मल्हार अध्याय 12 आपकी बात

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) “वहाँ जो कुछ देखा, वह जन्मभर कभी नहीं भूलेगा।” क्या आपने कभी ऐसा कुछ देखा, सुना या पढ़ा है जिसके बारे में आपको लगता है कि आप उसे कभी नहीं भूल सकेंगे? उसके बारे में अपने समूह में बताइए।
उत्तर

यह आपके अपने अनुभव का प्रश्न है, इसलिए उत्तर हर बच्चे का अलग होगा। पर अच्छे उत्तर में ये चार बातें ज़रूर होनी चाहिए

  1. कब और कहाँ — घटना का समय और जगह बताइए, ताकि सुनने वाले के मन में दृश्य बने।
  2. क्या हुआ — घटना को क्रम से कहिए; बीच में कूदिए मत।
  3. आपने क्या देखा-सुना — रंग, आवाज़, गंध जैसी छोटी बातें बताइए। दिनकर ने भी यही किया — “एक सिंह ने उठकर जम्हाई ली, दूसरे ने देह को ताना।”
  4. आपको कैसा लगा और क्यों नहीं भूलेंगे — यही सबसे ज़रूरी हिस्सा है। लेखक ने भी अपनी घबराहट छिपाई नहीं — “मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि मेरा रक्तचाप बढ़ रहा है।”

नमूना उत्तर:

पिछले साल जुलाई में हमारी कक्षा शैक्षिक भ्रमण पर पास के पक्षी अभयारण्य गई थी। सुबह की धुंध में तालाब के किनारे सैकड़ों सारस खड़े थे। हमारे शिक्षक ने धीरे से कहा — “कोई शोर मत करना।” हम सब साँस रोककर खड़े हो गए। तभी एक सारस ने पंख फैलाए और देखते-ही-देखते पूरा झुंड एक साथ उड़ चला। उनके पंखों की आवाज़ ऐसी थी मानो दूर कहीं ज़ोर की बारिश हो रही हो। पानी पर उनकी परछाइयाँ काँपती रहीं। उस दिन मुझे पहली बार लगा कि पक्षी केवल आकाश में उड़ते बिंदु नहीं हैं — उनका अपना संसार है। वह दृश्य मैं जीवन-भर नहीं भूलूँगा/भूलूँगी, क्योंकि उसी दिन से मैंने घर की छत पर पक्षियों के लिए पानी रखना शुरू कर दिया।

सुनाते समय: धीरे और साफ़ बोलिए, और अंत में एक वाक्य में यह ज़रूर कहिए कि उस अनुभव ने आपको क्या सिखाया। इसी से आपकी बात दूसरों के मन में भी टिक जाएगी।
प्र2.
(ख) “हमें अफ्रीका के शेरों से मुलाकात कर लेनी चाहिए।” ‘मुलाकात’ शब्द का अर्थ है ‘मिलना’। लेकिन यहाँ ‘मुलाकात’ शब्द का भाव है— शेरों को पास से देखना… आपने अब तक किन-किन पशु-पक्षियों से ‘मुलाकात’ की है? वह मुलाकात कहाँ हुई थी? बताइए।
उत्तर

पहले शब्द की बात समझ लीजिए। ‘मुलाकात’ आमतौर पर दो व्यक्तियों के मिलने के लिए आता है। दिनकर ने उसे शेरों के लिए इस्तेमाल किया — इससे शेर पाठक के मन में ‘देखने की चीज़’ नहीं, मिलने योग्य प्राणी बन जाते हैं। यही भाषा का कमाल है।

साधारण कहना‘मुलाकात’ की शैली में कहनाअंतर
हमने चिड़ियाघर में शेर देखा।चिड़ियाघर में शेर से हमारी मुलाकात हुई।शेर अब वस्तु नहीं, एक ‘कोई’ बन गया।
छत पर गिलहरी थी।छत पर एक गिलहरी से भेंट हो गई।अचानक मिलने का सुख वाक्य में आ जाता है।
मैंने मोर देखा।मैंने मोर को अपनी आँखों से, सजीव देखा।चित्र या टी.वी. नहीं — असली देखना, यह स्पष्ट हो जाता है।

अब आपकी बारी। अपनी लेखन-पुस्तिका में ऐसी तालिका बनाइए — पशु-पक्षी का नाम / मुलाकात कहाँ हुई / कब हुई / उस समय वह क्या कर रहा था। पालतू और जंगली, दोनों को शामिल कीजिए।

