प्र1.
आपके विचार से जो गतिविधियाँ या व्यवसाय मौद्रिक मूल्य का सृजन करते हैं, उनके सामने सही (✓) का निशान लगाइए। क्या आप अंतिम दो रिक्त पंक्तियों में दो गतिविधियाँ और उनके मूल्य सृजन से संबंधित धनराशि के दो उदाहरण जोड़ सकते हैं? (1. बेकर 2. दर्जी 3. किसान द्वारा अपने ट्रैक्टर की मरम्मत 4. चिकित्सक 5. परिवार के लिए भोजन बनाने वाले अभिभावक 6. वैज्ञानिक 7. बीमार दादा-दादी एवं नाना-नानी की देखभाल करने वाला व्यक्ति 8. ____ 9. ____)
उत्तर
निशान केवल वहीं लगाइए जहाँ कोई धन या वस्तु का नकद मूल्य चुकाता है। पूरी भरी हुई तालिका इस प्रकार है, जिसमें पंक्ति 8 और 9 भी भरी गई हैं।
| क्र.सं. | गतिविधि/व्यवसाय | मौद्रिक मूल्य का सृजन? | मूल्य सृजन संबंधी धनराशि के उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | बेकर | ✓ | ₹200 का आटा, चीनी और खमीर खरीदकर उससे बनी ब्रेड और केक ₹500 में बेचता है — पकाने से ₹300 का मूल्य जुड़ा |
| 2 | दर्जी | ✓ | ग्राहक के लाए कपड़े से कुर्ता सिलने के ₹300 लेता है — यह ₹300 उसके कौशल का मूल्य है, ठीक राजेश के ₹400 की तरह |
| 3 | किसान द्वारा अपने ट्रैक्टर की मरम्मत | ✗ (निशान नहीं) | वे अपना ही ट्रैक्टर ठीक करते हैं, अत: किसी को कोई भुगतान नहीं होता। इसकी जुड़वाँ स्थिति देखिए — वही ट्रैक्टर मैकेनिक शुल्क लेकर ठीक करे तो ✓ होगा |
| 4 | चिकित्सक | ✓ | ₹400 परामर्श शुल्क लेते हैं, अथवा अस्पताल से मासिक वेतन पाते हैं |
| 5 | परिवार के लिए भोजन बनाने वाले अभिभावक | ✗ (निशान नहीं) | इसके लिए कोई भुगतान नहीं होता — यह स्नेह और सेवा से किया जाता है। परिवार के लिए इसका मूल्य अपार है, किंतु वह मौद्रिक मूल्य नहीं है। वही खाना बनाने वाला रसोइया होटल में मजदूरी पर बनाए तो ✓ होगा |
| 6 | वैज्ञानिक | ✓ | प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय या इसरो/सी.एस.आई.आर. जैसे संस्थान से वेतन पाते हैं, और उनके अनुसंधान से करोड़ों के उत्पाद बन सकते हैं |
| 7 | बीमार दादा-दादी एवं नाना-नानी की देखभाल करने वाला व्यक्ति | ✗ (निशान नहीं) | यह पारिवारिक सेवा है, स्नेह और कृतज्ञता से की गई। वही देखभाल प्रशिक्षित नर्स वेतन लेकर करे तो ✓ होगा — कार्य वही है, केवल भुगतान का अंतर है |
| 8 | कुम्हार (जोड़ा गया) | ✓ | लगभग मुफ्त की मिट्टी खोदकर, गढ़कर और पकाकर साप्ताहिक बाजार में ₹150 प्रति मटका बेचता है |
| 9 | बस चालक (जोड़ा गया) | ✓ | प्रतिदिन सैकड़ों सवारियों को काम, विद्यालय और बाजार सुरक्षित पहुँचाने के लिए मासिक वेतन पाता है |
पंक्ति 8 और 9 के लिए अन्य अच्छे विकल्प: नाई (बाल काटने का शुल्क) · मछुआरा (दिन की मछली बेचता है) · बुनकर (हथकरघा साड़ी बेचता है) · राजमिस्त्री (निर्माण स्थल पर दैनिक मजदूरी) · मोबाइल मरम्मत की दुकान (हर मरम्मत का शुल्क) · कूरियर पहुँचाने वाला (प्रति डिलीवरी भुगतान) · ब्यूटीशियन, बिजली मिस्त्री, नल मिस्त्री, ऐप बनाने वाला।
पंक्ति 3, 5 और 7 पर निशान क्यों नहीं — और यह अपमान क्यों नहीं है: प्रश्न केवल मौद्रिक मूल्य पूछ रहा है, और धन तभी आता है जब दो लोगों के बीच लेन-देन हो। किसान की मरम्मत, अभिभावक का भोजन बनाना और बीमार बुजुर्ग की सेवा — तीनों परिवार के भीतर, परिवार के लिए किए जाते हैं। देखिए कि पुस्तक स्वयं इसी कार्य के बारे में क्या कहती है — ठीक अगले ही खंड की पहली पंक्ति है, “गैर-आर्थिक गतिविधियों में धनराशि सम्मिलित नहीं होती है, फिर भी इनसे उत्पन्न मूल्य हमारे जीवन में महत्व रखते हैं।” इस स्तंभ में निशान न लगना उस कार्य को कम अंक देना नहीं है। इसका केवल इतना अर्थ है कि यह स्तंभ रुपये नाप रहा है, और रुपये सब कुछ नहीं नाप सकते।
एक कदम आगे सोचिए: जो परिवार रसोइया, नर्स और मैकेनिक रखता है, वह प्रतिमाह ठीक उसी कार्य के लिए वास्तविक धन चुकाता है जिसका वर्णन पंक्ति 3, 5 और 7 करती हैं। अर्थात् इस कार्य का मौद्रिक मूल्य सदैव था — बस उसका बिल कभी नहीं बना। संसार भर के और भारत के भी अर्थशास्त्री दशकों से कहते रहे हैं कि अवैतनिक घरेलू और देखभाल के कार्य को नापा और गिना जाना चाहिए, क्योंकि छोड़ देने से वह अदृश्य हो जाता है। भारत सहित अधिकांश देशों में इस अवैतनिक कार्य का बड़ा भाग महिलाएँ करती हैं; इसे पहचानना और घर के सभी सदस्यों में न्यायपूर्ण ढंग से बाँटना इस अध्याय को व्यवहार में उतारने का सबसे सीधा उपाय है।