बहुत कम, और वह भी अधूरा! हम केवल इतना कह सकते हैं कि मेज की लंबाई लगभग 13 से 14 बालिश्त है — और यह वाक्य भी अधूरा है, क्योंकि इसमें यह नहीं बताया गया कि किसका बालिश्त।
| विद्यार्थी का नाम | बालिश्तों की संख्या |
|---|---|
| अनीश | 13 से थोड़ा अधिक |
| पद्मा | 13 |
| तस्नीम | 13 से थोड़ा कम |
| दीपा | 13 एवं 14 के बीच में |
| हरदीप | 14 |
पाँचों मित्रों के मापने के दौरान मेज की लंबाई तो बदली ही नहीं। केवल मात्रक बदला — और इसीलिए संख्या बदल गई।
लंबाई नियत है, अतः बड़ा बालिश्त होने पर संख्या छोटी,
और छोटा बालिश्त होने पर संख्या बड़ी मिलेगी।
कोई माप तभी सार्थक है जब सुनने वाला उसे दोहरा सके। “13 बालिश्त” को कोई दूसरा दोहरा नहीं सकता, अतः यह मेज की उचित माप नहीं है। हमें ऐसा मात्रक चाहिए जो सबके लिए एक समान हो।