प्र1.
ऐसी कौन-सी अन्य विशेषताएँ हो सकती हैं जिनके आधार पर आप पौधों के विभिन्न समूह बना सकते हैं?
उत्तर
ऊँचाई और तने की प्रकृति के अतिरिक्त पौधों के समूह अनेक विशेषताओं पर बन सकते हैं:
- पत्तियों का शिरा-विन्यास — जालिकारूपी या समांतर (इसी प्रश्न के तुरंत बाद यही लिया गया है)।
- जड़ का प्रकार — मूसला जड़ या झकड़ा जड़।
- बीज में बीजपत्रों की संख्या — द्विबीजपत्री या एकबीजपत्री।
- फूलों की उपस्थिति या अनुपस्थिति — गुलाब में फूल आते हैं, फर्न में कभी नहीं।
- पत्ती की आकृति और अभिविन्यास — चौड़ी या पतली; एक बिंदु पर एक पत्ती या सम्मुख जोड़ी।
- उगने का स्थान — जल में (कमल, जलकुंभी), थल पर (नीम), मरुस्थल में (नागफनी), पर्वतों पर (देवदार)।
- जीवन काल — कुछ महीने (गेहूँ, सरसों), कुछ वर्ष (केला), या बहुत लंबा (बरगद)।
- हमारे लिए उपयोग — खाद्य फ़सलें, औषधीय पौधे (तुलसी, घृतकुमारी), इमारती लकड़ी, सजावटी पौधे।
सबसे अच्छा आधार कौन-सा है? वही जिसे जाँचना सरल हो और जो आयु या ऋतु के साथ न बदले। ऊँचाई पौधे के बढ़ने के साथ बदलती है और फूल केवल एक ऋतु में आते हैं, परंतु पत्ती का शिरा-विन्यास और जड़ का प्रकार जीवन भर एक जैसा रहता है — इसीलिए अध्याय अपना मुख्य वर्गीकरण इन्हीं पर खड़ा करता है।