प्र1.
हम स्वयं अपने प्रश्नों के उत्तर ढूँढ़ने का प्रयास कैसे कर सकते है?
उत्तर
वैज्ञानिक विधि का पालन करके — यह एक छोटी और ईमानदार प्रक्रिया है जिसे किसी भी छोटी-बड़ी समस्या पर लगाया जा सकता है।
अवलोकन → प्रश्न → अनुमान → परीक्षण → विश्लेषण
- ध्यान से अवलोकन कीजिए। कारण तय किए बिना नोट कीजिए कि हो क्या रहा है।
- स्पष्ट प्रश्न बनाइए। “ऐसा क्यों होता है?” या “यह कैसे होता है?” अस्पष्ट प्रश्न का उत्तर भी अस्पष्ट ही मिलेगा।
- अनुमान लगाइए जो इसकी व्याख्या कर सके — और ध्यान रखिए कि वह अनुमान जाँचा जा सकता हो।
- अनुमान का परीक्षण प्रयोग, मापन या अधिक अवलोकन से कीजिए।
- परिणाम का विश्लेषण कीजिए। अनुमान सही निकला तो उत्तर मिल गया। गलत निकला तो यह असफलता नहीं है — नया अनुमान लगाइए और फिर परीक्षण कीजिए।
यह केवल मान लेने से बेहतर क्यों है: दावा तो कोई भी कर सकता है। जो अनुमान परीक्षण में खरा उतरा हो वह प्रमाण पर आधारित होता है, और कोई दूसरा व्यक्ति वही परीक्षण दोहराकर वही परिणाम पा सकता है। इसी कारण वैज्ञानिक उत्तर विश्वसनीय होता है।
संकेत: जब घर पर परीक्षण संभव न हो तो वैज्ञानिक के अन्य साधन अपनाइए — विश्वसनीय पुस्तक पढ़िए, ध्यान से खोजिए, शिक्षक से पूछिए और सबसे बढ़कर मित्रों से चर्चा कीजिए। अध्याय याद दिलाता है कि विज्ञान अकेले कम ही होता है।