जिज्ञासा के पृष्ठ 6 पर दी गई वैज्ञानिक विधि के पाँच चरण। यदि चरण 5 में अनुमान गलत निकले तो हम चरण 3 पर लौटकर नया अनुमान लगाते हैं।
पुस्तक के अपने शब्दों में —
सबसे पहले, जो हमें रुचिकर लगता है या जिसे हम समझ नहीं पाते, हम उसका अवलोकन करते हैं।
यह हमें अचंभित करता है और शायद हम उसके बारे में एक प्रश्न सोचते हैं।
इसके बाद हम उस प्रश्न के संभावित उत्तर का अनुमान लगाते हैं।
इस अनुमान का हम प्रयोगों और अधिक अवलोकनों द्वारा सत्यापन करते हैं।
इसके बाद हम परिणामों का विश्लेषण करके देखते हैं कि क्या वास्तव में हमारे प्रश्न का उत्तर प्राप्त हुआ।
क्रम क्यों महत्वपूर्ण है: अनुमान परीक्षण से पहले आना चाहिए, और परीक्षण ऐसा हो जो अनुमान को गलत भी सिद्ध कर सके। यदि आप उत्तर पहले तय कर लें और फिर केवल उसी के पक्ष की बातें ढूँढ़ें, तो वह विज्ञान नहीं है। चरण 5 से चरण 3 पर लौटने वाला यह चक्र ही विधि को ईमानदार बनाए रखता है।
क्या आप जानते हैं? विज्ञान केवल तथ्यों और आँकड़ों को याद करना नहीं है, और केवल प्रयोग करना भी नहीं है। पुस्तक स्पष्ट कहती है कि यह उत्तर ढूँढ़ने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया का पालन करना है।
प्र2.
क्या आपने अनुभव किया है कि हमारे दैनिक जीवन में ऐसी अनेक परिस्थितियाँ आती हैं जहाँ हम जाने-अनजाने वैज्ञानिक विधि का प्रयोग करते हैं?
उत्तर
हाँ। पाँच चरण जान लेने के बाद ये हमें हर जगह दिखने लगते हैं। अध्याय स्वयं तीन उदाहरण देता है, और घर पर ऐसे दर्जनों उदाहरण मिलेंगे।
व्यक्ति
अवलोकन
प्रश्न
अनुमान
परीक्षण
रसोइया
दाल कुकर से बाहर निकल गई
बाहर क्यों निकली?
कुकर में बहुत अधिक पानी था
उतनी ही दाल कम पानी में पकाकर देखना
साइकिल मरम्मत करने वाला
टायर की हवा निकल गई है
हवा कहाँ से बाहर निकली?
ट्यूब में छेद है
ट्यूब में हवा भरकर पानी में डुबोना और बुलबुले देखना
विद्युत कर्मी
बल्ब नहीं जल रहा
दोष बल्ब में है या स्विच में?
बल्ब फ्यूज़ हो गया है
वही बल्ब किसी चालू होल्डर में लगाकर देखना
आप
मोबाइल चार्ज नहीं हो रहा
दोष चार्जर, केबल या सॉकेट में है?
केबल भीतर से टूटी है
उसी सॉकेट में दूसरी केबल लगाकर देखना
अध्याय का बड़ा संदेश: “वैज्ञानिक वे लोग होते हैं जो वैज्ञानिक विधि का प्रयोग करते हैं… परंतु जो भी व्यक्ति वैज्ञानिक विधि का पालन करता है वह एक वैज्ञानिक की तरह कार्य करता है।” वैज्ञानिक की पहचान सफ़ेद कोट या प्रयोगशाला नहीं, सोचने का ढंग है। जब हम प्रश्न पूछते और उत्तर ढूँढ़ते हैं तो एक तरह से हम सभी वैज्ञानिकों जैसा कार्य करते हैं।
फिर विज्ञान पढ़ना क्यों आवश्यक है: हम सब इस विधि का थोड़ा-बहुत प्रयोग छोटी समस्याओं पर करते हैं। विज्ञान पढ़ने से यह क्षमता बढ़ती है और हम इसे बड़ी समस्याओं पर लगा पाते हैं — जैसे प्रदूषित नदी को स्वच्छ करना, अधिक अन्न उगाना या किसी रोग का उपचार खोजना।
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