चरण 1 — सूचियाँ। लगभग 20 सहपाठियों से सूची लीजिए और गिनिए कि किस वस्तु का नाम कितने बच्चों ने लिखा। प्रायः परिणाम ऐसा मिलता है: आलू के चिप्स (17), कार्बोनेटेड ठंडे पेय (15), टॉफी (14), इंस्टेंट नूडल्स (11), पैकेटबंद केक और क्रीम बिस्कुट (9), तला हुआ समोसा और बर्गर (8)।
चरण 2 — पत्र। पत्र छोटा, शिष्ट और अपने आँकड़ों पर आधारित रखिए।
नमूना पत्र:
सेवा में,
प्रधानाध्यापक महोदय/महोदया,
[विद्यालय का नाम], [स्थान]
विषय: विद्यालय परिसर में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने हेतु अनुरोध
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि हम कक्षा छह के विद्यार्थियों ने विज्ञान के आहार संबंधी अध्याय के अंतर्गत अपनी कक्षा में एक छोटा सर्वेक्षण किया। बीस विद्यार्थियों ने वे अल्पाहार लिखे जो वे प्रायः खाते हैं। आलू के चिप्स 17 विद्यार्थियों ने, ठंडे पेय 15 ने और टॉफी 14 ने लिखी। अध्याय में हमने पढ़ा कि ऐसे खाद्य पदार्थों में उच्च शर्करा और वसा के कारण अधिक कैलोरी होती है, परंतु प्रोटीन, विटामिन, खनिज और आहारीय रेशे बहुत कम होते हैं, तथा इनके बार-बार सेवन से मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
अतः हमारा विनम्र अनुरोध है कि विद्यालय की कैंटीन तथा द्वार के बाहर की दुकानों पर आलू के चिप्स, कार्बोनेटेड पेय और टॉफी की बिक्री रोकी जाए। इनके स्थान पर भुने चने, मुरमुरा, ऋतु के फल, उबला भुट्टा, अंकुरित अनाज की चाट, छाछ, नींबू पानी और गुड़-मूँगफली की चिक्की उपलब्ध कराई जाएँ। ये सस्ते, सुलभ और कहीं अधिक स्वास्थ्यप्रद हैं।
आपकी कृपा के लिए हम आभारी रहेंगे।
आपका/आपकी आज्ञाकारी,
[नाम], कक्षा छह-[वर्ग], अनुक्रमांक [ ]
दिनांक: [ ]
सर्वेक्षण से पत्र सशक्त क्यों होता है: वास्तविक विद्यार्थियों से एकत्र किए गए आँकड़ों पर आधारित अनुरोध को अनदेखा करना कठिन होता है। यही अंतर है केवल शिकायत और प्रमाण में।