दीपकम् अध्याय 10 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अधोलिखितानां पर्यायपदानां मेलनं कृत्वा रिक्तस्थानानि पूरयन्तु — (क) गजः / जलाशयः (ख) पदम् / शशाङ्कः (ग) चन्द्रः / जनता (घ) सरोवरः / चरणः (ङ) प्रजा / हस्ती । [उदाहरणम् : गजः — हस्ती]
उत्तर

दोनों स्तम्भ जान-बूझकर आगे-पीछे छापे गए हैं। सही जोड़े ये बनते हैं —

शब्दःपर्यायपदम्हिन्दी अर्थः
(क)गजःहस्तीहाथी
(ख)पदम्चरणःपैर
(ग)चन्द्रःशशाङ्कःचन्द्रमा
(घ)सरोवरःजलाशयःतालाब
(ङ)प्रजाजनताप्रजा, जनता
पर्यायपद कैसे पहचानें: ‘पर्याय’ का अर्थ है समानार्थक शब्द। हर जोड़े का सूत्र शब्द के भीतर ही छिपा है — हस्ती = ‘हस्तः (सूँड़) यस्य अस्ति सः’, इसलिए हाथी; शशाङ्कः = ‘शशः अङ्के यस्य’, इसलिए चन्द्रमा; जलाशयः = ‘जलम् आशयति यस्मिन्’, इसलिए तालाब। बचा हुआ जोड़ा अपने-आप मिल जाता है।
Tip — कुछ और पर्यायपद जो इसी पाठ से बनते हैं: शशकः = शशः · मृतः = हतः · भीतः = भययुक्तः · चिन्तामग्नः = चिन्ताकुलः · नाम्ना = नामधेयेन · वनम् = अरण्यम्/काननम् · जलम् = पयः/नीरम्
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