सबसे बड़ा अंतर यह है कि चिड़ियाघर में जानवर पिंजरे या बाड़े में बंद रहते हैं और लोग बाहर से देखते हैं, जबकि नेशनल पार्क में जानवर खुले जंगल में आज़ाद घूमते हैं और लोग गाड़ी में बंद होकर उन्हें देखने जाते हैं।
लेखक ने नैरोबी के पार्क का जो वर्णन किया है, वही यह अंतर सिद्ध करता है — “शहर से बाहर बहुत बड़ा जंगल है, जिसमें घास अधिक, पेड़ बहुत कम हैं… जंगल में सर्वत्र अच्छी सड़कें बिछी हुई हैं और पर्यटकों की गाड़ियाँ उन पर दौड़ती ही रहती हैं।” वहाँ सिंह किसी पिंजरे में नहीं थे — वे खुले में लेटे थे और मोटरें उन्हें घेरकर खड़ी थीं।
| आधार | चिड़ियाघर | नेशनल पार्क (राष्ट्रीय उद्यान) |
|---|---|---|
| जानवर कहाँ रहते हैं | पिंजरे या बनाए हुए बाड़े में | अपने प्राकृतिक जंगल में, खुले |
| भोजन | रखवाले तय समय पर देते हैं | जानवर स्वयं शिकार करते या चरते हैं |
| कौन बंद रहता है | जानवर बंद, आदमी खुला | आदमी गाड़ी में बंद, जानवर खुला |
| आकार | शहर के भीतर, थोड़ी-सी ज़मीन | कई वर्ग किलोमीटर का बड़ा क्षेत्र |
| उद्देश्य | जानवर दिखाना और उनकी देखभाल | पूरे जंगल और उसके जीवों की रक्षा |
| भारत के उदाहरण | दिल्ली का चिड़ियाघर, मैसूर का चिड़ियाघर | जिम कॉर्बेट, काज़ीरंगा, गिर, रणथंभौर |