कुतूहल अध्याय 9 और भी सीखें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
माता-पिता के साथ मनोरंजन— हमें अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है। अपने बड़ों की देख-रेख में पौधों के विभिन्न भागों का उपयोग कर घर पर कुछ हर्बल उपचार तैयार करने का प्रयास करें, जैसे— तुलसी का काढ़ा। हर्बल काढ़ा बनाने में आप किस पृथक्करण विधि का उपयोग करेंगे?
उत्तर

तुलसी का काढ़ा बनाते समय प्रयुक्त पृथक्करण विधियाँ:

काढ़ा बनाने का चरणपृथक्करण विधि
अच्छे तुलसी के पत्ते चुनना और खराब पत्ते, डंठल तथा धूल हटानाहस्त चयन
जड़ी-बूटियों, जड़ों या पत्तियों को भंडारण से पहले छाया में सुखानावाष्पीकरण (उनमें विद्यमान जल का)
सोंठ या काली मिर्च कूटकर मोटे टुकड़े छान लेनाछानना
उबले काढ़े को रखा रहने देना ताकि भारी कण नीचे बैठ जाएँअवसादन
ऊपर का स्वच्छ काढ़ा कप में उड़ेलना, अवशेष बर्तन में छोड़नानिस्तारण
काढ़े को छन्नी या मलमल के कपड़े से छाननानिस्यंदन
ढक्कन पर संघनित होकर वापस टपकती भापसंघनन
नमूना उत्तर — सरल तुलसी काढ़ा (किसी बड़े के साथ बनाइए): एक गिलास पानी उबालिए। उसमें 8–10 धुले तुलसी के पत्ते, 2 कुटी काली मिर्च, अदरक का छोटा कुटा टुकड़ा और 2 कुटी लौंग डालिए। ढककर तब तक धीमी आँच पर पकाइए जब तक वह लगभग आधा गिलास न रह जाए। चाय की चालनी से छानकर कप में लीजिए, थोड़ा ठंडा होने पर शहद या गुड़ मिलाइए और गुनगुना पीजिए। यहाँ मुख्य विधि निस्यंदन है।
जड़ी-बूटियाँ तेज़ धूप में नहीं, छाया में क्यों सुखाई जाती हैं: जैसा पुस्तक के ‘क्या आप जानते हैं?’ बॉक्स में लिखा है, छाया में सुखाने से आधिक्य जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है और औषधि का महत्वपूर्ण भाग सुरक्षित रहता है। तेज़ धूप पत्तियों के कोमल तत्वों को नष्ट कर सकती है।
प्र2.
रंगमंचीय नाटक— कल्पना करें कि मल्ली आप हैं और आपकी मित्र वल्ली है। पदार्थों के पृथक्करण की विभिन्न विधियों पर प्रकाश डालते हुए ‘संपूर्ण भारत की यात्रा’ को प्रस्तुत करने के लिए संवाद लिखें। अपने विद्यालय की सभा में नाटक प्रस्तुत करें।
उत्तर

अच्छी पटकथा में क्या होना चाहिए: पाँच पड़ावों के पाँच दृश्य, जिनमें से प्रत्येक विधि का नाम ले, उसे होते हुए दिखाए और बताए कि वह किस गुण का उपयोग करती है; कथा को आगे बढ़ाने वाला एक सूत्रधार; और एक छोटा समापन जो बताए कि हम पदार्थ पृथक क्यों करते हैं।

दृश्यस्थानदिखाई जाने वाली विधियाँ
1नानी जी का घर, हरियाणाहस्त चयन, थ्रेशिंग, ओसाई, छानना
2साबरमती, अहमदाबादवाष्पीकरण (समुद्री जल से नमक); दांडी यात्रा
3दादा जी का घर, पुडुचेरीअवसादन, निस्तारण, निस्यंदन
4भोपाल का एक ढाबामथना
5बुआ जी का घर, शिलांगचुंबकीय पृथक्करण
नमूना उत्तर — आरंभ के संवाद, जिन्हें आप आगे बढ़ा सकते हैं:

