प्र1.
चित्र में बनाए गए विभिन्न पौधों और जंतुओं के बारे में आपके क्या विचार हैं?
उत्तर
जब सभी विद्यार्थी श्यामपट्ट पर चित्र बना लेते हैं, तब तीन बातें स्पष्ट दिखती हैं।
- दो चित्र प्राय: एक जैसे नहीं होते। 40 विद्यार्थियों की कक्षा में भी श्यामपट्ट आम, नीम, तुलसी, गुलाब, सूरजमुखी, केला, गाय, कुत्ता, तोता, मोर, तितली, हाथी, मछली, बिल्ली से भर जाता है — एक ही छोटे से क्षेत्र से इतनी विविधता।
- कुछ नाम बार-बार आते हैं। आम, गुलाब, गाय, तोता और तितली अनेक विद्यार्थी बनाते हैं, क्योंकि ये सामान्य हैं और सरलता से दिख जाते हैं।
- हर चित्र भिन्न विशेषताएँ दिखाता है। किसी पौधे का तना मोटा है, किसी का पतला; किसी जंतु के चार पाद हैं, किसी के दो, किसी के एक भी नहीं; किसी के पंख हैं तो किसी के पख।
चित्र इतने भिन्न क्यों हैं: प्रत्येक विद्यार्थी ने वही पौधा या जंतु चुना जिसे उसने ध्यान से देखा और जो उसे सबसे अच्छा लगा। सबका घर, गली और अनुभव भिन्न है, इसलिए पूरी कक्षा मिलकर उतनी जैव विविधता अंकित कर लेती है जितनी अकेला कोई नहीं कर सकता।
क्या आप जानते हैं? चित्र बनाने से पहले 30 सेकेंड आँखें बंद करना कोई खेल नहीं है — यह आपको पुस्तक के चित्र से नहीं, बल्कि अपने स्वयं के अवलोकन की स्मृति से पौधा या जंतु याद करने पर बाध्य करता है।