प्र1.
वयं शब्दार्थान् जानीमः — शब्दः / अर्थः / हिन्दी / English / मातृभाषया अर्थं लिखन्तु — (सरोवरः, गजः, शशकः, मृताः, भीताः, प्रतिबिम्बम्, चिन्तामग्नः, शशाङ्कः, नाम्ना) ।
उत्तर
पुस्तक की पूरी शब्दार्थ-तालिका, अन्तिम स्तम्भ (मातृभाषया अर्थः) हिन्दी में भरा हुआ —
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English | मातृभाषया अर्थः |
|---|---|---|---|---|
| सरोवरः | जलाशयः | तालाब | Pond / Lake | तालाब, सरोवर |
| गजः | हस्ती | हाथी | Elephant | हाथी |
| शशकः | शशः | खरगोश | Rabbit | खरगोश |
| मृताः | हताः | मरे हुए | Dead | मरे हुए |
| भीताः | भययुक्ताः | डरे हुए | Scared | डरे हुए, भयभीत |
| प्रतिबिम्बम् | प्रतिबिम्बम् | प्रतिबिम्ब | Reflection | परछाईं, प्रतिबिम्ब |
| चिन्तामग्नः | चिन्ताकुलः | चिन्तित | Worried | चिन्ता में डूबा हुआ |
| शशाङ्कः | चन्द्रः | चन्द्रमा | Moon | चाँद, चन्द्रमा |
| नाम्ना | नामधेयेन | नाम से | By name | नाम से |
पाठ के कुछ और उपयोगी शब्द: पिपासाकुलम् = प्यास से व्याकुल · वनान्तरात् = दूसरे वन से · समन्तात् = चारों ओर · क्षतविक्षताः = घायल · यूथाधिपः = झुंड का मुखिया · स्वरक्षार्थम् = अपनी रक्षा के लिए · चकितः = चकित, हैरान · कदापि न = कभी नहीं।
शब्द-रचना समझिए: चिन्तामग्नः = चिन्तायाम् मग्नः — चिन्ता में डूबा हुआ (जैसे जल में डूबना, वैसे ही चिन्ता में डूबना)। क्षतविक्षताः = क्षत (घाव) + विक्षत (गहरा घाव) — बुरी तरह घायल। संस्कृत में ऐसे समस्त पद तोड़कर देखने से अर्थ अपने-आप खुल जाता है।