प्र1.
क्या फीता और छड़ उस पैमाने के समान हैं जो मेरी बड़ी बहन के ज्यामिति बॉक्स में है? चार अँगुल से माँ का क्या तात्पर्य है?
उत्तर
हाँ — तीनों ही लंबाई मापने के उपकरण हैं, परंतु प्रत्येक अलग-अलग कार्य के लिए बना है। और चार अँगुल का अर्थ है “चार अँगुली की चौड़ाई”, अर्थात् लगभग 6 cm से 8 cm अधिक कपड़ा।
| उपकरण | कैसा होता है | किसके लिए उपयुक्त |
|---|---|---|
| धातु की मापक छड़ (दुकानदार) | कठोर, सीधी छड़, प्रायः एक मीटर लंबी | काउंटर पर फैला कपड़ा — सीधी लंबाइयाँ |
| मापन-फीता (दर्जी) | लंबी, मुलायम एवं लचीली पट्टी जो मुड़ सकती है | छाती, कमर, आस्तीन — शरीर के वक्र भागों की लंबाई |
| 15 cm पैमाना (ज्यामिति बॉक्स) | छोटा, कठोर प्लास्टिक पैमाना, cm एवं mm में अंकित | पेंसिल, रबड़, कॉपी में खींची रेखाएँ |
अतः कार्य की दृष्टि से तीनों समान हैं — सभी पर अंकन हैं और सभी एक ही मात्रकों में लंबाई बताते हैं — किंतु ये लंबाई एवं कठोरता में भिन्न हैं।
चार अँगुल क्या है?
अँगुल = एक अँगुली की चौड़ाई
चार अँगुल = 4 × एक अँगुली की चौड़ाई
एक अँगुली की चौड़ाई ≈ 1.5 cm से 2 cm
अतः चार अँगुल ≈ 4 × 1.5 cm से 4 × 2 cm = 6 cm से 8 cm
चार अँगुल = 4 × एक अँगुली की चौड़ाई
एक अँगुली की चौड़ाई ≈ 1.5 cm से 2 cm
अतः चार अँगुल ≈ 4 × 1.5 cm से 4 × 2 cm = 6 cm से 8 cm
दीपा की माँ चाहती थीं कि वर्दी लगभग 6–8 cm अधिक लंबी हो, ताकि दीपा का कद और बढ़ने पर भी वर्दी पहनी जा सके।
ऐसा क्यों: अँगुल भारत के प्राचीन मात्रकों में से एक है, जिसका उल्लेख धनुष एवं योजन के साथ प्राचीन साहित्य में मिलता है और जिसका उपयोग बढ़ई तथा दर्जी आज भी करते हैं। यह शरीर पर आधारित मात्रक है — सदा साथ रहता है, इसलिए सुविधाजनक है — परंतु सबके लिए एक-सा नहीं होता। दर्जी की चार अँगुलियाँ माँ की चार अँगुलियों के बराबर हों, यह आवश्यक नहीं।
यह करके देखिए: 15 cm पैमाने से अपनी तर्जनी की चौड़ाई मापिए, फिर अपने पिता या माता की। दोनों को mm में लिखिए। जो अंतर मिलेगा, वही मानक मात्रकों की आवश्यकता का कारण है।