मल्हार अध्याय 13 खोजबीन के लिए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग करके आप जगदीशचंद्र बसु के बारे में और जान-समझ सकते हैं— • जगदीशचंद्र बसु • जगदीशचंद्र बसु— एक विलक्षण और संवेदनशील वैज्ञानिक
उत्तर

यह खोजबीन की गतिविधि है। इंटरनेट पर ये दोनों शीर्षक खोजिए, और जो पढ़ें उसे अपनी लेखन-पुस्तिका में अपने शब्दों में उतारिए — नकल मत कीजिए। खोज को दिशा देने के लिए ये प्रश्न सामने रखिए :

  1. जगदीशचंद्र बसु का जन्म कब और कहाँ हुआ? बचपन कैसा बीता?
  2. उन्होंने पौधों के बारे में क्या सिद्ध किया, और उसके लिए कौन-सा यंत्र बनाया?
  3. रेडियो तरंगों पर उनका काम क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
  4. उन्होंने अपनी खोजों का पेटेंट क्यों नहीं लिया? इससे उनके स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?
  5. उन्होंने विज्ञान के अलावा और क्या लिखा?

नमूना उत्तर (खोज के बाद तैयार परिचय):

बिंदुजानकारी
जीवनकाल1858–1937 (पुस्तक में चित्र के नीचे यही वर्ष दिए गए हैं)। जन्म बंगाल में; बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए बीता।
कार्यक्षेत्रजीवविज्ञान, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान और विज्ञान कथा लेखन — इसीलिए उन्हें बहुविद् (अनेक विषयों का ज्ञाता) कहा गया है।
सबसे बड़ी खोजउन्होंने सिद्ध किया कि पौधों का भी एक निश्चित जीवनचक्र और प्रजनन प्रणाली होती है तथा वे अपने परिवेश के प्रति जागरूक होते हैं। इस तरह वे यह स्थापित करने वाले विश्व के पहले व्यक्ति बने कि पौधे किसी भी अन्य जीव रूप के समान होते हैं।
दूसरी बड़ी खोजउन्होंने सर्वप्रथम रेडियो तरंगों के द्वारा संचार स्थापित किया — आज का बेतार संचार इसी दिशा का विस्तार है।
‘संवेदनशील’ क्योंक्योंकि उन्होंने पौधों को केवल वस्तु नहीं, अनुभव करने वाला जीव माना। ‘पेड़ की बात’ में पेड़ हँसता है, बुलाता है और संतान के लिए सब कुछ लुटा देता है — यह वैज्ञानिक की क़लम से निकली करुणा है।
‘विलक्षण’ क्योंक्योंकि उन्होंने भौतिकी और वनस्पति विज्ञान — दो अलग दिशाओं में एक साथ काम किया, और कठिन विज्ञान को चित्रात्मक साहित्यिक स्वरूप देकर बच्चों तक पहुँचा दिया।
इस पाठ से जुड़ाव‘पेड़ की बात’ मूल रूप से बांग्ला में लिखी गई थी; इसका हिंदी अनुवाद शंकर सेन ने किया है।
खोजबीन का सही तरीका: (1) कम-से-कम दो अलग स्रोतों से जाँचिए — यदि दोनों जगह एक ही बात मिले तभी लिखिए। (2) सन् और नाम ध्यान से उतारिए। (3) हर जानकारी के आगे स्रोत का नाम लिखिए। (4) इंटरनेट का प्रयोग बड़ों की देखरेख में ही कीजिए।
आगे बढ़िए: कक्षा में ‘हमारे वैज्ञानिक’ नाम से एक दीवार-पत्रिका बनाइए। उसमें जगदीशचंद्र बसु के साथ सी.वी. रामन, होमी जहाँगीर भाभा, विक्रम साराभाई, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और जानकी अम्माल जैसे नाम भी जोड़िए — हर एक का चित्र, एक खोज और एक वाक्य।
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