मल्हार अध्याय 12 कक्षा और घर की भाषाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“प्रायः सभी भारतीय भोजपुरी बोलते अथवा उसे समझ लेते हैं। यहाँ तक कि भारतीयों के पड़ोस में रहने वाले चीनी भी भोजपुरी बखूबी बोल लेते हैं।” भारत एक बहुभाषी देश है। भारत में लगभग सभी व्यक्ति एक से अधिक भाषाएँ बोल या समझ लेते हैं। आप कौन-कौन सी भाषाएँ बोल-समझ लेते हैं? आपके मित्र कौन-कौन सी भाषाएँ बोल-समझ लेते हैं? इसके बारे में यहाँ दी गई तालिका को पूरा कीजिए— (संकेत— इस तालिका को पूरा करने के लिए आपको अपने मित्रों और परिजनों से पूछताछ करनी होगी। पहले भाषाओं के नाम लिखने हैं, बाद में उन नामों को गिनकर उनकी कुल संख्या लिखनी है।)
उत्तर

यह सर्वेक्षण (पूछताछ) का काम है, इसलिए तालिका आपको अपनी पुस्तक में स्वयं भरनी है। करने का तरीका—

  1. पहले अपनी भाषाएँ लिखिए — जिनमें आप बोल सकते हैं और जिन्हें केवल समझ लेते हैं, दोनों।
  2. फिर चार-पाँच मित्रों से पूछिए और उनके नाम की भाषाएँ लिखिए।
  3. फिर घर में दादा-दादी, नाना-नानी, माता-पिता से पूछिए — पुरानी पीढ़ी अक्सर एक बोली अधिक जानती है (जैसे भोजपुरी, अवधी, मारवाड़ी, कोंकणी, तुलु)।
  4. अंत में हर स्तंभ की भाषाएँ गिनकर ‘कुल संख्या’ वाली पंक्ति में संख्या लिख दीजिए। एक ही भाषा दो बार आए तो एक ही बार गिनिए।

नमूना उत्तर (आप इसे अपने अनुसार बदलिए)—

क्रम संख्यामैं जिन भाषाओं को बोल-समझ लेता/लेती हूँमेरे मित्र जिन भाषाओं को बोल-समझ लेते हैंमेरे परिजन जिन भाषाओं को बोल-समझ लेते हैं
1हिंदीहिंदीहिंदी
2अंग्रेज़ीअंग्रेज़ीभोजपुरी
3भोजपुरीभोजपुरीअवधी
4पंजाबीअंग्रेज़ी
5बांग्लासंस्कृत (पूजा-पाठ की)
6तमिल
कुल संख्या365
इस काम से क्या सीखेंगे: तालिका भरते ही दिख जाएगा कि आपके छोटे-से समूह में भी कितनी भाषाएँ ज़िंदा हैं। यही तो बहुभाषिकता है — और यही पाठ की बात को सिद्ध करता है कि भोजपुरी जैसी बोली भारत से निकलकर मॉरिशस तक पहुँच गई और वहाँ के चीनी मूल के लोग भी उसे बोलने लगे। भाषा जिसके पास जाती है, उसी की हो जाती है।
आगे बढ़िए: जिन भाषाओं के नाम आपने लिखे हैं, उनमें ‘नमस्ते’, ‘धन्यवाद’ और ‘पानी’ कैसे कहते हैं — यह भी पूछकर लिख लीजिए। कक्षा में एक ‘भाषा-दीवार’ बनाई जा सकती है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