प्र1.
नीचे दी गई रचनाओं को पुस्तक में दिए गए क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें— • चाँद का कुर्ता • मिर्च का मज़ा • राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जीवनी • हिमालय के पर्वतीय प्रदेश की मनोरम यात्रा
उत्तर
यह पढ़ने और देखने का काम है। पुस्तक में दिया गया क्यू.आर. कोड मोबाइल या टैबलेट से स्कैन कीजिए और चारों रचनाएँ अपने समूह के साथ देखिए। नीचे बताया गया है कि हर रचना में क्या ढूँढ़ना है — इसी से आपकी खोजबीन सार्थक होगी।
| रचना | यह क्या है | देखते-पढ़ते समय क्या ढूँढ़िए |
|---|---|---|
| चाँद का कुर्ता | रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध बाल-कविता, जिसमें चाँद अपनी माँ से कुर्ता सिलवाने की ज़िद करता है। | देखिए कि चाँद हर दिन घटता-बढ़ता है, इसीलिए उसका नाप ही तय नहीं हो पाता। ध्यान दीजिए कि दिनकर ने विज्ञान की बात को कितनी सरल कल्पना में बदल दिया है। |
| मिर्च का मज़ा | ‘दिनकर’ की ही बाल-कविता, जिसका ज़िक्र पाठ के ‘लेखक से परिचय’ में भी है। | देखिए कि कविता हँसाते-हँसाते सीख कैसे दे जाती है। किसी शब्द की ध्वनि और लय पर ध्यान दीजिए — ऊँची आवाज़ में पढ़ने पर मज़ा दुगुना हो जाएगा। |
| राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जीवनी | लेखक का जीवन-परिचय (1908–1974)। | ढूँढ़िए — वे कहाँ जन्मे, उन्हें ‘राष्ट्रकवि’ क्यों कहा गया, उनकी बड़ी कृतियाँ कौन-सी हैं और उन्हें कौन-कौन से सम्मान मिले। इन बातों को एक चार्ट पर समय-रेखा (टाइमलाइन) की तरह लिखिए। |
| हिमालय के पर्वतीय प्रदेश की मनोरम यात्रा | एक और यात्रा-वृत्तांत / यात्रा-वृत्त। | इसे पढ़ते हुए इस पाठ से तुलना कीजिए — दोनों में लेखक कब-कहाँ पहुँचा यह बताया गया है या नहीं, दृश्य कैसे खींचे गए हैं, और लेखक ने अपने मन की बात कहाँ-कहाँ जोड़ी है। |
करने योग्य: चारों रचनाएँ देखने के बाद अपनी लेखन-पुस्तिका में एक पृष्ठ का ‘खोजबीन पन्ना’ बनाइए — हर रचना के आगे दो पंक्तियाँ लिखिए: (1) इसमें क्या था, (2) मुझे सबसे अच्छी कौन-सी बात लगी।
ये चारों साथ क्यों दी गई हैं: पहली दो रचनाएँ बताती हैं कि जो लेखक ‘हल्दीघाटी’ जैसे गंभीर विषय लिखता है, वही बच्चों के लिए हँसी-मज़ाक की कविताएँ भी लिखता है। तीसरी उस लेखक के जीवन से मिलाती है। और चौथी इसी पाठ की विधा — यात्रा-वृत्तांत — का एक और उदाहरण देती है, ताकि आप इस विधा को पहचानना सीख जाएँ।