कुतूहल अध्याय 2 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
ऐसी कौन-सी अन्य विशेषताएँ हो सकती हैं जिनके आधार पर आप पौधों के विभिन्न समूह बना सकते हैं?
उत्तर

ऊँचाई और तने की प्रकृति के अतिरिक्त पौधों के समूह अनेक विशेषताओं पर बन सकते हैं:

  • पत्तियों का शिरा-विन्यास — जालिकारूपी या समांतर (इसी प्रश्न के तुरंत बाद यही लिया गया है)।
  • जड़ का प्रकार — मूसला जड़ या झकड़ा जड़।
  • बीज में बीजपत्रों की संख्या — द्विबीजपत्री या एकबीजपत्री।
  • फूलों की उपस्थिति या अनुपस्थिति — गुलाब में फूल आते हैं, फर्न में कभी नहीं।
  • पत्ती की आकृति और अभिविन्यास — चौड़ी या पतली; एक बिंदु पर एक पत्ती या सम्मुख जोड़ी।
  • उगने का स्थान — जल में (कमल, जलकुंभी), थल पर (नीम), मरुस्थल में (नागफनी), पर्वतों पर (देवदार)।
  • जीवन काल — कुछ महीने (गेहूँ, सरसों), कुछ वर्ष (केला), या बहुत लंबा (बरगद)।
  • हमारे लिए उपयोग — खाद्य फ़सलें, औषधीय पौधे (तुलसी, घृतकुमारी), इमारती लकड़ी, सजावटी पौधे।
सबसे अच्छा आधार कौन-सा है? वही जिसे जाँचना सरल हो और जो आयु या ऋतु के साथ न बदले। ऊँचाई पौधे के बढ़ने के साथ बदलती है और फूल केवल एक ऋतु में आते हैं, परंतु पत्ती का शिरा-विन्यास और जड़ का प्रकार जीवन भर एक जैसा रहता है — इसीलिए अध्याय अपना मुख्य वर्गीकरण इन्हीं पर खड़ा करता है।
प्र2.
क्या आपको लगता है कि पत्तियों में पाए जाने वाले शिरा-विन्यास के आधार पर पौधों के समूह बनाए जा सकते हैं?
उत्तर

हाँ। शिरा-विन्यास सर्वोत्तम आधारों में से एक है, क्योंकि पैटर्न केवल दो हैं और हर पत्ती स्पष्ट रूप से इनमें से किसी एक में आ जाती है।

जालिकारूपी शिरा-विन्यास वाले पौधे → गुड़हल, आम, नीम, तुलसी, सरसों, चना, गुलाब
समांतर शिरा-विन्यास वाले पौधे → केला, घास, गेहूँ, मक्का, गन्ना, बाँस, लेमन घास
दो स्पष्ट समूह, न कोई छूटता है और न कोई दोनों में आता है
यह आधार इतना उपयोगी क्यों है:
  • अवलोकन सरल है — एक पत्ती और थोड़ी-सी धूप पर्याप्त है; कुछ खोदना या काटना नहीं पड़ता।
  • यह पौधे की आयु या ऋतु के साथ नहीं बदलता
  • यह अन्य लक्षणों का पूर्वानुमान देता है। जैसा अगले क्रियाकलापों में दिखेगा, जालिकारूपी शिरा-विन्यास वाले पौधे में प्राय: मूसला जड़ और दो बीजपत्र होते हैं तथा समांतर वाले में झकड़ा जड़ और एक बीजपत्र। एक पत्ती देखकर पौधे की तीन बातें पता चल जाती हैं।
प्र3.
आइए, अब पौधों की जड़ों के बारे में जानने का प्रयास (अन्वेषण) करते हैं। क्या सभी पौधों में जड़ें होती हैं? क्या ये जड़ें एक जैसी होती हैं?
उत्तर

आपके आस-पास दिखने वाले लगभग सभी पौधों में जड़ें होती हैं — परंतु सभी जड़ें एक जैसी नहीं होतीं।

क्या सभी पौधों में जड़ें होती हैं? उद्यान, खेत या पार्क में मिलने वाले हर पौधे में — घास, टमाटर, गुलाब, आम — जड़ें होती हैं। वे पौधे को मिट्टी में दृढ़ता से थामती हैं तथा जल और खनिज ग्रहण करती हैं। (मॉस और तैरते शैवाल जैसे कुछ सरल पौधों में वास्तविक जड़ें नहीं होतीं, जिनके विषय में आप उच्च कक्षाओं में पढ़ेंगे।)

क्या जड़ें एक जैसी होती हैं? नहीं। दो पौधे सावधानी से खोदकर देखिए, दो स्पष्ट रूप से भिन्न व्यवस्थाएँ मिलेंगी:

  • सरसों के पौधे में एक मुख्य मोटी जड़ सीधी नीचे जाती है और उससे छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं।
  • घास के पौधे में कोई मुख्य जड़ होती ही नहीं — तने के आधार से समान माप की पतली जड़ों का गुच्छा निकलता है।
खोदने से पहले सुझाव: पहले मिट्टी को गीला करके खुरपी से ढीला कीजिए। जड़ें पतली होती हैं और सरलता से टूट जाती हैं, और टूटी जड़ें ग़लत चित्र दिखाएँगी। अवलोकन से पहले जड़ों को पानी से धोइए और बाद में शाक को दोबारा लगा दीजिए।
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