कक्षा ६ संस्कृत अध्याय 10 बुद्धिः सर्वार्थसाधिका के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

कथा का ढाँचा बहुत साफ़ है। वन में एक नित्यजलपूर्णः महान् सरोवरः है। प्यास से व्याकुल हाथियों का झुंड दूसरे वन से वहाँ आता है, दिन भर जल पीता, नहाता, खेलता है और सूर्यास्त के समय लौट जाता है। सरोवर के किनारे की कोमल भूमि में शशकों के बिल हैं — हाथियों के चलने-फिरने से बिल धँसते हैं, बहुत-से शशक क्षतविक्षताः हो जाते हैं, कुछ मर भी जाते हैं। समस्या का हल सभा से नहीं, एक बुद्धिमान् व्यक्ति से निकलता है। सायंकाल शशकों की सभा होती है, सब अपना-अपना मत रखते हैं ( स्वमतं प्रकाशयन्ति ) पर समाधान नहीं मिलता। अन्त में शशकराज कहता है — ‘अहमेव उपायं चिन्तयामि’ — उपाय मैं ही सोचूँगा। उपाय क्या है? शशकराज रात में गजराज के पास जाकर कहता है कि यह सरोवर चन्द्रमा का निवास-स्थान है, शशक उसकी प्रजा हैं, इसीलिए चन्द्रमा का नाम शशाङ्कः (शश + अङ्क = जिसके चिह्न में शश हो) है। गजराज प्रमाण माँगता है, और जल में चन्द

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दःसंस्कृत-अर्थःहिन्दीEnglish
सरोवरःजलाशयःतालाबPond / Lake
गजःहस्तीहाथीElephant
शशकःशशःखरगोशRabbit
मृताःहताःमरे हुएDead
भीताःभययुक्ताःडरे हुएScared
प्रतिबिम्बम्प्रतिबिम्बम्प्रतिबिम्बReflection
चिन्तामग्नःचिन्ताकुलःचिन्तितWorried
शशाङ्कःचन्द्रःचन्द्रमाMoon
नाम्नानामधेयेननाम सेBy name
पिपासाकुलम्तृषार्तम्प्यास से व्याकुलThirsty, restless
क्षतविक्षताःआहताःघायल, लहूलुहानInjured, wounded
यूथाधिपःगजयूथस्य नायकःझुंड का मुखियाLeader of the herd
स्वरक्षार्थम्आत्मरक्षणायअपनी रक्षा के लिएFor self-protection
सर्वार्थसाधिकासर्वेषाम् अर्थानां साधिकासब कार्य सिद्ध करने वालीThat accomplishes every purpose
  1. दशमः पाठः
  2. दशमः पाठः
  3. वयं शब्दार्थान् जानीमः
  4. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  5. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  6. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  7. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  8. योग्यताविस्तरः
  9. परियोजनाकार्यम्
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