प्र1.
आपके द्वारा एकत्रित किए गए पौधों की जड़ों में क्या समानताएँ और क्या भिन्नताएँ हैं?
उत्तर
समानताएँ: धोई गई हर जड़ भूमिगत थी, हरी नहीं थी, शाखित थी, पौधे को मिट्टी में दृढ़ता से थामे थी, और उसके सिरे के पास महीन मूल-रोम थे जो जल और खनिज सोखते हैं।
भिन्नताएँ: ये ठीक दो व्यवस्थाओं में आती हैं।
| मूसला जड़तंत्र | झकड़ा (रेशेदार) जड़तंत्र | |
|---|---|---|
| मुख्य जड़ | एक मोटी मुख्य जड़ सीधी नीचे | कोई मुख्य जड़ नहीं |
| अन्य जड़ें | मुख्य जड़ से निकलती छोटी पार्श्व जड़ें | तने के आधार से समान माप की पतली जड़ों का गुच्छा |
| गहराई | मिट्टी में गहराई तक जाती है | सतह के पास फैलती है |
| उसी पौधे का शिरा-विन्यास | जालिकारूपी | समांतर |
| उदाहरण | सरसों, गुड़हल, मूली, गाजर, चना | घास, गेहूँ, मक्का, लेमन घास, प्याज़ |
दो आकृतियाँ क्यों हैं: गहरी मूसला जड़ सतह से बहुत नीचे का जल तक पहुँच सकती है, इसीलिए सरसों और चना सूखे खेतों में भी टिक जाते हैं। चौड़ा, उथला झकड़ा जड़तंत्र मिट्टी की ऊपरी परत को कसकर पकड़ता है, इसीलिए घास नदी के किनारे या खेल के मैदान की मिट्टी को बहने से रोकती है।