कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.3

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
एक समान विशेषताओं के आधार पर उनके समूह बनाइए। आपके द्वारा बनाए गए पौधों और जंतुओं के समूहों के आधार को कक्षा के अन्य समूहों के साथ साझा करें और उन पर चर्चा करें।
उत्तर

सभी कार्ड एकत्र करने के बाद एक समय में एक ही विशेषता चुनिए और उसी के आधार पर सारे कार्ड छाँटिए। छह विद्यार्थियों के एक समूह ने ऐसा किया:

चुना गया आधारसमूह 1समूह 2
पौधे — फूलों की उपस्थितिगुलाब, सूरजमुखी, गुड़हल, सरसोंफर्न, मॉस, चीड़, घास (फूल दिखाई नहीं देते)
पौधे — कठोर या कोमल तनाआम, नीम, गुलाब (कठोर)टमाटर, धनिया, पालक (कोमल)
जंतु — खान-पान का स्वभावगाय, बकरी, हिरण, टिड्डा (पादपभक्षी)शेर, मेंढक, किलकिला (जंतुभक्षी)
जंतु — रहने का स्थानमछली, डॉल्फिन, व्हेल (जल)ऊँट, कुत्ता, हाथी (थल)

साझा करते समय क्या कहें: स्पष्ट बताइए कि आपने कौन-सी एक विशेषता चुनी, और दिखाइए कि आपके समूह का हर कार्ड उस पर खरा उतरता है। यदि एक कार्ड भी फिट न बैठे तो आधार पर्याप्त स्पष्ट नहीं है और उसे फिर से लिखना होगा।

एक समय में एक ही विशेषता क्यों: यदि दो विशेषताएँ एक साथ लें — जैसे "ऊँचा और फूलों वाला" — तो बिना फूल वाले ऊँचे पौधे के लिए कोई समूह ही नहीं बचेगा। अच्छा आधार हर कार्ड को ठीक एक समूह में रखता है।
प्र2.
आप यह देखकर आश्चर्यचकित होंगे कि विभिन्न समूहों द्वारा उपयोग किए गए आधार भिन्न हो सकते हैं। आपको क्या लगता है इसके पीछे के कारण क्या हैं?
उत्तर

आधार इसलिए भिन्न होते हैं क्योंकि किसी पौधे या जंतु में अनेक विशेषताएँ होती हैं और हर समूह की दृष्टि पहले किसी एक पर पड़ी।

  • अलग-अलग विशेषताएँ पहले दिखीं। किसी समूह ने पौधों की ऊँचाई देखी; किसी ने फूलों की उपस्थिति या अनुपस्थिति; किसी ने कठोर या कोमल तना (चित्र 2.2)।
  • कार्ड अलग-अलग थे। जिस समूह की पत्रिकाओं में जलीय जंतु अधिक थे, उसने स्वाभाविक रूप से "रहने का स्थान" चुना।
  • रुचि और अनुभव भिन्न हैं। कृषक परिवार का विद्यार्थी पहले "फ़सल है या नहीं" सोचता है; पालतू पशु रखने वाला "पालतू या जंगली" सोचता है।
  • इनमें से कोई भी ग़लत नहीं है। कोई एक "सही" आधार नहीं होता — बस कुछ आधार आपके प्रश्न के लिए अधिक उपयोगी होते हैं।
यह सीख क्यों महत्वपूर्ण है: समूह हम अपनी सुविधा के लिए बनाते हैं। वैज्ञानिक भी वही आधार चुनते हैं जो उनके प्रश्न का उत्तर दे — चिकित्सक इस आधार पर कि कौन-सा जंतु रोग फैलाता है, किसान इस आधार पर कि कौन फ़सल को हानि पहुँचाता है, जीवविज्ञानी शरीर की संरचना के आधार पर। अध्याय ने पौधों के लिए ऊँचाई व तना और जंतुओं के लिए गति को चुना है।
प्र3.
समूह बनाने का क्या महत्व है?
उत्तर

समूह बनाने से पौधों और जंतुओं को उनकी समानताओं और भिन्नताओं के आधार पर समझना और अध्ययन करना सरल हो जाता है। विस्तार से देखें तो चार लाभ हैं:

  • विशाल संख्या कुछ मुट्ठी भर समूहों में सिमट जाती है। हज़ारों पौधे अलग-अलग याद रखने के बजाय तीन समूह — शाक, झाड़ी, वृक्ष — याद रखिए और यह कि कौन-सा पौधा कहाँ आता है।
  • पूर्वानुमान संभव हो जाता है। यदि पता है कि पौधा एकबीजपत्री है, तो बिना खोदे कहा जा सकता है कि उसकी जड़ें झकड़ा हैं और पत्तियों की शिराएँ समांतर।
  • ढूँढ़ना और तुलना करना सरल हो जाता है। मिलते-जुलते जीव एक साथ रहते हैं, इसलिए समूहों के बीच का अंतर तुरंत उभर आता है।
  • दैनिक कार्य में सहायता मिलती है। किसान पूरे समूह की फ़सलों के लिए एक ही उपचार तय करता है; वन अधिकारी पूरे आवास-समूह के लिए एक योजना बनाता है।
रोज़मर्रा का प्रमाण: 5,000 दवाओं वाली एक दुकान सोचिए। प्रकार के अनुसार रखी हों तो पत्ता कुछ सेकंड में मिल जाता है; एक ढेर में डाल दी जाएँ तो वही खोज एक घंटा ले सकती है। दवाएँ नहीं बदलीं — केवल व्यवस्था बदली।
क्या आप जानते हैं? दैनिक जीवन में समूह बनाने के महत्व के विषय में आप अध्याय हमारे आस-पास की सामग्री में और अधिक जानेंगे।
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