प्र1.
अधोलिखितानां पर्यायपदानां मेलनं कृत्वा रिक्तस्थानानि पूरयन्तु — (क) गजः / जलाशयः (ख) पदम् / शशाङ्कः (ग) चन्द्रः / जनता (घ) सरोवरः / चरणः (ङ) प्रजा / हस्ती । [उदाहरणम् : गजः — हस्ती]
उत्तर
दोनों स्तम्भ जान-बूझकर आगे-पीछे छापे गए हैं। सही जोड़े ये बनते हैं —
| शब्दः | पर्यायपदम् | हिन्दी अर्थः | |
|---|---|---|---|
| (क) | गजः | हस्ती | हाथी |
| (ख) | पदम् | चरणः | पैर |
| (ग) | चन्द्रः | शशाङ्कः | चन्द्रमा |
| (घ) | सरोवरः | जलाशयः | तालाब |
| (ङ) | प्रजा | जनता | प्रजा, जनता |
पर्यायपद कैसे पहचानें: ‘पर्याय’ का अर्थ है समानार्थक शब्द। हर जोड़े का सूत्र शब्द के भीतर ही छिपा है — हस्ती = ‘हस्तः (सूँड़) यस्य अस्ति सः’, इसलिए हाथी; शशाङ्कः = ‘शशः अङ्के यस्य’, इसलिए चन्द्रमा; जलाशयः = ‘जलम् आशयति यस्मिन्’, इसलिए तालाब। बचा हुआ जोड़ा अपने-आप मिल जाता है।
Tip — कुछ और पर्यायपद जो इसी पाठ से बनते हैं: शशकः = शशः · मृतः = हतः · भीतः = भययुक्तः · चिन्तामग्नः = चिन्ताकुलः · नाम्ना = नामधेयेन · वनम् = अरण्यम्/काननम् · जलम् = पयः/नीरम्।