प्र1.
उदाहरणानुसारं समुचितैः क्रियापदैः रिक्तस्थानानि पूरयन्तु — धातुः / एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम् — [उदाहरणम् : गम् — गच्छति, गच्छतः, गच्छन्ति] — कथ् (कथयति, ....., .....), स्था (....., ....., तिष्ठन्ति), कृ (करोमि, कुर्वः, .....), जीव् (....., ....., जीवन्ति), चल् (....., चलावः, .....) ।
उत्तर
पूरी तालिका, भरे हुए रिक्तस्थान रँगे हुए —
| धातुः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
|---|---|---|---|---|
| गम् | गच्छति | गच्छतः | गच्छन्ति | प्रथमपुरुषः |
| कथ् | कथयति | कथयतः | कथयन्ति | प्रथमपुरुषः |
| स्था | तिष्ठति | तिष्ठतः | तिष्ठन्ति | प्रथमपुरुषः |
| कृ | करोमि | कुर्वः | कुर्मः | उत्तमपुरुषः |
| जीव् | जीवति | जीवतः | जीवन्ति | प्रथमपुरुषः |
| चल् | चलामि | चलावः | चलामः | उत्तमपुरुषः |
यहीं सबसे ज़्यादा भूल होती है — ध्यान से पढ़िए: तालिका की हर पंक्ति प्रथमपुरुष की नहीं है। दिए हुए रूप देखकर पुरुष पहचानिए —
• कृ की पंक्ति में दिया है करोमि (मि-चिह्न) और कुर्वः (वः-चिह्न) — दोनों उत्तमपुरुष के हैं। इसलिए बहुवचन में ‘कुर्वन्ति’ नहीं, कुर्मः आएगा।
• चल् की पंक्ति में दिया है चलावः (वः-चिह्न) — यह भी उत्तमपुरुष द्विवचन है। इसलिए एकवचन चलामि और बहुवचन चलामः होंगे।
• कृ की पंक्ति में दिया है करोमि (मि-चिह्न) और कुर्वः (वः-चिह्न) — दोनों उत्तमपुरुष के हैं। इसलिए बहुवचन में ‘कुर्वन्ति’ नहीं, कुर्मः आएगा।
• चल् की पंक्ति में दिया है चलावः (वः-चिह्न) — यह भी उत्तमपुरुष द्विवचन है। इसलिए एकवचन चलामि और बहुवचन चलामः होंगे।
प्रथमपुरुष-चिह्नानि : ति · तः · अन्ति
मध्यमपुरुष-चिह्नानि : सि · थः · थ
उत्तमपुरुष-चिह्नानि : मि · वः · मः
मध्यमपुरुष-चिह्नानि : सि · थः · थ
उत्तमपुरुष-चिह्नानि : मि · वः · मः
Tip: ‘कृ’ धातु के रूप विशेष हैं — करोति, कुरुतः, कुर्वन्ति / करोषि, कुरुथः, कुरुथ / करोमि, कुर्वः, कुर्मः। ये अन्य धातुओं की तरह सीधे नहीं चलते, इसलिए इन्हें कण्ठस्थ करना ही अच्छा है। ‘चल्’ के प्रथमपुरुष रूप हैं — चलति, चलतः, चलन्ति।