अन्वेषण अध्याय 1 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पृष्ठ 8 पर दिए गए चित्र 1.1 में — चिकित्सालय को अंकित कीजिए।
उत्तर

चिकित्सालय मानचित्र के ठीक मध्य में स्थित गुलाबी भवन है। इसे दो चिह्नों से तुरंत पहचाना जा सकता है —

  • उसके सामने के मेहराब पर लिखा नाम, तथा
  • दीवार पर बना लाल क्रॉस, जो लगभग पूरे विश्व में चिकित्सा-सेवा का चिह्न है।

पड़ोस से स्थिति और स्पष्ट हो जाती है — यह झील के दक्षिण, विद्यालय के पूर्व, नगर पंचायत के पश्चिम तथा बाजार के उत्तर में है। अपनी पुस्तक में इसके चारों ओर एक गोला बनाइए या लाल क्रॉस से अंकित कीजिए।

सुझाव: मानचित्र पर कुछ भी अंकित करें तो उसे संकेत-सूची (लेजेंड) में भी जोड़िए। जिस चिह्न का अर्थ कोई और न समझ सके, वह किसी काम का नहीं।
प्र2.
नीले रंग से दिखाए गए क्षेत्र क्या दर्शा रहे हैं?
उत्तर

नीले क्षेत्र जलराशि दर्शाते हैं। इस मानचित्र में ये हैं —

  • झील — उत्तर-पश्चिम में लहरदार रेखाओं वाला बड़ा नीला भाग, और
  • उत्तर से आकर उसमें मिलने वाली नदी/धारा
नीला ही क्यों: विश्व-भर के मानचित्रकार एक ही रंग-संकेत का पालन करते हैं ताकि मानचित्र एक दृष्टि में समझ आ जाए — जल के लिए नीला, वन, मैदान और उद्यान के लिए हरा, पहाड़ियों और ऊँची भूमि के लिए भूरा या पीला, सड़कों, रेलमार्गों और भवनों के लिए काला या लाल। इसीलिए आप उस देश का एटलस भी पढ़ सकते हैं जिसकी भाषा आप नहीं जानते।
स्वयं देखिए: अपने एटलस में भारत का कोई भौतिक मानचित्र खोलिए — अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और सभी नदियाँ नीली होंगी, थार मरुस्थल पीला-भूरा और गंगा का मैदान हरा।
प्र3.
विद्यालय, नगर पंचायत या सार्वजनिक उद्यान में से रेलवे स्टेशन से कौन-सा स्थान सबसे अधिक दूरी पर है?
उत्तर

सार्वजनिक उद्यान सबसे अधिक दूरी पर है।

मानचित्र को पश्चिम से पूर्व की ओर देखिए। रेलवे स्टेशन सुदूर पश्चिम किनारे पर है। अब तुलना कीजिए —

स्थानस्टेशन से किस ओरदूरी
विद्यालयठीक दक्षिण-पूर्व में, बहुत निकटसबसे निकट
नगर पंचायतपूर्व की ओर, चिकित्सालय से कुछ आगेबीच में
सार्वजनिक उद्यानसुदूर उत्तर-पूर्व में, मानचित्र के विपरीत कोने परसबसे दूर
स्वयं जाँचिए: रूलर रखकर स्टेशन से तीनों स्थानों तक की सीधी दूरी मापिए। यदि मानचित्र का स्केल 1 से.मी. = 500 मी. होता, तो आप प्रत्येक माप को वास्तविक मीटर में बदल सकते थे।
प्र4.
कक्षा के एक क्रियाकलाप के रूप में तीन या चार विद्यार्थियों के अलग-अलग समूह बनाइए। प्रत्येक समूह से अपने विद्यालय तथा उस तक जाने वाले कुछ मार्गों और पड़ोस के भवनों का मानचित्र बनाने को कहिए। अंत में सभी मानचित्रों की तुलना कीजिए और उन पर चर्चा कीजिए।
उत्तर

इसे अच्छी तरह करने के पाँच चरण —

  1. पहले घूमकर देखिए। विद्यालय का द्वार, मुख्य भवन, खेल-मैदान तथा विद्यालय के चारों ओर क्या-क्या है, यह नोट कीजिए।
  2. दिशा निश्चित कीजिए। उत्तर पहचानिए (सूर्य लगभग पूर्व में उगता है; कम्पास या मोबाइल का कम्पास अधिक सटीक है)। कुछ भी बनाने से पहले कागज के कोने पर ‘उ.’ वाला तीर बनाइए।
  3. स्केल चुनिए। कदमों से नापिए — यदि द्वार से मुख्य भवन तक 50 कदम (लगभग 35 मी.) हैं, तो 1 से.मी. = 10 मी. रखिए। स्केल को मानचित्र पर लिखिए।
  4. ऊपर से देखी गई आकृति बनाइए, सामने से दिखने वाला चित्र नहीं। छतें आयत बनेंगी, सड़कें दो समानांतर रेखाएँ और वृक्ष छोटे गोले।
  5. संकेत-सूची जोड़िए जिसमें प्रत्येक चिह्न और रंग का अर्थ लिखा हो।
चर्चा के लिए नमूना उत्तर: “पाँचों मानचित्र एक ही विद्यालय के थे, फिर भी एक जैसे नहीं थे। एक समूह ने खेल-मैदान बहुत बड़ा बना दिया क्योंकि वे वहीं खेलते हैं; दूसरे समूह ने दिशा-तीर बनाया ही नहीं, इसलिए उसका मानचित्र दूसरों से मिलाया नहीं जा सका। जिन दो मानचित्रों में स्केल था, उनकी तुलना सरलता से हो गई।”
इससे दो बातें निकलती हैं — मानचित्र एक चुनाव है (मानचित्रकार तय करता है कि क्या दिखाना है), और दिशा तथा स्केल के बिना मानचित्र दूसरों के काम का नहीं रहता
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