प्र1.
क्या आप भारत के लिए प्रयुक्त भिन्न-भिन्न नामों से इस तालिका को पूर्ण कर सकते हैं? (फारसी / यूनानी / लैटिन — भारत / चीनी / अरबी और फारसी / अंग्रेजी — इंडिया / फ्रेंच — इन्डे)
उत्तर
पूर्ण की गई तालिका नीचे दी गई है। हर प्रविष्टि अध्याय से ही आती है — कुछ भी अनुमान से नहीं भरना पड़ता।
| भाषा | भारत के लिए नाम | अध्याय में कहाँ |
|---|---|---|
| फारसी | हिंद, हिदु, हिंदू | पृष्ठ 81 — छठी शताब्दी सा.सं.पू. से फारसियों के प्रारंभिक लेखों और शिलालेखों में ‘सिंधु’ का रूपांतरण |
| यूनानी | इंडोई, इंडिके | पृष्ठ 81 — फारसी स्रोतों के आधार पर, पहला अक्षर ‘ह’ हटाकर |
| लैटिन | India (इंडिया) | पुस्तक में पहले से भरा हुआ — यूनानी रूप लैटिन में पहुँचे |
| चीनी | यिन्तू, यिंदू (तथा तियन्जू) | पृष्ठ 81 एवं 83 — सिंधु → हिंदू → इंदू → यिंदू; ‘तियन्जू’ को ‘स्वर्गतुल्य स्वामी’ भी समझा जा सकता है |
| अरबी और फारसी | हिंदुस्तान | पृष्ठ 83 — सर्वप्रथम लगभग 1800 वर्ष पूर्व एक फारसी शिलालेख में; बाद में आक्रमणकारियों का सामान्य शब्द |
| अंग्रेजी | India (इंडिया) | पुस्तक में पहले से भरा हुआ — लैटिन से लिया गया |
| फ्रेंच | Inde (इन्डे) | पुस्तक में पहले से भरा हुआ — वही लैटिन शब्द, फ्रेंच में छोटा होकर |
स्तंभ को ऊपर से नीचे देखिए। सात में से छह नाम वास्तव में एक ही शब्द हैं, जिन्हें छह भाषाओं ने अपने-अपने ढंग से घिस दिया —
सिंधु → हिंदू (फारसी) → इंडोई / इंडिके (यूनानी) → India (लैटिन) → India (अंग्रेजी), Inde (फ्रेंच)
सिंधु → हिंदू → इंदू → यिंदू (चीनी)
सिंधु → हिंद → हिंदुस्तान (फारसी, फिर अरबी)
सिंधु → हिंदू → इंदू → यिंदू (चीनी)
सिंधु → हिंद → हिंदुस्तान (फारसी, फिर अरबी)
‘ह’ बार-बार आता और जाता क्यों है: संस्कृत का स प्राचीन फारसी में नियमित रूप से ह बन जाता था — अत: सिंधु स्वाभाविक रूप से हिंदू हो गया। यूनानी के सामने उलटी समस्या थी: शब्द के आरंभ में उस ‘ह’ ध्वनि के लिए उनके पास अक्षर ही नहीं था, इसलिए उन्होंने उसे हटा दिया और इंडोई लिखा। ईरान की एक ध्वनि-परिवर्तन और यूनान का एक अनुपस्थित अक्षर — यही कारण है कि आज अंग्रेजी में हमारे देश को India कहा जाता है।
ध्यान दीजिए — पुस्तक की एक छपाई-त्रुटि: हिंदी संस्करण की तालिका में ‘लैटिन’ के सामने ‘भारत’ छपा है। अंग्रेजी संस्करण में वहाँ ‘India’ है। लैटिन में देश का नाम India ही है, ‘भारत’ नहीं — अनुवाद करते समय ‘India’ को गलती से ‘भारत’ कर दिया गया। अपनी अभ्यास-पुस्तिका में वहाँ India (इंडिया) ही लिखिए।
यह करके देखिए: अपनी दो पंक्तियाँ और जोड़िए। हिंदी → भारत / हिंदुस्तान; तमिल → பாரதம் (भारतम्)। अब तालिका के दोनों भाग मिलाइए — भारतीय भाषाएँ प्राय: भारत का कोई रूप प्रयोग करती हैं, जबकि विदेशी भाषाएँ प्राय: सिंधु का। यही एक अंतर पूरे अध्याय का सार है।