प्र1.
क्या किसी पौधे की पत्ती में शिरा-विन्यास के प्रकार और उसकी जड़ के प्रकार के बीच कोई संबंध होता है? हम कैसे इसका पता लगा सकते हैं?
उत्तर
हाँ, स्पष्ट संबंध है — और पता लगाने का ढंग यह है कि अनेक पौधों के आँकड़े एकत्र करके उनमें पैटर्न खोजा जाए।
विधि (यही क्रियाकलाप 2.7 है):
- पाँच या अधिक भिन्न पौधे लीजिए — जितने अधिक उतना अच्छा, ताकि पैटर्न संयोग न रह जाए।
- प्रत्येक पौधे की दो बातें अंकित कीजिए: पत्तियों का शिरा-विन्यास (जालिकारूपी या समांतर) और जड़ का प्रकार (मूसला या झकड़ा)।
- दोनों को एक ही तालिका में आमने-सामने लिखिए, ताकि जोड़ी एक दृष्टि में दिखे।
- तालिका देखकर पूछिए: क्या एक प्रकार का शिरा-विन्यास सदैव एक ही प्रकार की जड़ के साथ आता है?
सदाबहार → जालिकारूपी शिरा-विन्यास + मूसला जड़
लेमन घास → समांतर शिरा-विन्यास + झकड़ा जड़
चना → जालिकारूपी + मूसला | गेहूँ → समांतर + झकड़ा
जोड़ियाँ दोहराती हैं — इसलिए संबंध वास्तविक है।
लेमन घास → समांतर शिरा-विन्यास + झकड़ा जड़
चना → जालिकारूपी + मूसला | गेहूँ → समांतर + झकड़ा
जोड़ियाँ दोहराती हैं — इसलिए संबंध वास्तविक है।
अनेक पौधे जाँचना क्यों आवश्यक है: दो पौधों का मेल संयोग हो सकता है। जब दस में से दसों वही जोड़ी दिखाएँ, तब उसे सामान्य नियम कहा जा सकता है। यही तो अध्याय 1 की वैज्ञानिक विधि है — अवलोकन, अनुमान, परीक्षण, विश्लेषण।