प्र1.
क्या आप ‘हिमाच्छादित पर्वतों’ को पहचानते हैं?
उत्तर
हाँ — ‘हिमाच्छादित पर्वत’ अर्थात हिमालय।
संस्कृत श्लोक: उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चै दक्षिणम् …
हिम = बर्फ + अद्रि = पर्वत → हिमाद्रि = बर्फ का पर्वत
हिम + आलय (= घर, निवास) → हिमालय = “बर्फ का घर”
हिम = बर्फ + अद्रि = पर्वत → हिमाद्रि = बर्फ का पर्वत
हिम + आलय (= घर, निवास) → हिमालय = “बर्फ का घर”
मानचित्र पर कैसे जाँचें। पृष्ठ 76 के चित्र 5.2 पर लौटिए। ऊपर का लंबा सफेद-भूरा चाप हि मा ल य नाम से अंकित है और अपनी पूरी लंबाई में हिमाच्छादित है — उपमहाद्वीप की एकमात्र ऐसी पर्वत-दीवार जो स्थायी रूप से बर्फ से ढकी रहती है। उसके पश्चिम में मानचित्र हिंदुकुश लिखता है, जो इसी विशाल पर्वत-पट्टी का पश्चिमी विस्तार है।
यही पर्वत इस अध्याय में तीन बार और आते हैं:
- पृष्ठ 80 की तमिल कविता उन्हें “उत्तर में महान पर्वत” कहती है।
- अध्याय के आरंभ में श्री अरविंद का उद्धरण कहता है — “हिमालय और दो समुद्रों के बीच”।
- चित्र 5.2 उन्हें मानचित्र के ऊपर बड़े अक्षरों में अंकित करता है।