प्र1.
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए— (क) माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा। यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते?
उत्तर
कहानी को आगे बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि न्यायालय का दृश्य दिखाया जाए — दोनों पक्ष अपनी बात रखें और फिर निर्णय सुनाया जाए।
अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए:
- दोनों पक्षों के तर्क — आखेटक का और रक्षक का;
- न्यायाधीश का प्रश्न या कसौटी, जिससे निर्णय निकले;
- निर्णय और उसका कारण;
- अंत में हंस का क्या हुआ।
नमूना उत्तर: न्यायालय में भीड़ जुट गई। आखेटक ने कहा — “यह पक्षी मेरा है, मेरा तीर इसे लगा है, यह मेरा शिकार है।” राजकुमार सिद्धार्थ बोले — “यह पक्षी मेरा है, क्योंकि इसे जीवन मैंने दिया है।” न्यायाधीश ने सोचकर कहा — “जो वस्तु दो लोग माँग रहे हों, उसका फ़ैसला उससे पूछकर करना चाहिए जिसकी वह वस्तु है।” उन्होंने हंस को बीच में रख दिया। आखेटक ने अपना धनुष उठाया तो हंस काँपकर पीछे सरक गया, और जब सिद्धार्थ ने हाथ बढ़ाया तो वह लड़खड़ाता हुआ उनकी गोद में जा बैठा। न्यायाधीश ने कहा — “निर्णय हो गया। जीवन लेने वाले से बड़ा अधिकार जीवन देने वाले का है।” कुछ दिनों बाद जब हंस के पंख ठीक हो गए, सिद्धार्थ ने उसे स्वयं आकाश में उड़ा दिया — क्योंकि सच्ची रक्षा किसी को अपना बनाकर रखना नहीं, उसे स्वतंत्र कर देना है।