प्र1.
इस शब्द सीढ़ी में पाठ में आए शब्द हैं। उन्हें पूरा कीजिए और पाठ में रेखांकित कीजिए— (सीढ़ी में दिए गए अक्षर — रा, मा, म, ल्ल, सं, ना, ज, त, क)
उत्तर
पहले सीढ़ी का नियम समझिए। यह साधारण वर्ग-पहेली नहीं, सीढ़ी है — इसलिए हर शब्द अगले शब्द से एक खाने में जुड़ा हुआ है :
एक शब्द का आख़िरी अक्षर = अगले शब्द का पहला अक्षर
और शब्द बारी-बारी से आड़े (→) तथा खड़े (↓) पढ़े जाते हैं।
और शब्द बारी-बारी से आड़े (→) तथा खड़े (↓) पढ़े जाते हैं।
इसी नियम से पूरी सीढ़ी में बारह शब्द बनते हैं। पूरा क्रम यह है —
रात → तमाम → ममता → ताप → पल्लव → वसंत → तना → नाम → मज़बूत → तरल → लटक → कम
| क्रम | दिशा | अक्षरों की संख्या | पुस्तक में दिया अक्षर | पूरा शब्द |
|---|---|---|---|---|
| 1 | आड़ा → | 2 | रा (पहला) | रात |
| 2 | खड़ा ↓ | 3 | मा (बीच का) | तमाम |
| 3 | आड़ा → | 3 | म (बीच का) | ममता |
| 4 | खड़ा ↓ | 2 | — | ताप |
| 5 | आड़ा → | 3 | ल्ल (बीच का) | पल्लव |
| 6 | खड़ा ↓ | 3 | सं (बीच का) | वसंत |
| 7 | आड़ा → | 2 | ना (अंतिम) | तना |
| 8 | खड़ा ↓ | 2 | ना (पहला — वही खाना) | नाम |
| 9 | आड़ा → | 4 | ज (दूसरा) और त (अंतिम) | मज़बूत |
| 10 | खड़ा ↓ | 3 | त (पहला — वही खाना) | तरल |
| 11 | आड़ा → | 3 | क (अंतिम) | लटक |
| 12 | खड़ा ↓ | 2 | क (पहला — वही खाना) | कम |
अब दूसरा काम — इन शब्दों को पाठ में रेखांकित कीजिए। हर शब्द इसी पाठ से लिया गया है :
| शब्द | पाठ की पंक्ति | पृष्ठ |
|---|---|---|
| रात | “इसलिए रात का अँधेरा घिरने तक वे छिपे रहते हैं।” | 148 |
| तमाम | “पेड़-पौधे वे ही तमाम द्रव्य सोखते हैं।” | 146 |
| ममता | “मेरे विचार से माँ की ममता ही वह मणि है।” | 147 |
| ताप | “ईंधन को जलाने पर जो प्रकाश व ताप बाहर प्रकट होता है…” | 147 |
| पल्लव | “सूर्य-किरण का स्पर्श पाकर ही पेड़ पल्लवित होता है।” (शब्द ‘पल्लव’ इसी के भीतर है) | 147 |
| वसंत | “सर्दियों के बाद वसंत आया।” | 145 |
| तना | “जो अंश ऊपर की ओर बढ़ता है, उसे तना कहते हैं।” | 145 |
| नाम | “उसका नाम जड़ है…” | 145 |
| मज़बूत | “अंकुर का एक अंश नीचे माटी में मज़बूती से गड़ गया…” (शब्द ‘मज़बूत’ इसी के भीतर है) | 145 |
| तरल | “वे केवल तरल द्रव्य या वायु से भोजन ग्रहण करते हैं।” | 146 |
| लटक | “जड़ घूमकर नीचे की ओर लटक गई।” | 146 |
| कम | “शायद पेड़ भी कम प्रफुल्लित नहीं होते!” | 148 |
पहेली सुलझाने की तरकीब: सबसे पहले वह शब्द भरिए जिसमें सबसे अनोखा अक्षर दिया हो। यहाँ ‘ल्ल’ ऐसा ही है — बीच में ‘ल्ल’ और तीन अक्षर वाला पाठ का शब्द केवल पल्लव ही है। उसी से आगे-पीछे की कड़ियाँ खुलती चली जाती हैं : पल्लव का पहला अक्षर ‘प’ माने पिछला शब्द ‘प’ पर ख़त्म होगा — यानी ताप; और आख़िरी अक्षर ‘व’ माने अगला शब्द ‘व’ से शुरू होगा — यानी वसंत।
मिलान कीजिए: ये उत्तर पुस्तक के अंत में, पृष्ठ 165 पर दी गई ‘पहेलियों के उत्तर’ तालिका से भी जाँचे जा सकते हैं — वहाँ पाठ 13 ‘पेड़ की बात’ के सामने यही बारह शब्द छपे हैं।