प्र1.
आपने इस यात्रा-वृत्तांत में तीन देशों के नाम पढ़े हैं— भारत, केन्या और मॉरिशस। पुस्तकालय या कक्षा में उपलब्ध मानचित्र पर भारत को तो आप सरलता से पहचान ही लेंगे। पाठ में दी गई जानकारी के आधार पर बाकी दोनों देशों को पहचानिए।
उत्तर
यह मानचित्र पर करने का काम है। पाठ में जो सुराग़ दिए गए हैं, उन्हीं से दोनों देश ढूँढ़े जा सकते हैं। नीचे सुराग़ और खोजने का तरीका दोनों दिए हैं।
| देश | पाठ से मिले सुराग़ | मानचित्र पर कैसे ढूँढ़ें |
|---|---|---|
| केन्या | • “नैरोबी (केन्या)” — यानी नैरोबी इसकी राजधानी है। • स्तंभ 2 में — “यह अफ्रीका महाद्वीप के एक देश ‘केन्या’ की राजधानी है।” • “हमें अफ्रीका के शेरों से मुलाकात कर लेनी चाहिए।” • शहर से बाहर बड़ा जंगल जिसमें “घास अधिक, पेड़ बहुत कम” — यह घास के मैदान (सवाना) हैं। | मानचित्र पर पहले अफ्रीका महाद्वीप खोजिए, फिर उसका पूर्वी किनारा देखिए। हिंद महासागर से लगा हुआ, भूमध्य रेखा जिसके ऊपर से गुज़रती है — वही केन्या है। उसकी राजधानी नैरोबी के नाम से पुष्टि कर लीजिए। |
| मॉरिशस | • “मॉरिशस द्वीप भूमध्य रेखा से कोई बीस डिग्री दक्खिन… और देशांतर रेखा 60 के बिल्कुल पास, किंतु उससे पच्छिम की ओर बसा हुआ है।” • “यह द्वीप हिंद महासागर का मोती है।” • “लंबाई 29 मील और चौड़ाई कोई 30 मील… रकबा 720 वर्गमील।” • “जिसका कोई भी हिस्सा समुद्र से पंद्रह मील से ज्यादा दूर नहीं है।” • राजधानी पोर्टलुई। | मानचित्र पर हिंद महासागर में, अफ्रीका के दक्षिण-पूर्व की ओर देखिए। 20° दक्षिण अक्षांश की आड़ी रेखा और 60° पूर्व देशांतर की खड़ी रेखा जहाँ मिलती हैं, उससे थोड़ा-सा पश्चिम में एक छोटा-सा द्वीप दिखेगा — वही मॉरिशस है। पास ही बड़ा द्वीप मेडागास्कर और छोटा रीयूनियन भी मिलेंगे। |
छोटा देश कैसे ढूँढ़ें: मॉरिशस इतना छोटा है (केवल 720 वर्गमील) कि मानचित्र पर बिंदु जैसा दिखता है। इसीलिए उसे अक्षांश-देशांतर से ढूँढ़ना सबसे पक्का तरीका है — पहले आड़ी रेखा (20° दक्षिण) पर उँगली रखिए, फिर खड़ी रेखा (60° पूर्व) तक ले जाइए। दोनों के कटान-बिंदु के आस-पास ही वह मिलेगा।
करके देखिए: कक्षा के मानचित्र पर तीनों देशों — भारत, केन्या और मॉरिशस — पर पिन लगाकर धागे से जोड़िए। यही लेखक की यात्रा का रास्ता है: दिल्ली → बंबई → नैरोबी → मॉरिशस। धागा नापकर देखिए कि हिंद महासागर कितना बड़ा है।