सही उत्तर है — भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।
इसका सीधा प्रमाण पाठ की ये पंक्तियाँ हैं —
“शिकार वे झुंड का नहीं करते, बल्कि उस जानवर का करते हैं जो भागते हुए झुंड से पिछड़ जाता है।”
यानी हिरन जानते थे कि जो भागेगा और पीछे छूट जाएगा, सिंह उसी पर झपटेंगे। इसलिए वे भागने के बजाय एक गोल (समूह) में जमे रहे — यही उनके लिए सबसे कम खतरे वाला रास्ता था।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था। | सही ★ | “खतरा किसी भी तरफ़ भागने में हो सकता है” — लेखक ने स्वयं यही कारण लिखा है। |
| वे भाग चुके हिरणों के लौटने की प्रतीक्षा में थे। | ग़लत | लौटने या प्रतीक्षा की बात पाठ में कहीं नहीं है। कुछ हिरन भागे ज़रूर, पर बाकी उनके लौटने के लिए नहीं रुके थे। |
| वे बीच खड़े असावधान जिराफ की रक्षा कर रहे थे। | ग़लत | जिराफ का ज़िक्र है — “एक जिराफ बिल्कुल बेवकूफ की तरह खड़ा था” — पर हिरन उसकी रक्षा कर रहे थे, ऐसा पाठ में नहीं कहा गया। |
| सिंह उनसे उदासीन थे अत: उन्हें कोई खतरा नहीं था। | ग़लत | सिंह पर्यटकों से उदासीन थे, हिरनों से नहीं। हिरनों के बारे में तो लिखा है — “हिरनों के झुंड ने ताड़ लिया कि उन पर सिंहों की नज़र पड़ रही है।” |