कुतूहल अध्याय 8 क्रियाकलाप 8.3

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
एक काँच के गिलास में ठंडा जल लेकर उसमें बर्फ के कुछ टुकड़े डालें, इसे पाँच मिनट तक बिना हिलाए-डुलाए रखें और अवलोकन करें। अपने अवलोकनों और मन में उठने वाले प्रश्नों को तालिका 8.1 में अंकित करें।
उत्तर

तालिका 8.1 इस प्रकार भरी जा सकती है। आप अपने अवलोकन इसी ढंग से लिखिए — एक स्तंभ में जो दिखे, दूसरे में जो प्रश्न उठे

मेरे अवलोकनमेरे प्रश्न
गिलास की बाहरी सतह पर चारों ओर जल की छोटी-छोटी बूँदें दिखाई देती हैं।जल तो मैंने केवल गिलास के भीतर डाला था, तो ये बूँदें कहाँ से आईं?
छोटी बूँदें धीरे-धीरे मिलकर बड़ी बूँदें बन जाती हैं और नीचे की ओर बहने लगती हैं।छोटी बूँदें आपस में क्यों मिल जाती हैं?
बाहरी सतह छूने पर ठंडी और गीली लगती है।क्या गिलास से रिसाव हो रहा है? या ठंडक ही जल उत्पन्न कर रही है?
गिलास के नीचे मेज पर जल का घेरा बन जाता है।क्या भीतर का जल-स्तर उतना नीचे चला जाएगा?
बर्फ के टुकड़े छोटे होते जाते हैं और अंतत: पिघल जाते हैं।क्या बर्फ के पिघलने का बाहर की बूँदों से कोई संबंध है?
धातु के पात्र से भी यही होता है, पर सामान्य ताप के जल वाले गिलास से नहीं।तो क्या बूँदें बनने के लिए ठंडी सतह आवश्यक है?
पुस्तक प्रश्न भी लिखवाती क्यों है: विज्ञान में एक अच्छा प्रश्न उतना ही मूल्यवान है जितना एक अच्छा अवलोकन। ऊपर की अंतिम पंक्ति वही प्रश्न है जो अंतत: रहस्य सुलझा देता है — वह ठंडे और सामान्य ताप वाले गिलास की तुलना करके सीधे असली कारण की ओर संकेत करता है।
प्र2.
काँच के गिलास की बाहरी सतह पर जल की बूँदों की उपस्थिति को समझाते हुए उसके संभावित कारण बताएँ। अपने मित्रों से चर्चा करें और इसके संभावित कारणों को चित्र 8.3 में लिखें।
उत्तर

हर वह कारण लिखिए जो संभव लगे, चाहे बाद में वह गलत निकले। चित्र 8.3 और चित्र 8.4 के चारों बच्चे यही करते हैं।

संभावित कारणइसकी जाँच कैसे करेंनिर्णय
गिलास से बर्फ निकलकर बाहर पिघल गई होगी।किनारे को ध्यान से देखिए; बर्फ के टुकड़े पूरे समय भीतर ही रहते हैं।गलत
काँच की दीवार से जल रिस गया होगा।जल के स्तर को मार्कर से चिह्नित कर 30 मिनट बाद देखिए।गलत — स्तर नीचे नहीं जाता
बर्फ डालते समय जल छलक गया होगा।धीरे से डालिए, गिलास पोंछकर सुखाइए, फिर देखिए।गलत — बूँदें फिर भी बनती हैं
गिलास धोने के बाद पहले से ही गीला था।आरंभ करने से पहले उसे पूरी तरह पोंछ लीजिए।गलत — बूँदें फिर भी बनती हैं
वायु में विद्यमान जलवाष्प ठंडे काँच से मिलकर जल बन जाती है।पास में सामान्य ताप के जल वाला दूसरा गिलास रखिए। उस पर बूँदें नहीं बनतीं।सही
अंतिम कारण ही क्यों सही है: केवल यही एक कारण सभी अवलोकनों की एक साथ व्याख्या करता है — बूँदें केवल ठंडी सतह पर क्यों बनती हैं, काँच के साथ-साथ धातु पर भी क्यों बनती हैं, भीतर का स्तर क्यों नहीं घटता, और शुष्क दिन की अपेक्षा आर्द्र दिन में अधिक बूँदें क्यों बनती हैं।
सुझाव: चित्र 8.3 में कारण ऐसे वाक्यों में लिखिए जिनकी जाँच की जा सके। "गिलास में जादू है" की जाँच नहीं हो सकती; "काँच से जल रिस गया" की हो सकती है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