कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.6

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आपके द्वारा एकत्रित किए गए पौधों की जड़ों में क्या समानताएँ और क्या भिन्नताएँ हैं?
उत्तर

समानताएँ: धोई गई हर जड़ भूमिगत थी, हरी नहीं थी, शाखित थी, पौधे को मिट्टी में दृढ़ता से थामे थी, और उसके सिरे के पास महीन मूल-रोम थे जो जल और खनिज सोखते हैं।

भिन्नताएँ: ये ठीक दो व्यवस्थाओं में आती हैं।

 मूसला जड़तंत्रझकड़ा (रेशेदार) जड़तंत्र
मुख्य जड़एक मोटी मुख्य जड़ सीधी नीचेकोई मुख्य जड़ नहीं
अन्य जड़ेंमुख्य जड़ से निकलती छोटी पार्श्व जड़ेंतने के आधार से समान माप की पतली जड़ों का गुच्छा
गहराईमिट्टी में गहराई तक जाती हैसतह के पास फैलती है
उसी पौधे का शिरा-विन्यासजालिकारूपीसमांतर
उदाहरणसरसों, गुड़हल, मूली, गाजर, चनाघास, गेहूँ, मक्का, लेमन घास, प्याज़
दो आकृतियाँ क्यों हैं: गहरी मूसला जड़ सतह से बहुत नीचे का जल तक पहुँच सकती है, इसीलिए सरसों और चना सूखे खेतों में भी टिक जाते हैं। चौड़ा, उथला झकड़ा जड़तंत्र मिट्टी की ऊपरी परत को कसकर पकड़ता है, इसीलिए घास नदी के किनारे या खेल के मैदान की मिट्टी को बहने से रोकती है।
प्र2.
चित्र 2.5 (क) और चित्र 2.5 (ख) में प्रदर्शित पौधों की जड़ों में आप क्या भिन्नताएँ देखते हैं?
उत्तर

चित्र 2.5 (क) सरसों का पौधा है और चित्र 2.5 (ख) सामान्य घास का पौधा। दोनों चित्र यह दिखाते हैं:

मुख्य जड़ (मूसला जड़) पार्श्व जड़ें (क) मूसला जड़ — सरसों समान माप की अनेक पतली जड़ें (ख) झकड़ा जड़ — घास
बिंदुदार रेखा भूमि की सतह है। सरसों में एक मुख्य जड़ गहराई में जाती है और उससे पार्श्व जड़ें निकलती हैं; घास में तने के आधार से समान मोटाई की जड़ों का गुच्छा निकलता है।
  • चित्र 2.5 (क) — सरसों: जड़ में एक मुख्य जड़ होती है जिससे छोटी-छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं। ऐसी जड़ को मूसला जड़ कहते हैं। मूसला जड़ वाले एक अन्य पौधे का उदाहरण गुड़हल है, जिसे आपने क्रियाकलाप 2.1 में देखा था।
  • चित्र 2.5 (ख) — घास: जड़ें तने के आधार से निकलती समान माप की पतली जड़ों के गुच्छों के रूप में दिखाई देती हैं। ऐसी जड़ों को झकड़ा जड़ अथवा रेशेदार जड़ कहते हैं।
क्या आप जानते हैं? थाली में रखी मूली, गाजर या शलजम वास्तव में मूसला जड़ ही है — वह इसलिए फूली हुई है क्योंकि पौधे ने उसमें भोजन संचित किया है।
प्र3.
क्या आपके संग्रह में कोई अन्य घास सम्मिलित है? यदि हाँ, तो इसकी जड़ें किस प्रकार की हैं?
उत्तर

हाँ — और उन सभी में झकड़ा (रेशेदार) जड़ें ही होती हैं।

आपने संभवत: दूब घास, लेमन घास, या गेहूँ, मक्का अथवा धान के छोटे पौधे खोदे होंगे — ये भी घास ही हैं। किसी की भी मिट्टी धोकर देखिए, वही चित्र मिलेगा: कोई एक मुख्य जड़ नहीं, केवल तने के आधार से निकलती लगभग समान मोटाई की पतली जड़ों का घना गुच्छा।

हर घास में यही क्यों होता है: सभी घास एकबीजपत्री हैं — उनके बीज में एक ही बीजपत्र होता है। एकबीजपत्री पौधों की पत्तियों में सदैव समांतर शिरा-विन्यास और जड़ों में झकड़ा जड़तंत्र होता है। इसलिए जैसे ही आप किसी पौधे को घास पहचान लेते हैं, ये दोनों बातें बिना जाँचे बताई जा सकती हैं।
स्वयं जाँचिए: खेल के मैदान के किनारे से दूब घास का छोटा गुच्छा उखाड़कर मिट्टी झाड़ने का प्रयास कीजिए। मिट्टी चिपकी रह जाती है — रेशेदार जड़ों की चटाई उसे बाँधे रखती है। इसीलिए नहरों के किनारों और मैदानों में घास लगाई जाती है, ताकि वर्षा में मिट्टी न बहे।
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