सूत्रधार: गरमी की छुट्टियाँ, और एक परिवार निकल पड़ा भारत की यात्रा पर। पहला पड़ाव — हरियाणा।
वल्ली: नानी जी, सब लोग अनाज में से क्या चुन रहे हैं?
नानी जी: कंकड़ निकाल रहे हैं बेटा, ताकि अनाज पकाने योग्य हो जाए। यह हाथ से किया जाता है — इसे हस्त चयन कहते हैं।
मल्ली: पर भूसी तो कंकड़ों से कहीं ज़्यादा है! क्या वह भी हाथ से चुनेंगे?
मामा जी (हँसकर): नहीं। उसके लिए हम पवन को बुलाते हैं। (वे सूप उठाकर अनाज गिराते हैं।)
वल्ली: देखिए! दाने सीधे नीचे गिर रहे हैं और भूसी उड़ रही है!
मामा जी: क्योंकि भूसी हल्की है। यही ओसाई है।
सूत्रधार: एक गुण, एक विधि। अब चलिए अहमदाबाद …
प्रस्तुति के लिए सुझाव: असली वस्तुएँ प्रयोग कीजिए — सूप, चालनी, चाय की चालनी, चुंबक और बुरादे-कीलों का कटोरा। दर्शक वही मानते हैं जो आँखों से होते देखते हैं, और विज्ञान कहीं अधिक समय तक याद रहता है।
प्र3.
सामूहिक क्रियाकलाप— एक सप्ताह के अंतर्गत आपके द्वारा अपनाई गई और अपने परिवेश में देखी गई पृथक्करण की विधियों की सूची बनाएँ। इन विधियों का उपयोग करने के पीछे का कारण बताएँ और जिस विधि का आपने सबसे अधिक उपयोग किया है अथवा देखा है, उसे अभिलेखित करें। अपने और अपने समूह के सदस्यों के अवलोकनों की तुलना करें।
उत्तर

इसे ठीक से कैसे करें: सात दिन तक एक छोटी डायरी रखिए। जब भी किसी मिश्रण को पृथक होते देखें, चार बातें लिखिए — कहाँ, क्या पृथक हुआ, कौन-सी विधि, और वह विधि क्यों चुनी गई। फिर गिनिए कि कौन-सी विधि कितनी बार आई।

दिन / स्थानक्या पृथक हुआविधिवही विधि क्यों
सोम — रसोईदाल से कंकड़हस्त चयनकंकड़ कम हैं, दिखते और उठाए जा सकते हैं
सोम — रसोईआटे से चोकरछाननाचोकर आटे के कणों से बड़ा है
मंगल — चाय के समयचाय से पत्तियाँनिस्यंदनपूरी सफाई चाहिए
बुध — चावल धोते समयचावल से मैल और भूसीनिस्तारणमैल तैरता या बैठता है; पानी उड़ेल दिया जाता है
गुरु — वर्षा के बादगड्ढे का पानी सूखनावाष्पीकरणधूप और हवा जल उड़ा ले जाते हैं
शुक्र — निर्माण स्थलरेत से कंकड़छाननाआकार का स्पष्ट अंतर
शनि — घरदही से मक्खनमथनामक्खन हल्का है और ऊपर तैरता है
रवि — कबाड़ की दुकानकचरे से लोहे के टुकड़ेचुंबकीय पृथक्करणकेवल लोहा आकर्षित होता है
आप क्या पाएँगे: लगभग हर समूह पाता है कि हस्त चयन, छानना और निस्यंदन सबसे अधिक बार आते हैं, क्योंकि घर के अधिकांश मिश्रण ठोस–ठोस या ठोस–द्रव होते हैं और उनके अवयवों के आकार भिन्न होते हैं। ऊष्मा माँगने वाली विधियाँ, जैसे वाष्पीकरण, घर में कम दिखती हैं।
तुलना और चर्चा: जिस सहपाठी का परिवार खेती करता है वह थ्रेशिंग और ओसाई बताएगा; जो समुद्र-तट के पास रहता है वह नमक के खेत। परिवेश अलग, फिर भी विधियों का वही छोटा-सा समूह — यह अच्छा निष्कर्ष है।
प्र4.
अपने समुदाय के दिग्गज बनें— कूड़ा बीनने वाले का साक्षात्कार लें। उसके द्वारा उसके दैनिक जीवन में उपयोग किए जाने वाली पृथक्करण की विधियों का अध्ययन करें। अपने समुदाय के 14 साल से छोटी उम्र के बच्चों को आस-पास के विद्यालय जाने के लिए प्रेरित करें।
उत्तर

साक्षात्कार कैसे लें: किसी शिक्षक या अभिभावक के साथ जाइए, पहले अनुमति लीजिए, आदर से बात कीजिए, बोलने से अधिक सुनिए और अंत में धन्यवाद कहिए। बिना पूछे किसी का फोटो कभी न लें।

