कुतूहल अध्याय 1 क्रियाकलाप 1.1: आइए, सोचें और लिखें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
एक ऐसी ही अन्य समस्या के बारे में लिखें जिसे आपने हल करने का प्रयास किया हो।
उत्तर

यह आपका अपना अनुभव है, इसलिए अपने जीवन की किसी वास्तविक समस्या पर लिखिए। अच्छे उत्तर में तीन बातें होनी चाहिए — क्या गड़बड़ हुई, आपने कारण क्या समझा, और आपने जाँचा कैसे

घर या विद्यालय की कोई समस्या चुनिए, जैसे —

  • साइकिल चलाना अचानक भारी लगने लगा।
  • टी.वी. का रिमोट काम करना बंद हो गया।
  • ट्यूबलाइट टिमटिमाई पर जली नहीं।
  • खिड़की पर रखा पौधा पानी देने पर भी सूख गया।
  • रसोई के नल से पानी की केवल पतली धार आने लगी।
नमूना उत्तर: एक सुबह मेरी साइकिल चलाना बहुत भारी लगने लगा, जबकि टूटा-फूटा कुछ नहीं दिख रहा था। मैंने पहले अनुमान लगाया कि चेन सूख गई है, इसलिए उसे देखा — वह तेल लगी और आसानी से चल रही थी, अतः यह अनुमान गलत निकला। फिर मैंने अनुमान लगाया कि पिछले टायर में हवा कम है। मैंने अंगूठे से दोनों टायर दबाकर देखे — अगला कड़ा था पर पिछला आसानी से दब गया। विद्यालय के पास की दुकान से हवा भरवाते ही साइकिल फिर सरलता से चलने लगी। मेरा दूसरा अनुमान सही था।
यह उत्तर अच्छा क्यों है: इसमें एक स्पष्ट समस्या है, अनुमान जाँच से पहले बताए गए हैं, पहला अनुमान गलत निकलने की बात स्वीकारी गई है, और अंत में वह प्रमाण दिया गया है जिससे बात तय हुई — केवल “मैंने ठीक कर दिया” नहीं।
प्र2.
आपने किन चरणों का पालन किया?
उत्तर

अपने चरण क्रम से लिखिए और फिर उन्हें वैज्ञानिक विधि के पाँच चरणों से मिलाइए। ऊपर वाले साइकिल के उदाहरण के लिए —

वैज्ञानिक विधि का चरणमैंने वास्तव में क्या किया
1. अवलोकनसाइकिल चलाने में सामान्य से कहीं अधिक ज़ोर लगना पड़ा; कुछ टूटा हुआ नहीं दिखा।
2. प्रश्नमेरी साइकिल अचानक भारी क्यों हो गई?
3. अनुमानपहला अनुमान — चेन सूख गई है। दूसरा अनुमान — पिछले टायर की हवा निकल गई है।
4. परीक्षणचेन देखी और हिलाकर जाँची (वह ठीक थी)। दोनों टायरों को अंगूठे से दबाकर तुलना की।
5. विश्लेषणपिछला टायर आसानी से दब गया → उसमें हवा कम थी। हवा भरवाते ही साइकिल ठीक चलने लगी। दूसरा अनुमान सही सिद्ध हुआ।
इस क्रियाकलाप का उद्देश्य: आप पहले से ही वैज्ञानिक विधि का प्रयोग कर रहे थे, बस उसका नाम नहीं जानते थे। चरणों को इस क्रम में लिखने से विधि दिखाई देने लगती है, जिससे अगली बार आप उसे जान-बूझकर किसी कठिन समस्या पर लगा सकेंगे।
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