पूरा किया गया अनुच्छेद (सही विकल्प मोटे अक्षरों में):
लीला अपने पिता के साथ खेत में काम कर रही थी। तब उसे ध्यान आया कि वे पीने का पानी घर पर ही भूल आए हैं। इससे पहले कि उसके पिता को प्यास लगे, वह पास के तालाब से पानी लेने गई। डिब्बे में पानी लेने के बाद उसने ध्यान दिया कि पानी मटमैला है और पीने के लिए अयोग्य है। पानी शुद्ध करने के लिए, उसने पानी को कुछ समय के लिए रख दिया और उसके बाद मटमैले पानी को मलमल के कपड़े से निस्यंदित किया। तब लीला ने पानी को दस मिनट तक ढके बर्तन में उबाला। उबले पानी को उसने दोबारा से निस्यंदित किया और उसने पानी पीने योग्य बनाया।
आप ये शीर्षक दे सकते हैं: “लीला ने पानी को सुरक्षित बनाया”, “मटमैले तालाब से स्वच्छ गिलास तक”, “बेटी की समझदारी”, अथवा “अवसादन, निस्यंदन और उबालना”।
लीला बुद्धिमान क्यों कही गई: उसने तीन बातें सही क्रम में कीं — पहले पानी को रखा रहने दिया ताकि मिट्टी बैठ जाए (अवसादन), फिर कपड़े से छाना (निस्यंदन), और अंत में उबाला, क्योंकि छानने से केवल वही हटता है जो फँसने लायक बड़ा हो और रोगाणु उससे कहीं छोटे होते हैं।
सुझाव: उबालते समय बर्तन ढका रखा गया था। इससे पानी बचता है — भाप ढक्कन पर संघनित होकर वापस गिर जाती है, बाहर नहीं जाती।