अन्वेषण अध्याय 14 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
वर्तमान में इस सहकारी संगठन के पास अनेक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र और कारखाने हैं, जो भारत के सभी भागों में अनेक प्रकार के उत्पाद तैयार करते हैं। क्या आप इनमें से कुछ का नाम बता सकते हैं?
उत्तर

हाँ — किसी भी डेयरी की दुकान में जाइए, वहाँ रखी लगभग हर वस्तु इसी सहकारी संगठन का उत्पाद है। और इन सबका आरंभ एक ही वस्तु से होता है — किसान के घर गाय या भैंस से निकाला गया दूध।

उत्पाद का प्रकारपहचाने-जाने वाले उदाहरणदूध के साथ क्या किया जाता है
तरल दूधटोंड दूध, डबल टोंड दूध, फुल क्रीम दूध, स्वादिष्ट (फ्लेवर्ड) दूधपाश्चुरीकरण करके थैलियों या डिब्बों में पैक किया जाता है
वसा से बने उत्पादमक्खन, घी, क्रीमदूध से वसा अलग करके मथा जाता है
सूखे उत्पाददूध का पाउडर, शिशु आहार, डेयरी व्हाइटनरपानी सुखा दिया जाता है, जिससे दूध महीनों चलता है
पनीर और चीजप्रसंस्कृत चीज, चीज स्लाइस, पनीरदूध फाड़कर ठोस भाग दबाया जाता है
किण्वित उत्पाददही, छाछ, लस्सी, श्रीखंडजामन मिलाकर दूध जमाया जाता है
मिठाइयाँ और जमे हुए उत्पादआइसक्रीम, चॉकलेट, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, पेड़ादूध के ठोस अंश को पकाया, मीठा या जमाया जाता है

पहले दो नाम पुस्तक स्वयं देती है। जब दूध की मात्रा इतनी बढ़ गई कि उसे केवल दूध के रूप में नहीं बेचा जा सकता था, तब किसानों ने “आणंद में एक दुग्ध प्रसंस्करण कारखाना स्थापित किया तथा मक्खन और दूध का पाउडर बनाना आरंभ किया” (पृष्ठ 203)। शेष सारे उत्पाद उसी पहले कारखाने से आगे बढ़े।

सहकारी संगठन इतने उत्पाद क्यों बनाता है: दूध कुछ ही घंटों में खराब हो जाता है, किंतु घी महीनों और दूध का पाउडर लगभग एक वर्ष चलता है। हर अतिरिक्त उत्पाद उस दूध को बचाने का एक और तरीका है जो अन्यथा नष्ट हो जाता — और हर प्रसंस्करण चरण मूल्य संवर्धन करता है, जिससे किसान के दूध की कमाई सादे दूध से अधिक हो जाती है। इसीलिए वही एक लीटर दूध भोपाल में मक्खन बन सकता है और किसी अन्य देश जाने वाले जहाज में दूध का पाउडर।
क्या आप जानते हैं? पिछले तीस वर्षों से भारत विश्व में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है। इसका आरंभ इसी प्रकार के सहकारी संगठनों से हुआ, और आणंद की इसी पद्धति पर बने देशव्यापी कार्यक्रम को ऑपरेशन फ्लड या श्वेत क्रांति कहा जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