पूछने योग्य प्रश्न:

  • आप किस-किस प्रकार का कचरा एकत्रित कर छाँटते हैं?
  • आप कैसे तय करते हैं कि कोई वस्तु किस ढेर में जाएगी?
  • क्या आप कोई उपकरण प्रयोग करते हैं — चुंबक, चालनी, कुंडा, दस्ताने?
  • सबसे कठिन सामग्री कौन-सी है और क्यों?
  • छाँटने के बाद हर ढेर का क्या होता है?
  • इस काम में आपको किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है?
छाँटा गया कचराकिस आधार परविधि
कागज, प्लास्टिक, काँच, कपड़ासामग्री का दिखना और छूने का अनुभवहस्त चयन (छँटाई)
लोहे और इस्पात का कबाड़चुंबक से आकर्षणचुंबकीय पृथक्करण
एल्युमिनियम बनाम लोहे के डिब्बेकेवल लोहा चुंबक से चिपकता हैचुंबकीय पृथक्करण
प्लास्टिक की बोतलें बनाम रेत-कंकड़प्लास्टिक जल पर तैरता है, कंकड़ डूब जाते हैंनिस्तारण / प्लवन
मिश्रित कचरे से बारीक धूलकण का आकारछानना
केस स्टडी का निष्कर्ष क्या होना चाहिए: कूड़ा बीनने वाले प्रतिदिन कुशल पृथक्करण करते हैं, मुख्यत: हस्त चयन द्वारा, और उनका काम पुनर्चक्रण का पहला चरण है। इससे बहुत बड़ी मात्रा में सामग्री लैंडफिल जाने से बच जाती है। उन्हें दस्ताने, जूते और मास्क जैसे सुरक्षा उपकरण तथा सम्मान मिलना चाहिए।
कार्य का दूसरा भाग भी उतना ही महत्वपूर्ण है: पता कीजिए कि परिवार का कोई बच्चा विद्यालय से बाहर तो नहीं है, माता-पिता को निकटतम सरकारी विद्यालय, मध्याह्न भोजन और निःशुल्क पुस्तकों की जानकारी दीजिए, और अपने कक्षा-शिक्षक को सूचित कीजिए। 14 वर्ष तक के हर बच्चे की शिक्षा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत उसका अधिकार है।
प्र5.
रिपोर्टर बनें— (क) आपके समुदाय में उपयोग की जाने वाली विभिन्न पृथक्करण की विधियों (जैसे खेतों में या निर्माण स्थलों में) के समाचारों की कतरनें और लेखों को एकत्रित करें (ख) किसी स्थानीय किसान द्वारा उपयोग की जाने वाली नवीनतम कृषि पृथक्करण विधियों के विषय में जानने के लिए उनका साक्षात्कार लें।
उत्तर

(क) कतरनों की फाइल बनाना। एक स्क्रैपबुक रखिए और उसे चार भागों में बाँटिए — कृषि, निर्माण, जल और कचरा एवं पुनर्चक्रण। हर कतरन चिपकाकर उसके नीचे लिखिए: तिथि, उसमें निहित पृथक्करण विधि और वह किस गुण का उपयोग करती है।

समाचार का प्रकारउसमें दिखने वाला पृथक्करण
फसल कटाई की खबरें, कंबाइन हार्वेस्टर, मंडी के चित्रथ्रेशिंग और ओसाई
रेत की छनाई, रेडी-मिक्स कंक्रीट संयंत्रछानना
जल-शोधन संयंत्र, बाढ़ के बाद फिल्टर बाँटनाअवसादन, निस्यंदन
गुजरात या तमिलनाडु में नमक उत्पादनवाष्पीकरण
कचरा पृथक्करण अभियान, क्रेन-चुंबक वाले कबाड़ यार्डहस्त चयन, चुंबकीय पृथक्करण
समुद्र में तेल-रिसाव की सफाईनिस्तारण / ऊपरी परत उतारना

(ख) किसान का साक्षात्कार — पूछने योग्य प्रश्न:

