कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.5

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
प्रकृति की सैर के समय आपके द्वारा एकत्रित किए गए विभिन्न पौधों की पत्तियों को देखें। क्या आपको इन पत्तियों की आकृति और संरचना में भिन्नता दिखती है?
उत्तर

हाँ — बहुत अधिक भिन्नता। हर पत्ती को प्रकाश के सामने रखकर देखिए, अंतर स्पष्ट हो जाएगा।

किसमें भिन्नताआप क्या देखते हैं
आकृतिघास में लंबी और पतली; गुड़हल में चौड़ी और नुकीली; मनी प्लांट में हृदयाकार; चीड़ में सूई जैसी
आकारतुलसी की नन्ही पत्ती और एक मीटर लंबी केले की पत्ती
किनाराआम में चिकना; तुलसी और गुलाब में दाँतेदार
सतहनीम में चिकनी और चमकदार; कुछ में खुरदरी या रोमयुक्त
भागों की संख्याआम में एक ही फलक; नीम और इमली में एक वृंत पर अनेक पर्णिकाएँ
शिराएँपत्ती में चलती पतली रेखाएँ — गुड़हल में जाल जैसी, केले और घास में समानांतर
अंतिम पंक्ति सबसे महत्वपूर्ण क्यों है: आकृति और आकार तो एक ही पौधे की दो पत्तियों में भी बदल जाते हैं — पुरानी पत्ती नई से बड़ी होती है। परंतु किसी पौधे में शिराओं का पैटर्न कभी नहीं बदलता। जो लक्षण स्थिर रहता है, वही समूह बनाने का विश्वसनीय आधार बनता है — इसीलिए अध्याय अब शिरा-विन्यास लेता है।
प्र2.
आपको चित्र 2.4 (क) और चित्र 2.4 (ख) में दिखाई गई पत्तियों की शिराओं में क्या अंतर दिखाई देते हैं?
उत्तर

पत्ती में चलती पतली रेखाओं को शिराएँ कहते हैं और उनके द्वारा बने पैटर्न को शिरा-विन्यास। दोनों चित्र दो पैटर्न दिखाते हैं।

(क) गुड़हल — जालिकारूपी शिरा-विन्यास (ख) केला — समांतर शिरा-विन्यास
शिराओं के दो पैटर्न। (क) में पार्श्व शिराएँ बार-बार शाखित होकर जाल बनाती हैं; (ख) में शिराएँ एक सिरे से दूसरे सिरे तक साथ-साथ चलती हैं और कहीं नहीं मिलतीं।
 चित्र 2.4 (क) — गुड़हल की पत्तीचित्र 2.4 (ख) — केले की पत्ती
पैटर्नमोटी मध्य शिरा के दोनों ओर शिराओं का जाल जैसा पैटर्नशिराएँ समानांतर चलती हैं
नामजालिकारूपी शिरा-विन्याससमांतर शिरा-विन्यास
क्या शिराएँ मिलती हैं?हाँ — बार-बार शाखित होकर फिर जुड़ती हैंनहीं — साथ-साथ चलती रहती हैं
अन्य उदाहरणआम, नीम, तुलसी, सरसों, चनाघास [चित्र 2.4 (ग)], गेहूँ, मक्का, गन्ना
स्वयं जाँचिए: गुड़हल की एक पत्ती और घास की एक पत्ती धूप के सामने रखकर देखिए। गुड़हल का जाल और घास की सीधी रेखाएँ बिना किसी लेंस के दिख जाती हैं।
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