रलोभनलालच, ललचाने वाला लोभ“भारतीयों ने… प्रलोभनों को ठुकरा दिया।”ईमानदार अफ़सर ने हर प्रलोभन ठुकरा दिया।
सुरम्यमन को भाने वाला, बहुत सुंदर“मंदिरों और शिवालयों को मैंने अत्यन्त स्वच्छ और सुरम्य पाया।”पहाड़ी झरने के पास का दृश्य बड़ा सुरम्य था।
काँवरबाँस का डंडा जिसके दोनों सिरों पर छींके बाँधकर जल ले जाते हैं“कंधों पर काँवर लिए जुलूस बाँधकर परी तालाब पर आते हैं”सावन में काँवर लेकर श्रद्धालु गंगाजल लाते हैं।
क्रेयोलमॉरिशस की जनभाषा, दो भाषाओं के मेल से बनी नई भाषा“मगर जनता वहाँ क्रेयोल बोलती है।”क्रेयोल का फ्रेंच से वही नाता है जो भोजपुरी का हिंदी से है।
  1. मेरी समझ से
  2. पंक्तियों पर चर्चा
  3. सोच-विचार के लिए
  4. मिलकर करें मिलान
  5. यात्रा-वृत्तांत की रचना
  6. अनुमान या कल्पना से
  7. संज्ञा के स्थान पर
  8. पहचान पाठ के आधार पर
  9. आपकी बात
  10. कक्षा और घर की भाषाएँ
  11. प्रशंसा या सराहना विभिन्न प्रकार से
  12. चित्रात्मक सूचना (इंफोग्राफिक्स)
  13. हस्ताक्षर
  14. पत्र
  15. उलझन सुलझाओ
  16. आज की पहेली
  17. खोजबीन के लिए
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