  • आपके बचपन में फसल की थ्रेशिंग कैसे होती थी और अब कैसे होती है?
  • क्या आप थ्रेशर या कंबाइन हार्वेस्टर प्रयोग करते हैं? वह अपना है, किराए का है या साझा?
  • क्या मशीन ओसाई भी करती है? भूसे का क्या किया जाता है?
  • मंडी भेजने से पहले दानों की सफाई और श्रेणीकरण कैसे होता है?
  • अगली बुवाई के लिए बीज कैसे छाँटे जाते हैं?
  • पुराना तरीका और मशीन — कौन तेज़ है और कौन सस्ता?
आप क्या सीखेंगे: सिद्धांत बिल्कुल नहीं बदला — थ्रेशर आज भी फसल को पीटता है और आज भी गिरते दानों के बीच हवा फेंकता है। बदली है तो केवल शक्ति — लकड़ी के लट्ठे और पवन की जगह डीज़ल इंजन और पंखा। कंबाइन हार्वेस्टर एक ही चक्कर में काटता, थ्रेश करता और ओसाई भी कर देता है।
प्र6.
वैज्ञानिक की भाँति सोचें— आपको एक मिश्रण दिया गया है जिसमें लोहे की कीलें, रेत, काली मिर्च, कंकड़, सादा नमक और जल हैं। मिश्रण के प्रत्येक अवयव को पृथक करने के लिए आप किन-किन चरणों का पालन करेंगे?
उत्तर

छह अवयव हैं — इसलिए एक बार में एक गुण का उपयोग कीजिए, और सबसे सरल अवयव पहले निकालिए। पूरा क्रम इस प्रकार है।

चरणक्या करेंविधिप्राप्त अवयव
1मिश्रण पर चुंबक घुमाइए। कीलें उससे चिपक जाएँगी।चुंबकीय पृथक्करणलोहे की कीलें
2कंकड़ और काली मिर्च हाथ से चुन लीजिए — दोनों बड़े हैं और रंग-आकृति से आसानी से पहचाने जाते हैं।हस्त चयनकंकड़ और काली मिर्च
3बचे मिश्रण को हिलाइए। नमक जल में घुल जाता है; रेत नहीं घुलती और तली में बैठ जाती है।अवसादनरेत तली में; नमक विलयन में
4ऊपर का स्वच्छ नमक-विलयन उड़ेल लीजिए, फिर उसे फिल्टर-पत्र से छान लीजिए ताकि रेत का एक कण भी न बचे। रेत सुखा लीजिए।निस्तारण और निस्यंदनरेत (अवशेष के रूप में)
5निस्यंद को गरम कीजिए (या धूप में रखिए) ताकि जल वाष्प बनकर उड़ जाए।वाष्पीकरणसादा नमक
6जल भी चाहिए तो वाष्प को ठंडी सतह पर ठंडा कीजिए, जिससे वह पुन: द्रव बन जाए।संघनन (आसवन)जल
मिश्रण
—[चुंबक]→ लोहे की कीलें
—[हस्त चयन]→ कंकड़, काली मिर्च
—[बैठाकर छानना]→ रेत
—[वाष्पीकरण]→ नमक  —[वाष्प का संघनन]→ जल
यही क्रम क्यों, कोई और क्यों नहीं:
  • चुंबक पहले, क्योंकि वह केवल लोहा उठाता है और कुछ नहीं, तथा नुकीली कीलें उँगलियाँ डालने से पहले निकल जाना ही अच्छा है।
  • हस्त चयन उसके बाद, क्योंकि कंकड़ और काली मिर्च अब बची हुई सबसे बड़ी वस्तुएँ हैं; इन्हें जल्दी हटा देने से आगे का काम आसान हो जाता है।
  • जल का उपयोग औज़ार की तरह इसके बाद ही होता है, क्योंकि तब केवल एक गुण बचता है — नमक घुलता है, रेत नहीं
  • वाष्पीकरण अंत में, क्योंकि उसके लिए ऐसा स्वच्छ विलयन चाहिए जिसमें और कुछ तैर न रहा हो।
चिंतन के चरण — अपने शब्दों में भरिए: “मैं यह अवलोकन करता/करती हूँ कि इस मिश्रण में बहुत भिन्न आकार के ठोस हैं, एक धातु है और एक ठोस ऐसा है जो जल में लुप्त हो जाता है। मैं विस्मित हूँ कि क्या मैं जल को ही पृथक्करण का साधन बना सकता/सकती हूँ।” पुस्तक का संकेत यही मुख्य विचार है: दो से अधिक अवयवों वाले मिश्रण के लिए पृथक्करण की कई विधियों का संयोजन करना पड़ता है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