कुतूहल अध्याय 8 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अपने आस-पास अवलोकन करें। वे कौन-सी परिस्थितियाँ हैं जो प्रभावित करती हैं कि जल कितनी तीव्रता से वाष्पित होगा? ठंडे दिन की तुलना में गरम दिन में आप वाष्पीकरण में क्या अंतर देखते हैं? (पंखा, कपड़े सूखना, पसीना आना, तीव्र हवाओं वाला दिन, गरम दिन, बरसात का दिन)
उत्तर

चार परिस्थितियाँ तय करती हैं कि जल कितनी तेजी से वाष्पित होगा। पुस्तक द्वारा सुझाए गए शब्दों में इनमें से हर एक दिखती है:

परिस्थितिवाष्पीकरण तब तीव्र होता है जब…आस-पास क्या दिखता है
तापअधिक गरमी होगरम दिन में कपड़े दोपहर तक सूख जाते हैं; जाड़े में वही कपड़े शाम तक नम रहते हैं
वायु की गतिवायु तेज चलेपंखा पोंछा लगे फर्श को जल्दी सुखा देता है; तीव्र हवाओं वाले दिन कपड़े सबसे जल्दी सूखते हैं
अनावृत्त (खुला) क्षेत्रजल अधिक क्षेत्र में फैला होतार पर पूरा फैलाया गया कपड़ा सिमटे हुए कपड़े से कहीं जल्दी सूखता है
आर्द्रतावायु शुष्क होबरसात के दिन वायु पहले से वाष्प से भरी होती है, अत: कपड़े और फर्श बहुत धीरे सूखते हैं

गरम दिन बनाम ठंडा दिन: गरम दिन में जल के कणों के पास पहले से अधिक ऊर्जा होती है, अत: प्रति सेकंड कहीं अधिक कण सतह से निकल भागते हैं। गड्ढा एक घंटे में सूख जाता है, पसीना त्वचा से तुरंत उड़कर हमें ठंडक देता है, और खुली बाल्टी का जल स्पष्ट रूप से घट जाता है। ठंडे दिन में यह सब होता तो है, पर कहीं धीरे — वाष्पीकरण कभी रुकता नहीं, केवल मंद पड़ता है।

चारों परिस्थितियाँ एक ही दिशा में क्यों काम करती हैं: वाष्पीकरण सतह से सबसे तेज कणों का निकलना है। ऊष्मा उन्हें अधिक गति देती है; बड़ा क्षेत्र अधिक कणों को निकलने का द्वार देता है; बहती वायु निकली हुई वाष्प को हटाकर द्वार खुला रखती है; और शुष्क वायु के पास उन्हें ग्रहण करने की अधिक जगह होती है।
सुझाव: इस विषय पर प्रयोग बनाते समय चारों में से केवल एक बदलिए और शेष तीन समान रखिए। क्रियाकलाप 8.7 और 8.8 ठीक यही करते हैं।
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