कुतूहल अध्याय 4 क्रियाकलाप 4.7

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
मान लीजिए हम दिक्सूचक सुई और चुंबक के बीच लकड़ी का एक टुकड़ा रखते हैं। क्या इससे दिक्सूचक सुई के विक्षेपण पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर

नहीं, कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दिक्सूचक की सुई लगभग उतना ही विक्षेपित होती है जितना पहले होती थी। लकड़ी चुंबकीय प्रभाव को नहीं रोकती।

चुंबक → हवा → सुई : सुई विक्षेपित होती है
चुंबक → लकड़ी → सुई : सुई तब भी लगभग उतनी ही विक्षेपित होती है
ऐसा क्यों होता है: लकड़ी एक अचुंबकीय पदार्थ है। चुंबक का चुंबकीय प्रभाव अचुंबकीय पदार्थों के आर-पार ऐसे निकल जाता है मानो वे वहाँ हों ही नहीं। वास्तव में केवल चुंबक और सुई के बीच की दूरी मायने रखती है — इसलिए लकड़ी सरकाते समय चुंबक की दूरी बिलकुल न बदलने दीजिए, वरना आप स्वयं को ही धोखा दे बैठेंगे।
प्र2.
क्या लकड़ी का टुकड़ा मध्य में रखने से दिक्सूचक सुई के विक्षेपण पर कोई प्रभाव हुआ? अपने अवलोकन तालिका 4.2 में अंकित करें।
उत्तर

कोई विशेष प्रभाव नहीं हुआ। इसे इस प्रकार अंकित कीजिए —

क्र. सं.चुंबक और दिक्सूचक सुई के मध्य रखी गई सामग्रीअवलोकन
1.लकड़ीसुई पहले की तरह ही विक्षेपित होती है — विक्षेपण में कोई विशेष परिवर्तन नहीं
स्वयं जाँचें: क्रम सही रखिए — पहले बिना किसी वस्तु के विक्षेपण नोट कीजिए, फिर चुंबक और दिक्सूचक को हिलाए बिना लकड़ी बीच में सरकाइए और फिर विक्षेपण नोट कीजिए। इन दोनों पाठ्यांकों की तुलना ही परिणाम को विश्वसनीय बनाती है।
प्र3.
लकड़ी के टुकड़े के स्थान पर कार्डबोर्ड शीट, पतली प्लास्टिक शीट और पतली काँच की शीट रखकर उपरोक्त प्रक्रिया दोहराएँ।
उत्तर

चारों के लिए परिणाम एक ही रहता है। पूरी की गई तालिका 4.2 —

क्र. सं.चुंबक और दिक्सूचक सुई के मध्य रखी गई सामग्रीअवलोकन
1.लकड़ीविक्षेपण में कोई विशेष परिवर्तन नहीं
2.कार्डबोर्डविक्षेपण में कोई विशेष परिवर्तन नहीं
3.प्लास्टिकविक्षेपण में कोई विशेष परिवर्तन नहीं
4.काँचविक्षेपण में कोई विशेष परिवर्तन नहीं

निष्कर्ष:

चुंबकीय प्रभाव अचुंबकीय पदार्थों के भीतर से होकर उनके पार जा सकता है — लकड़ी, कार्डबोर्ड, प्लास्टिक और काँच उसे नहीं रोकते।
यह रोज़ कहाँ दिखता है: फ्रिज का चुंबक कागज की मोटी शीट को स्टील के दरवाज़े से चिपकाए रखता है — चुंबकत्व कागज के पार पहुँच जाता है। चित्र 4.12 की भूलभुलैया में गत्ते की ट्रे के नीचे चलाया गया चुंबक ऊपर रखी स्टील की गेंदों को खींचता है। दुकान के काँच के दरवाज़े का चुंबक और कपड़े से ढके पेंसिल बॉक्स के फ्लैप का चुंबक भी ऐसे ही काम करते हैं।
क्या आप जानते हैं? नर्म लोहे की शीट इस प्रभाव को बहुत घटा देती है, क्योंकि लोहा चुंबकीय है और चुंबकत्व को स्वयं में समेट लेता है। इसीलिए अध्याय कहता है कि चुंबकों के सिरों पर नर्म लोहे के दो टुकड़े रखकर उन्हें संभालना चाहिए।
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