नमूना उत्तर:

किससे मुलाकातकहाँवह क्या कर रहा था
गिलहरीअपने घर के आँगन के अमरूद के पेड़ परदोनों अगले पंजों में अमरूद पकड़कर कुतर रही थी और बीच-बीच में पूँछ हिलाकर चारों ओर देख लेती थी।
मोरगर्मी की छुट्टियों में दादी के गाँव के खेत मेंबादल घिरते ही उसने पंख फैलाकर नाचना शुरू कर दिया — मैंने पहली बार असली मोर-नृत्य देखा।
बंदरों का झुंडपहाड़ी मंदिर के रास्ते मेंवे मुँडेर पर बैठे थे और हाथ में थैला देखते ही पास चले आते थे।
बगुलागाँव के तालाब के किनारेएक पैर पर बिलकुल निश्चल खड़ा था और अचानक चोंच डालकर मछली उठा ले गया।
गली का कुत्ता ‘मोती’मेरे घर की गली मेंहर शाम मुझे स्कूल से लौटते देखकर पूँछ हिलाता हुआ साथ-साथ दरवाज़े तक आता है।
ध्यान रखिए: ‘मुलाकात’ शब्द तब और सुंदर लगेगा जब आप बताएँ कि उस समय पशु-पक्षी क्या कर रहा था। केवल “मैंने तोता देखा” कहने से कोई चित्र नहीं बनता।
प्र3.
(ग) “यह ऐसी सफलता की बात है, जिस पर सभी भारतीयों को गर्व होना चाहिए।” आपको किन-किन बातों पर गर्व होता है? बताइए। (संकेत— ये बातें आपके बारे में हो सकती हैं, आपके परिवार के बारे में हो सकती हैं और किसी अन्य व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी आदि के बारे में भी हो सकती हैं।)
उत्तर

पहले समझिए कि गर्व किस बात पर होता है। गर्व मेहनत, ईमानदारी और भलाई पर होता है — किसी से बड़े होने पर नहीं। दिनकर को भी मॉरिशस के भारतीयों पर इसलिए गर्व हुआ क्योंकि उन्होंने “अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया।”

उत्तर लिखते समय संकेत के अनुसार पाँच खाने बनाइए — स्वयं, परिवार, कोई व्यक्ति, स्थान/वस्तु, प्राणी — और हर खाने में एक बात + उसका कारण लिखिए। कारण के बिना गर्व केवल डींग बनकर रह जाता है।

नमूना उत्तर:

किस पर गर्वकिस बात परक्यों
स्वयं परपिछले साल मैंने गिरते-पड़ते साइकिल चलाना सीखा और छोड़ा नहीं।क्योंकि हार मान लेना आसान था, पर मैंने रोज़ अभ्यास किया।
परिवार परमेरी माँ ने घर के आँगन में सब्ज़ियाँ उगाकर पड़ोसियों को भी बाँटीं।क्योंकि उन्होंने कम जगह और कम पानी में भी दूसरों के काम आना सीख लिया।
किसी व्यक्ति परहमारे शिक्षक बाढ़ के दिनों में भी नाव से आकर कक्षा लेते रहे।क्योंकि उन्होंने हमारी पढ़ाई को अपनी सुविधा से ऊपर रखा।
स्थान/वस्तु परअपने देश के तिरंगे और अपनी मातृभाषा पर।क्योंकि इन्हीं से दुनिया में मेरी पहचान बनती है — जैसे मॉरिशस के लोगों की पहचान भोजपुरी और शिवरात्रि से बनी।
प्राणी परहमारे गाँव की गाय ‘कजरी’ पर, और भारत के राष्ट्रीय पशु बाघ पर।क्योंकि कजरी हमारे घर का सहारा है, और बाघ की रक्षा में भारत ने पूरी दुनिया के सामने उदाहरण रखा है।
पाठ से जोड़िए: लेखक ने गर्व की बात तब कही जब भारतीयों ने कठिनाई में भी अपना धर्म और अपनी मेहनत नहीं छोड़ी। इसलिए अपने उत्तर में भी ऐसी बात चुनिए जिसमें किसी ने मुश्किल के बावजूद कुछ अच्छा किया हो। वही सच्चा गर्व है।
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