कुतूहल अध्याय 1 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
इस पुस्तक की सहायता से हम क्या खोजेंगे?
उत्तर

अध्याय स्वयं यात्रा का मानचित्र दे देता है। हम अपने ही घर — पृथ्वी — से आरंभ करेंगे और धीरे-धीरे तारों तक पहुँचेंगे।

विषयकिस प्रकार के प्रश्न पूछे जाएँगे
पृथ्वी और पर्यावरणपृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह क्यों है जिस पर जीवन है? इसके पर्यावरण की रक्षा कैसे करें?
जीवन की विविधताबीज से पौधा कैसे बनता है? इल्ली तितली कैसे बन जाती है? मरुस्थल, जंगल और समुद्र-तट पर पौधे-जंतु कैसे जीवित रहते हैं?
भोजनभारत में इतने प्रकार के पकवान हैं — वे किससे बनते हैं? किसी भोजन में क्या-क्या है, यह कैसे पता करें?
जलबारिश क्यों और कैसे होती है? जल ठंडा करने पर बर्फ और गरम करने पर भाप क्यों बन जाता है?
गरम और ठंडाकोई वस्तु कितनी गरम है, यह कैसे मापें — एक गिलास जल या ज्वर में तपता हमारा शरीर?
आस-पास के पदार्थकागज़, धातु, प्लास्टिक, रबर, कपड़ा और चुंबक किससे बने हैं? एक पदार्थ को दूसरे से कैसे पृथक करें?
गति और प्रकाशवस्तुएँ कैसे गति करती हैं? पत्ती की संरचना कैसी होती है? मूँगफली के छिलके कैसे अलग करते हैं?
पृथ्वी से परेसूर्य, चंद्रमा और आकाश में चमकने वाले लाखों तारे।
इस पृष्ठ की सबसे बड़ी बात: जैसे-जैसे हम अधिक खोज करते हैं, हमें समझ आने लगता है कि ये सभी विचार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। बारिश जल का भी विषय है और ऊष्मा का भी; भोजन पौधों का भी है और पदार्थों का भी। विज्ञान आठ अलग-अलग सूचियाँ नहीं, एक ही विषय है।
प्र2.
इन पौधों और जंतुओं का विकास किस प्रकार होता है?
उत्तर

प्रत्येक सजीव भोजन लेकर, उससे शरीर के नए भाग बनाकर और थोड़ा-थोड़ा जुड़ते हुए वृद्धि करता है। परंतु पौधे और जंतु यह काम अलग-अलग ढंग से करते हैं।

 पौधेजंतु
भोजन कहाँ सेअपनी हरी पत्तियों में सूर्य के प्रकाश, मिट्टी के जल और वायु से स्वयं भोजन बनाते हैं।भोजन नहीं बना सकते; पौधे या दूसरे जंतु खाते हैं।
और क्या चाहिएजल, वायु, सूर्य का प्रकाश, मिट्टी के खनिज, उपयुक्त तापभोजन, जल, वायु, ताप, आश्रय
वृद्धि कैसे दिखती हैजड़ें गहरी जाती हैं, तना ऊँचा और मोटा होता है, नई पत्तियाँ, फूल और फल आते हैंशरीर लंबा, ऊँचा और भारी होता है; कुछ जंतुओं का रूप ही बदल जाता है
कब रुकती हैअनेक पौधे जीवन भर बढ़ते रहते हैंअधिकांश जंतु वयस्क होने पर बढ़ना बंद कर देते हैं

क्या अवलोकन कर सकते हैं: पुस्तक के दोनों चित्र यही दिखाते हैं।

  • बीज जल सोखता है, फूलकर फटता है, नीचे जड़ और ऊपर प्ररोह भेजता है और नन्हा पौधा बन जाता है।
  • इल्ली (कैटरपिलर) खूब पत्तियाँ खाती है, बढ़ती है, फिर एक खोल में विश्राम करती है और अंत में सुंदर तितली बनकर निकलती है। रूप के इस पूर्ण परिवर्तन को कायांतरण कहते हैं।
वृद्धि के लिए भोजन क्यों आवश्यक है: शरीर शून्य से नए भाग नहीं बना सकता। भोजन नए भागों का कच्चा माल भी देता है और उन्हें बनाने की ऊर्जा भी — ठीक वैसे ही जैसे दीवार उठाने के लिए राजमिस्त्री को ईंटें भी चाहिए और शक्ति भी।
यह करके देखिए: पाँच चने रातभर भिगोकर एक कटोरी में गीली रुई पर रखिए और खिड़की के पास रख दीजिए। एक सप्ताह तक प्रतिदिन सुबह स्केल से प्ररोह की लंबाई नापकर एक छोटा आलेख बनाइए। आपने वृद्धि को अपनी आँखों से देख लिया।
प्र3.
देशभर में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पकवान और उनको बनाने की विशिष्ट विधियाँ हैं। वे सब किससे बनते हैं? हम इसे कैसे पता करेंगे?
उत्तर

वे किससे बनते हैं: दो भारतीय व्यंजन चाहे कितने ही अलग दिखें, वे कुछ ही पोषक तत्वों से मिलकर बने होते हैं।

घटकहमारे लिए क्या करता हैभारतीय भोजन जिनमें अधिक है
कार्बोहाइड्रेटऊर्जा देता हैचावल, चपाती, आलू, गुड़
प्रोटीनशरीर बनाता और उसकी मरम्मत करता हैदाल, राजमा, पनीर, अंडा, मछली
वसाअधिक ऊर्जा देती और संचित करती हैघी, सरसों का तेल, मूँगफली, मक्खन
विटामिन और खनिजरोगों से बचाते हैं; हड्डी और रक्त बनाते हैंआँवला, अमरूद, पालक, दूध, केला
रूक्षांश और जलपाचन ठीक रखते हैंसलाद, साबुत अनाज, फल, पीने का जल

कैसे पता करेंगे — अनुमान से नहीं, परीक्षण से। आगे इसी पुस्तक में आप ये सरल परीक्षण करेंगे —

  • मंड (स्टार्च) का परीक्षण — पके चावल या आलू के टुकड़े पर आयोडीन विलयन की एक बूँद डालिए। मंड होने पर रंग नीला-काला हो जाता है।
  • वसा का परीक्षण — भोजन को कागज़ पर रगड़कर सुखाइए। यदि तैलीय धब्बा बने जिससे प्रकाश आर-पार दिखे, तो वसा उपस्थित है। मूँगफली और सेब के टुकड़े से करके तुलना कीजिए।
  • प्रोटीन का परीक्षण — भोजन के लेप पर कॉपर सल्फेट विलयन और कॉस्टिक सोडा विलयन की कुछ बूँदें डालने पर प्रोटीन होने पर बैंगनी रंग आता है।
भारतीय रसोई में इसका महत्व: केवल चावल की थाली ऊर्जा तो देगी पर शरीर बनाने वाला पदार्थ पर्याप्त नहीं देगी। इसीलिए पारंपरिक थाली में चावल या रोटी के साथ दाल (प्रोटीन), सब्ज़ी (विटामिन और खनिज), दही (प्रोटीन और कैल्शियम) और थोड़ा घी (वसा) होता है। हमारी दादी-नानी ने संतुलित आहार इन परीक्षणों के आविष्कार से बहुत पहले खोज लिया था — परीक्षण केवल यह बताते हैं कि वह क्यों सही है।
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