प्र1.
(क) एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा कौन-से बिहू के अवसर पर भारत आए थे? लिखिए।
उत्तर
वे रोंगाली या बोहाग बिहू के अवसर पर भारत आए थे — वही बिहू जो बैसाख में, यानी सामान्यतया अप्रैल में मनाया जाता है।
तीन प्रमाण, तीनों पाठ से —
- महीना — “वे जब यहाँ आ रहे थे तब अप्रैल का महीना चल रहा था।” और पुस्तक की तालिका कहती है कि रोंगाली या बोहाग बिहू “बैसाख, सामान्यतया अप्रैल में” पड़ता है।
- नया साल — “असम में यह नए साल का वक्त होता है।” मिलान वाली गतिविधि में भी बोहाग बिहू की पहचान यही दी गई है — “असम में नए साल की शुरुआत और बसंत के आगमन का प्रतीक है।”
- ऋतु — “बसंत के आने की खुशी में वे सभी एक त्योहार मनाते हैं” और “वह मंत्रमुग्ध होकर वहाँ लड़के-लड़कियों को बसंत ऋतु के आगमन पर नृत्य करते देख रही थी।”
एक और सुराग़ यह भी है कि एंजेला की बसंत की छुट्टियाँ चल रही थीं, जिन्हें माँ ने एक हफ़्ते और बढ़वाया था। यानी यात्रा बसंत में ही हुई।
तीनों नाम याद रखने का तरीक़ा: हर बिहू के दो नाम हैं — एक भाव बताता है और एक महीना। रोंगाली (रंग) = बोहाग (बैसाख); भोगाली (भोग यानी खाना-पीना) = माघ; कोंगाली (कंगाल यानी अभाव) = काटी (कार्तिक)। नाम में ही त्योहार का मिज़ाज छिपा है।